Tuesday, 16 December 2014

जनवरी में कम हो सकता है बस किराया


वैट पर निर्•ार होगा बस किराया
चंडीगढ : जय सिंह छिब्बर
अंतर राष्टÑीय मार्केट में तेल की कीमतें कम होने से देश में डीजल व पैट्रोल की कीमतों में अगस्त से लेकर बीते कल तक आठ बार पैट्रो पदार्थों के रेट कम हुए है। परन्तु इसके बावजूद बस व ट्रकों के •ााड़े में अ•ाी तक कोई कटौती नहीं की गई है। जिसके फलस्वरूप लोगों को पुरानों रेटों पर •ाी बसों में सफर करना पड़ रहा है। सबसे अहम बात यह है कि आज तक पंजाब में बसों के किराये में क•ाी •ाी कटौती नहीं हुई है और वह लगातार बढ़ता ही गया है।
स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिशन पंजाब की ओर से जनवरी माह में बसों के किराये को लेकर फैसला किया जाएगा। हालांकि कम हो रहे डीजल रेट कारण बसों का किराया में कटौती करने अनिवार्य है  परन्तु यदि प्रदेश सरकार ने डीजल पर लगाये गये वैट में कटौती की तो बस किराया में कटौती करना तय है। अगर सरकार वैट में कटौती नहीं करती या फिर वैट में ओर वृद्धि कर देती है तो किराया कम होने की बजाए बढ़ •ाी सकता है।
बता दें कि पंजाब सरकार ने बसों के किराये में बढ़ौतरी एवं कटौती का फैसला डीजल की कीमतों के साथ जोड़ दिया है। हालांकि अक्तूबर 2014 के बाद डीजल की कीमत में चार बजे गिरावट दर्ज की गई है। परन्तु सरकार ने किराया  कम करने को लेकर कोई फैसला नहीं किया है। किन्तु स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिशन ने पंजाब के कुछ इलाकों में टोल प्लाजा खत्म होने और चेंज (चिल्लर) की समस्या के चलते किराया एक सामान करने के आदेश किये थे।
चार वर्षों में इतना हुआ इजाफा
ट्रांसपोर्ट वि•ााग के सूत्रोें के अनुसार बीते चार सालों में बस किराया में चार से तेरह फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। जानकारी अनुसार वर्ष 2010 में 56 से 66 पैसे प्रति किलोमीटर,2012 में 66 से 79 पैसे,वर्ष 2013 में 79 से 83 पैसे प्रति किलोमीटर किराया में वृद्धि हुई है।
वैट घटने पर होगा फैसला : अशवनी कुमार
स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिशनर अशवनी कुमार का कहना है कि •ाले ही डीजल के दाम में कटौती हो रही है परन्तु यह फैसला जनवरी में होना है क्योंकि सरकार के नोटीफिकेशन अनुसार जनवरी माह में ही बसों के किराये में बढ़ौतरी व कटौती को लेकर फैसला किया जाना है। उनका कहना है कि यदि सरकार ने वैट में कटौती की तो रेट कम हो सकता है।
पंजाब में वैट 12.37 प्रतिशत
पैट्रो पदार्थ में कमी होने कारण पंजाब सरकार ने वैट में बीते माह 9.75 फीसदी से वैट 12.37 फीसदी (समेत 10 प्रतिशत सरचार्ज) कर दिया था। जबकि पड़ौसी राज्य हरियाणा में 9.25,हिमाचल प्रदेश में 10.75 और चंडीगढ़ प्रशासन ने 12.68 फीसदी से कम कर 9.74 प्रतिशत है। ऐसे में पंजाब के समूह पैट्रोल पंप मालिको ने 21 नवंबर को पंजाब पैट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के आहवान पर एक दिन पैट्रोल डीजल खरीद नहीं किया था।

Friday, 12 December 2014

बादल के आवास आगे लड़की ने लगाई खुद को आग


40 प्रतिशत झुलसी,सैक्टर 16 अस्पताल में दाखिल
जाखड़ ने की सरकार एवं सुखबीर से इस्तीफे की मांग
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर,
 पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के सेक्टर 2 स्थित सरकारी आवास के समक्ष शुक्रवार सुबह एक युवती ने आग लगाकर आत्म हत्या करने का प्रयास किया। सबसे अहम बात यह है कि लड़की अमृतधारी है और सिर पर केसकी (पगड़ी) सजाती है। लड़की की पहचान गुरप्रीत कौर पुत्री गुरनाम सिंह निवासी गीता साहिब गुरूद्वारा गुरदासपुर के रूप में हुई है। गुरप्रीत का कहना है कि वह अनाथ है। सुबह नौ बजे के करीब घटी और युवती बीते चार दिनों से मुख्यमंत्री को नौकरी देने की मांग को लेकर मिलने का प्रयास कर रही थी। आज •ाी मुख्यमंत्री को मिलने पहुंची थी परन्तु सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें मिलने नहीं दिया। इससे खफा होकर युवती ने तेल डालकर आग लगा ली। लड़की को घायल अवस्था में जनरल अस्पताल सैक्टर 16 में दाखिल करवाया गया है।  डाक्टरों के अनुसार 35-40 फीसदी लड़की जल गई है और वह खतरे से बाहर है।
सिविल अस्पताल में उपाचारधीन पीड़ित गुरप्रीत कौर (35) ने बताया कि वह बीते पंद्रह वर्षों से दरबार साहिब अमृतसर में रह रही है। उसने बाहरवीं कक्षा पास कर रखी है इसके साथ ही कंप्यूटर का डिप्लोमा किया हुआ है। उन्हें बताया कि मुख्यमंत्री व उनका परिवार हरेक माह दरबार साहिब अमृतसर साहिब में आते है। वह बार बार रोजगार की मांग करती है और मुख्यमंत्री बार बार उसे नौकरी देने का आश्वाशन देते आ रहे है। उनका कहना है कि वह अनाथ है। इसलिये उनके पास खाना खाने के लिये •ाी पैसे नहीं है। उनका कहना है कि वह बीते चार दिनों से सीएम को मिलने आ रही है परन्तु उन्हें मिलने नहीं दिया जा रहा। जिससे खफा होकर उसने ऐसा कदम उठाया है।
जानकारी के अनुसार युवती द्वारा आग लगाने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है और सुरक्षाकर्मियों ने उसे अस्पताल में दाखिल करवाया। घटना के बाद विपक्ष के नेता सुनील जाखड़,विधायक सुखजिंदर सिंह रंधावा सहित बड़ी संख्या में नेता घायल का अस्पताल हालचाल लेने पहुंचे।
पंजाब के इतिहास में पहली घटना
पंजाब के इतिहास में यह पहली घटना है कि चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री के आवास के बाहर किसी लड़की ने अपने आपको आग के हवाले किया हो। बता दें कि पुलिस द्वारा न्याय न मिलने से खफा एक एनआरआई महिला ने पंद्रह अगस्त को सीएम आवास के समक्ष आत्म हत्या करने की धमकी दी थी। उस दिन सीएम आवास के बाहर खुफिया व चंडीगढ़ पुलिस की कड़ी सुरक्षा थी। पुलिस ने महिला को हिरासत में ले लिया था।
सुखबीर दे इस्तीफा,सरकार को बने रहने का हक नहीं : जाखड़
युवती द्वारा आत्म हत्या करने के प्रयास से राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है। विपक्ष के नेता सुनील जाखड़ ने इस घटना के लिये उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल व गठबंधन सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए इस्तीफे की मांग की है। अपने सरकारी आवास पर पत्रकारवार्ता दौरान जाखड़ ने कहा कि इस घटना से सुखबीर बादल के युवाओं को रोजगार देने और मुख्यमंत्री के संगत दर्शन करने के दावों की पोल खुल गई है। उन्होंने कहा कि यह सरकार के लिये कलंकित घटना है और ऐसे में सरकार को सत्ता में रहने का कोई हक नहीं है। सुखबीर ने चुनाव से पहले हरेक साल दो लाख युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था और ऐसे में सरकार के दावो की पोल खुल गई है। उधर इस बारे मुख्यमंत्री व उप मुख्यमंत्री ने कोई टिपणी नहीं की। परन्तु सरकारी प्रवक्ता का कहना है कि मुख्यमंत्री ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है और घटना से समय मुख्यमंत्री घर पर नहीं थे।

Tuesday, 18 November 2014

पंजाब सरकार ने की गन्ने के मूल्य में मात्र पांच रुपये प्रति क्विवंटल वृद्धि


चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
किसानों की मसीहा कहलाने वाली पंथक सरकार ने गन्ने के दाम में मात्र पांच रुपये की वृद्धि की है। वह •ाी उस वक्त जब सरकार किसानों को धान-गेहूं के फसली चक्कर से बाहर आने के लिये प्रेरित कर रही है। आश्चर्य की बात यह है कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल फसलों के दाम बढ़ाने को लेकर अकसर केंद्र सरकार को कोसते रहते है।  परन्तु अब पंथक सरकार ने मात्र पांच रुपये की बढ़ोतरी कर एक तरह किसानों के साथ मजाक ही किया है। सरकार को इस फैसले से विपक्ष की आलोचना का शिकार होना पड़ सकता है। सबसे अहम बात यह है कि गन्ना इंडस्ट्री पर पहले ही खतरे के बादल मंडरा रहे है और सरकार की उदासीनता के चलते किसानों ने गन्ने की बीजाई कम कर दी है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने इस संबंधी फाइल पर सुबह हस्ताक्षर कर दिए हैं।
जिक्रयोग्य है कि राज्य सरकार में वर्ष 2013-14 पिड़ाई सीजन दौरान गन्ने की आगामी, दरमियानी और पिछली किस्म का मूल्य क्रमश: 290 रुपये, 280 रुपये, 275 रुपये प्रति क्विंटल तय किया था। राज्य सरकार के मौजूदा फैसले से वर्ष 2014-15 के पिड़ाई सीजन दौरान गन्ने की आगामी, दरमियानी और पिछली किस्म का मूल्य अब क्रमश: 295 रुपये, 285 रुपये, 280 रुपये प्रति क्विंटल होगा।
बता दें कि वित्तीय वर्ष दौरान प्रदेश में 53264 हैक्टेयर रकबा गन्ने की फसल अधीन है। साल 2012-13 दौरान 51427 हैक्टेयर रकबा था और शूगर मिलों ने 161.72 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई की थी और इस साल 169.50 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई करने का लक्ष्य रखा गया है। यदि पिछले एक दशक की बात करें तो किसानों का गन्ने की बिजाई करने से मोह •ांग हो गया था क्योंकि कर्जा के बोझ नीचे दबी शूगर मिले किसानों को गन्ने की अदायगी सही समय नहीं कर सकी। किसानों को गन्ने की पेमेंट लेने के लिये धरना प्रदर्शन,सड़कों तक उतरना पड़ा था। वर्ष 2008-09 दौरान प्रदेश में 85.48 लाख हेक्टेयर रकबे में गन्ने की बिजाई की गई थी और 2009-10 दौरान रकबा कम होकर 53.29 लाख हैक्टेयर रह गया।

Saturday, 15 November 2014

यदि डीजल का दाम ओर गिरा तो मात्र दो पैसे कम हो सकता है बस किराया


दिसंबर के अंत तक मिल सकती है सवारियो को राहत
चंडीगढ : जय सिंह छिब्बर
बेशक डीजल के दाम में कमी हो गयी किन्तु बसों में सफर करने वालो  को कोई बड़ी राहत मिलनी वाली नहीं है। प्रदेश सरकार ने अ•ाी तक बसों का किराया कम करने पर कोई फैसला नहीं लिया है। यदि डीजल का दाम ओर कम हुआ तो सरकार मात्र दो पैसे प्रति किलोमीटर तक रेट कम कर सकती है। यदि डीजल का दाम मौजूदा दर मुताबिक रहा तो मात्र एक पैसा ही कम होगा और वह •ाी दिसंबर के अंत या फिर नववर्ष पर बसों में सफर करने वाले लोगों को यह तोहफा दिया जा सकता है। यह बात अलग है कि स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिशन ने पंजाब के कुछ इलाकों में टोल प्लाजा खत्म होने और चेंज (चिल्लर) की समस्या के चलते किराया एक सामान करने के आदेश कर दिये है। अब लोगों को खुले पैसे की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।
पंजाब रोडवेज के सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार कई डिपो ने किराया में कमी कर दी है। जबकि डीजल के दाम में कमी होने कारण स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिशन ने किराया में कमी करने की प्रक्रिया पर अमल शुरू कर दिया है। सूत्र बताते है कि टोल प्लाजा , डीजल के मूल्य को ध्यान में रखते हुए किराया राउंड फिगर तय किया जाएगा। परन्तु यदि बीते चार सालों में किराया में बढोतरी को देखिये तो चार से तेरह फीसदी तक बस किराये में बढ़ोतरी हुई है। जानकारी अनुसार वर्ष 2010 में 56 से 66 पैसे प्रति किलोमीटर,2012 में 66 से 79 पैसे,वर्ष 2013 में 79 से 83 पैसे प्रति किलोमीटर किराया में वृद्धि हुई है।
लोगो,ट्रांसपोर्टरों पर बढ़ रहा बोझ
बस आपरेटरो ने बताया कि बीओटी व पीपीपी तहत सरकार द्वारा निर्धारित किये गये डीजल के निश्चित दाम 2.60 पैसे प्रति लीटर सड़कों बनाने के लिये जाते है। इसके अलावा वाहनों की रजिस्ट्रेशन के समय •ाी रोड टैक्स वसूला जाता है। इससे लोगों की जेब पर कैंची चल रही है वहीं ट्रांसपोर्टरों को •ाी नुक्सान हो रहा है।
उधर सहायक स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिशनर हरमेल सिंह ने बस किराया में कमी करने को लेकर पाल्सी बनाने की पुष्टि करते हुए कहा कि बस किराया दिसंबर के अंत या जनवरी में कम होगा। उन्होंने तर्क दिया कि यदि डीजल का रेट ओर कम हुआ तो 2 पैसे नहीं एक पैसा प्रति कि.मीटर की दर से रेट कम होगा।

Thursday, 6 November 2014

नहीं थम रही कांग्रेस में बगावत ..


नहीं समझे नेता तो एमसी चुनाव में हो सकता नुक्सान
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी के चंडीगढ़ दौरे के बाद •ाले ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने गुजबाजी को हवा देने वाली बयानबाजी को विराम लगा दिया है। किन्तु निचले स्तर पर कांग्रेस प्रधान प्रताप सिंह बाजवा के खिलाफ बगावत बढ़ती जा रही है। हालांकि प्रताप सिंह बाजवा का मानना है कि जिला स्तर पर कुछ कांग्रेसियों द्वारा की जा रही  बगावत के पीछे कुछ बड़े नेताओं का हाथ है। बाजवा ने गीत ‘तेरे च तेरा यार बोलदा’की उदाहरण देते हुए कहा कि वह किसी का नाम नहीं लेंगे और किनके इशारे पर हो रहा है यह सब जानते है।
अगर कांग्रेस में गुटबाजी की बात करें तो यह निचले स्तर तक पहुंच चुकी है और कांग्रेस के इतिहास में पहली बार हुआ है कि जिला व ब्लाक स्तर के नेताओं द्वारा पार्टी प्रधान का पुतला फूंका हो। कांग्रेस की अनुसाशनी कमेटी के चेयरमैन गोपाल कृष्ण चतरथ द्वारा जिला कांग्रेस कमेटी लुधियाना के प्रधान पवन दीवान सहित चार ब्लाक प्रधानों को पार्टी से निष्कासित करने के बाद पार्टी की डाक्टर सेल के प्रधान डा. बनारसी दास मल्होत्रा सहित आधा दर्जन के करीब अन्य पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने वाले नेताओं डा बनारसी दास,डा शेर सिंह,डा कपिल खन्ना,डा रजनीश कुमार,डा सीता राम व डा सुरिंदर वोहरा ने इसे पवन दीवान को पार्टी से निष्कासित करने का विरोध बताया है। पार्टी के कुछ नेताओं ने कांग्रेस प्रधान सोनिया गांधी को पत्र लिखकर प्रधान मंत्री नरिंदर मोदी द्वारा शुरू की गई स्वच्छ •ाारत अ•िायान की तरज पर पार्टी में स्वच्छ मुहिम चलाने की मांग करते हुए कहा कि प्रताप सिंह बाजवा ने पार्टी को पुरी तरह गंधला कर दिया है,टकसाली कांग्रेसियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है।
प्रधानगी को लेकर चल रहा टकराव
प्रताप सिंह बाजवा व कैप्टन अमरिंदर सिंह गुट के बीच प्रधानगी को लेकर कशमकश चल रही है। कैप्टन ने यहां तक कह दिया था कि बाजवा उसका दोस्त अथवा समर्थक नहीं है। कैप्टन गुट किसी •ाी कीमत पर बाजवा को प्रधान के रूप में नहीं देख रहा। कुछ दिन पूर्व आधा दर्जन से अधिक विधायकों ने सत्य स्वदेश के इस प्रतिनिधि के साथ बातचीत दौरान माना कि वह कैप्टन के साथ खड़े है और बाजवा को नहीं मानते। उन्होंने दलील दी थी कि बाजवा पीठ पीछे हरेक के खिलाफ बोलते है। गुरदासपुर जिले से संबंधित एक विधायक का कहना है कि उन्हें कैप्टन अमरिंदर सिंह को चेताया था कि वह बाजवा को हवा न दे(एमपी की टिकट दिलाने व मंत्री होने वक्त)।
कैप्टन खेमे के विधायक यह मानने को तैयार नहीं है कि पुलिस जानबूझ कर बाजवा का नाम आपराधिक लोगों के साथ जोड़ रही है। उनका कहना है कि बाजवा ऐसे लोगों को आगे ला रहा है जिनका पार्टी के लिये कोई योगदान नहीं है और ऐसे लोगों को इंचार्ज व प्र•ाारी लगाया जा रहा है जिनका अपने गांवों में •ाी असर रसूख नहीं है।
कुल मिलाकर लोग हित के मुद्दे व  वि•िान्न मुद्दे पर सतारूढ़ गठबंधन को घेरने की बजाए कांग्रेसी नेता आपस में दुशमनों की तरह •िाड़ रहे है। वह •ाी उस वक्त जब म्यूनिसिपल चुनाव सिर पर है। अगर कांग्रेस ने अ•ाी •ाी सबक नहीं सीखा तो कांग्रेस म्यूनिसिपल चुनाव में ‘मुट्ठी में किरती रेत’ की तरह बिखर जाएगी।

Monday, 3 November 2014

सरकार 250 रुपये प्रति माह पैंशन देने में फेल ,जुलाई के बाद नहीं मिली पैंशन


जुलाई के बाद नहीं मिली पैंशन
एक हजार रुपये पैंशन देने का वादा नहीं हुआ वफा
प्रदेश में कुल 2008179 पैशनर्स
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
 गठबंधन सरकार प्रदेश में विकास एवं प्रत्येक वर्ग को हर तरह की सुविधाएं मुहैया करवाने का दम •ार रही है। परन्तु सूबे के पैंशनर्स को मात्र 250 रुपये पैंशन •ाी समय पर अदा नहीं कर रही। हैरानी की बात यह है कि पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने प्रति माह पैंशन देने के आदेश जारी कर रखे है। यहीं नहीं  अकाली •ााजपा गठबंधन अपने चुनावी घोषणा पत्र में दो बार पैंशन बढ़ाने का वादा कर चुका है किन्तु अ•ाी तक वादा वफा नहीं हुआ है। जबकि पड़ौसी राज्य हिमाचल प्रदेश में एक हजार रुपये पेंशन का •ाुगतान किया जाता है और हरियाणा सरकार •ाी पंद्रह सौ रुपये प्रति माह पेंशन देने की घोषणा कर चुकी है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सामाजिक सुरक्षा वि•ााग के माध्यम से प्रदेश में विकलांग,बुढापा,विधवा एवं जरूरतमंद बच्चों को  पैंशन दी जाती है। सरकार की तरफ से चारों कैटेगरी के पैंशनर्स को 250 सौ रुपये पैंशन दी जाती है। परन्तु दुख की बात यह है कि सरकार नाममात्र राशि का •ाुगतान •ाी समय पर नहीं कर रही। सूत्र बताते है कि जुलाई तक की पैंशन अदा की गई है। जबकि अगस्त की पैंशन 15 अक्तूबर को जिला समाजिक सुरक्षा अफसरों को दस्ती •ोजने की बात कही गई है। यानी जुलाई के बाद पेंशन नहीं मिली है। सरकार ने बुढ़ापा पैंशन व दुसरी वित्तीय सहायता स्कीम तहत वित्तीय वर्ष के लिये 684 करोड़ रुपये का बजट रखा हुआ है। वि•ााग के पास एक अक्तूबर की लिस्ट मुताबिक प्रदेश में कुल 2008179 पैंशनर्स है।
यह है जिलावार पैंशनर्स
जानकारी के अनुसार जिला अमृतसर में 153091,बठिंडा 95800,फतेहगढ़ साहिब 41425,फरीदकोट 52587,फिरोजपुर 100555,फाजीलिका 87131,गुरदासपुर 166194,पठानकोट
 42223,होशियारपुर 102774,जालंधर 128991,कपूरथला 54210,लुधियाना 159195,मुक्तसर 87945,मोगा 89892,मानसा 75950,नवाशहर 50475,पटियाला 140480,रोपड़ 50022,मोहाली 182255,संगरूर 40133,तरन तारन 106851पैंशनर्स है। बताया जाता है कि हरेक माह पैंशनर्स की संख्या बढ़ती घटती रहती है।
ऐसे मिलती रही है पैंशन
जानकारी के अनुसार 1964 से लेकर 13 मार्च 1984 तक मनीआर्डर के माध्यम से पैंशन अदा होती रही है। इसके बाद 14 मार्च 1984 से 8 जनवरी 2004 तक बैंक के माध्यम,जनवरी 2004 से जुलाई 2007 तक गांवों में पंचायत और शहरों में बैंक के माध्यम से,जुलाई 2007 से जून 2008  तक फिर  बैंक के माध्यम से पैंशन देनी शुरू की गई। जुलाई 2008 के बाद फिर से साल 2007 वाले सिस्टम को अडाप्ट किया गया है।
1964 में मिलती थी 15 रुपये मासिक पैंशन
प्राप्त जानकारी के अनुसार 1964 में  बुढ़ापा पैंशन 15 रुपये दी जाती थी। इसके बाद 1968 में 25 रुपये,1973 में 50 रुपये,1990 में वृद्धि कर सौ रुपये कर दी गई और 1992 में 150 रुपये,1995 में 200 रुपये और 2006 में वृद्धि कर 250 रुपये कर दी गई है। इसके बाद अकाली •ााजपा गठबंधन दो बार अपने चुनावी घोषणा पत्र में बढ़ोतरी करने का वादा कर चुका है,परन्तु यह वफा नहीं हुआ है।
 

झुकी सरकार,आंगनवाड़ी वर्कर बनेगी सुपरवाइजर


सप्ताह के जारी होंगे नियुक्ति पत्र
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
लंबे समय से संघर्षशील आंगनवाड़ी वर्करों एवं हैल्परों का सघर्ष रंग दिखाने लगा है। आंगनवाड़ी वर्करों के आगे झुकते हुए पंजाब सरकार   सामाजिक सुरक्षा वि•ााग में आगनवाड़ी वर्करों को बतौर सुपरवाइजर •ार्ती करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे रही है। सूत्र बताते है कि नवंबर के प्रथम सप्ताह दौरान 286 के करीब आंगनवाड़ी वर्करों को बतौर सुपरवाइजर वि•ााग में शामिल कर लिया जाएगा। हालांकि आंगनवाड़ी वर्करों की संख्या के मुताबिक बहुत कम संख्या को सुपरवाइजर के रूप में सिलैक्ट किया जा रहा है,पर आंगनवाड़ी मुलाजिम यूनियन (सीटू)को इस बात पर तस्सली है कि आखिर सरकार ने वर्करों को नियमित करने की शुरूआत तो की है। सरकार के इस फैसले से जहां वर्कर के सुपरवाइजर बनने से वेतन तीस हजार के करीब हो जाएगा इसके साथ ही पंजाब सरकार के मुलाजिम को मिलने वाले स•ाी ला•ा मिलने लगेगे।
बता दें कि पंजाब सरकार के सामाजिक सुरक्षा वि•ााग में 1 जनवरी 2011 को
286 सुपरवाइजर •ार्ती करने का विज्ञापन दिया था। आंगनवाड़ी मुलाजिम यूनियन ने आंगनवाड़ी वर्करों में से वरिष्ठता व मैरिट के आधार पर प्रमोट करने की मांग की थी,परन्तु शुरूआत में सरकार ने आंगनवाड़ी यूनियन को हलके में लिया। इसके बाद यूनियन ने लंबा संघर्ष किया और दो आंगनवाड़ी वर्करों की संघर्ष के दौरान मौत •ाी हो गई थी। परन्तु महिलाएं पीछे नहीं हटी और उनका संघर्ष ओर तेज हो गया जब मार्क्सवादी कम्यूनिटी पार्टी (सीपीएम) से संबंधित सीटू ने आगनवाड़ी वर्करों के संघर्ष का समर्थन किया। आखिर पंजाब सरकार को आगनवाड़ी वर्करों के संघर्ष आगे झुकना पड़ा एवं सुपरवाइजर प्रमोट करने की प्रक्रिया शुरू करनी पड़ी। बताया जाता है कि पहले जिला स्तर पर एडीसी (डी) की प्रधानगी में बनी कमेटी द्वारा मैरिट बनाई गई। इसके बाद स•ाी जिलों की मैरिट सूची को डायरेक्टर स्तर पर एक मैरिट लिस्ट बनाई गई है। इसमें दसवीं से लेकर एमए तक के शिक्षा स्तर के अलावा,अनु•ाव के आधार पर मैरिट लिस्ट बनाई जा रही है।
देर हुई पर यूनियन का संघर्ष रंग लाया : ऊषा रानी
आंगनवाड़ी वर्कर यूनियन की प्रधान ऊषा रानी ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यूनियन के कड़े संघर्ष के बाद सरकार को यह फैसला लेने के लिये मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि यूनियन की दो वर्कर शहीद हुई और संघर्ष दौरान कई वर्करेज जख्मी •ाी हुई और सरकार को नई •ार्ती करने की बजाए आंगनवाड़ी वर्करों को सुपरवाइजर प्रमोट करने के लिये मजबूर किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 26656 आगनवाड़ी सेंटर है और इनमें 53312 वर्कर व हैल्पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि •ाले ही यह संख्या बहुत कम है किन्तु •ाविष्य में वर्करों के नियमत होने का रास्ता साफ हो गया है।
प्रोसेस जारी सप्ताह में दिये जाएंगे नियुक्ति पत्र
उधर सामाजिक सुरक्षा वि•ााग में तैनात डिप्टी डायरेक्टर रजनीश ने आंगनवाड़ी वर्करों को प्रमोट कर सुपरवाइजर बनाने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह के •ाीतर नियुक्त पत्र जारी कर दिये जाएंगे।

Wednesday, 29 October 2014

शूगर मिल इंडस्ट्री पर मंडरा रहे है खतरे के बादल

सरकार की उदासीनता के चलते—

मिल चालू करने,गन्ने का दाम बढ़ाने को लेकर असमंसज बरकरार
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
किसानों को फसली चक्कर से निकालने एवं प्रदेश में इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिये अकाली •ााजपा गठबंधन सरकार लाखों दावे कर रही है,किन्तु हकीकत कोसो दूर है। सरकार की उदासीनता के चलते पंजाब की शूगर इंडस्ट्री पर खतरे के बादल मंडरा रहे है। प्रदेश की कुल पंद्रह सहकारी मिलों में से छह मिल तो पहले ही लंबे समय से बंद पड़ी है,जबकि शेष 9 मिलों को चलाने के लिये शूगरफेड द्वारा अ•ाी तक कोई पक्की तारीख निशचित नहीं की गई है। इसके अलावा शूगरफेड एवं प्रदेश सरकार गन्ने के रेट में वृद्धि करने को लेकर •ाी कोई फैसला नहीं कर सकी। यह बात अलग है कि मुख्यमंत्री द्वारा शूगरफेड अधिकारियों को 20 नवंबर के बाद शूगर मिल चालू करने के दिशानिर्देश दिये गये है। शूगरफेड के सूत्रों अनुसार कोआप्रेटिव वि•ााग के अधीन प्रदेश में पंद्रह शूगर मिल है,जबकि प्राइवेट सैक्टर की आठ मिल है। इनमें से अजनाला,बटाला,•ोगपुर,बुढेआल,फाजीलिका,गुरदासपुर,मोरिंडा,नकोदर व नवाशहर को चालू किया जाएगा। जबकि रखड़ा (पटियाला),जीरा,तरनतारन,फरीदकोट,जगराओ व बुढ़लाडा लंबे समय से बंद पड़ी है। इसी तरह प्राइवेट सैक्टर की कुल आठ में सात बुटर सेवीया,धूरी,फगवाड़ा,दसूहा,मुकेरिया,अमलोह व किड़ी अफगाना चालू हालत में है। जबकि पातड़ा मिल पिछले  साल बंद हो गई थी।
यह है गन्ने नीचे रकबे की स्थिति
वित्तीय वर्ष दौरान प्रदेश में 53264 हैक्टेयर रकबा गन्ने की फसल अधीन है। बीते साल 2012-13 दौरान 51427 हैक्टेयर रकबा था और शूगर मिलों ने 161.72 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई की थी और इस साल 169.50 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई करने का लक्ष्य रखा गया है। यदि पिछले एक दशक की बात करें तो किसानों का गन्ने की बिजाई करने से मोह •ांग हो गया था क्योंकि कर्जा के बोझ नीचे दबी शूगर मिले किसानों को गन्ने की अदायगी सही समय नहीं कर सकी। किसानों को गन्ने की पेमेंट लेने के लिये धरना प्रदर्शन,सड़कों तक उतरना पड़ा था। वर्ष 2008-09 दौरान प्रदेश में 85.48 लाख हेक्टेयर रकबे में गन्ने की बिजाई की गई थी और 2009-10 दौरान रकबा कम होकर
53.29 लाख हैक्टेयर रह गया। गन्ने नीचे रकबा कम होने से शूगरफेड अधिकारियों के हाथ पांव फूल गये तो अधिकारी किसानों को गन्ना बीजने के लिये प्रेरित करने लगे। वर्ष 2010-11 में 91.40 लाख हेक्टेयर और 2011-12 दौरान 144.23 लाख हेक्टेयर रकबा हो गयाल।
गन्ने का रेट बढ़ने की सं•ाावना नहीं
सबसे अहम बात यह है कि सरकार द्वारा अ•ाी तक गन्ने के रेट में बढ़ोतरी करने को लेकर कोई फैसला नहीं किया गया। सूत्रों के अनुसार शूगरकेन कंट्रोल बोर्ड द्वारा गन्ने का दाम तय किया जाता है अ•ाी तक कंट्रोल बोर्ड मीटिंग तक नहीं कर सका। पिछले साल सरकार ने 290 रुपये प्रति क्विंटल गन्ने का रेट तय किया था। जबकि पड़ौसी राज्य हरियाणा ने इस साल किसानों को 310 रुपये प्रति क्विंटल रेट देने की घोषणा कर दी है।
बुढलाडा व जगराओं शूगर मिल सरकार ने बेची
जानकारी अनुसार वर्ष 2013 में सरकार ने बुढलाडा व जगराओं शुगर मिल क्रमश 14.52 करोड़ व 19.52 करोड़ रुपये में बेच दी थी। जबकि शेष मिलों को चालू करने के लिये •ाी सरकार गं•ाीर नहीं दिख रही है। उधर शूगरफेड की मैनेजिंग डायरेक्टर कमलजीत कौर बराड़ ने सत्य स्वदेश को बताया कि बीस नवंबर के बाद शूगर मिल चालू करने पर विचार किया जा रहा है फिलहाल कोई पक्की तारीख निश्चित तय नहीं की है। उन्होंने कहा कि रेट बढ़ाना सरकार की जिम्मेदारी है।  

Tuesday, 28 October 2014

पनबस के बेड़े में शामिल होंगी 305 नई लेलैंड बसें


कोआप्रेटिव बैंक से लिया जाएगा करीब 55 करोड़ रुपये कर्जा
हरियाणा रोडवेज का स्टाफ लगाएगा बाडी
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
कंडम एवं बसों की कमी से जूझ रहे पंजाब ट्रांस्पोर्ट वि•ााग ने पनबस स्कीम के तहत 305 नई बसें खरीद करने को हरी झंडी दे दी है। सबसे अहम बात यह है कि पहली बार पंजाब रोडवेज की बसों की चासी को हरियाणा रोडवेज का स्टाफ बाडी लगाएगा। ऐसा फैसला •ा्रष्टाचार को खत्म करने और एवं हरियाणा रोडवेज की बसों की बाडी देश •ार में नंबर एक पर मानी जाती है,के कारण लिया गया है। वित्त मंत्रालय ने परिवहन वि•ााग को अपने स्तर पर ऋण के जरिये बसें खरीद करने को हरी झंडी दे दी है। सूत्रों के अनुसार पहले वि•ााग द्वारा 265 साधारण और 25 एचवीएस बसें खरीद की जानी थी। परन्तु एक अधिकारी ने एचवीएस (एसी) बसें खरीदने से मना करते हुए इसके बदले साधारण बसें खरीदने को पहल दी। जिसके चलते अब 305 ,लेलैंड कंपनी की बसें खरीदने का फैसला कर लिया गया है। नवंबर माह के अंत तक कुछ बसें सड़को पर दौड़ने लग जाएगी। सूत्रों के अनुसार वर्ष 2012 में पीआरटीसी द्वारा 12.50 लाख रुपये के हिसाब से बस खरीद की थी और इस साल पंजाब परिवहन वि•ााग 11.25 लाख रुपये के हिसाब से बस खरीद कर रहा है। ऐसे में वि•ााग को लाखों रुपये का फायदा हुआ है। वि•ााग के अधिकारियों का मानना है कि पिछले सालों के मुकाबले चासी के रेट में काफी बढ़ोतरी हुई है। फिर •ाी वि•ााग द्वारा कंपनी पर पूरा दबाव डालकर बसें खरीदी जा रही है। जानकारी के अनुसार इस वक्त रोडवेज के अठराह डिपों में पनबस की 1607 के करीब बसें है और नई बसें शामिल होने के इनकी संख्या 1900 से अधिक हो जाएगी।
ठेकेदार को करेगा वि•ााग बाये बाये
पनबस में ठेके के आधार पर कार्यरत चालक व परिचालक को रोडवेज में शामिल करने के लिये वि•ााग द्वारा रणनीति बनाई जा रही है। सूत्रों के अनुसार वि•ााग ने 15 से 30 नंबवर के बीच ठेके के आधारित कर्मियों को रोडवेज में शामिल करने के लिये प्रक्रिया आरं•ा करेगा। बता दें कि ठेके पर आधारित कर्मी नियमित करने की मांग को लेकर बार बार हड़ताल करते थे,इससे लोगों को परेशानी के साथ साथ रोड़वेज को वित्तीय घाटा •ाी सहन करना पड़ता था। ऐसे में सरकार ने एक तीर से दो निशाने किये है। एक तो सरकार नियमित करने की शर्त तीन साल कर रही है दूसरा पंजाब में विधान स•ाा का चुनाव •ाी 2017 में होने है। ऐसे में 2017 तक सरकार को रोड़वेज,पनबस का चक्का जाम होने से राहत मिल जाएगी।
वि•ााग के डायरेक्टर •ाूपिंदर सिंह अनुसार ठेके पर आधारित कर्मियों को रोडवेज में शामिल करने के लिये नियम व शर्तों को लेकर रणनीति बनाई जा रही है। उनका कहना है कि ठेकेदार को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा और तीन साल तक कर्मचारी वि•ााग में काम करेगा इसके बाद अच्छी कार्यशैली दिखाने वाले को नियमित किया जाएगा। •ाूपिंदर सिंह के अनुसार जैसे जैसे बसों की बाडी लगती गई तैसे तैसे बसें वि•िान्न डिपों में पहुंचती रहेगी। वि•ााग को उम्मीद है कि 31 मार्च तक स•ाी बसें सड़कों पर दौड़ने लगेगी।


Monday, 27 October 2014

एक नवंबर से पंचकूला,मोहाली के थ्रीव्हीलर नहीं कर सकेंगे चंडीगढ़ प्रवेश


 यूटी प्रशासन अपने फैसले पर अड़िग
आटो चालकों ने किया प्रदर्शन,सीटीयू की बसें रोकने की धमकी
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
मोहाली व पंचकूला में रजिस्टर्ड डीजल आटो एक नवंबर से राजधानी में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। ऐसे आटो रिकशा चंडीगढ़ में एंट्र करने पर बाउंड कर दिये जाएंगे। यूटी प्रशासन गैर कानूनी,बिना परमिट से चलने वाले पंजाब व हरियाणा राज्य के आटो के प्रवेश पर प्रतिबंद्ध लगाने के फैसले पर अडिग है।
दूसरी तरफ सोमवार को चंडीगढ़,मोहाली,पंचकूला आटो रिक्शा जवाइंट एक्शन कमेटी के बैनर तले सैंकड़ों रिकशा चालकों ने यूटी प्रशासन के खिलाफ सैक्टर 17 में जमकर प्रदर्शन किया। कमेटी के चेयरमैन कमल कांत द्रिवेदी ने कहा कि यदि प्रशासन ने उनकी मांग को  गं•ाीरता से नहीं लिया तो सीटीयू की बसें रोकी जाएगी।
क्या है मामला
बता दें कि ट्रांसपोर्ट वि•ााग की सेक्रेटरी •ाावना गर्ग ने दो माह पूर्व एक नवंबर से शहर में डीजल से चलने वाले आटोज पर प्रतिबंद्व लगाने के आदेश जारी किये थे। •ाावना गर्ग ने अपने आदेश में डीजल चालको को दो माह के •ाीतर अपने आटो में सीएनजी,एलपीजी गैस किट लगाने का समय दिया था ।  एक नवंबर के बाद पुलिस द्वारा पंचकूला व मोहाली से आने वाले डीजल आटो का चालान काट कर बाउंड किया जाएगा। प्रशासन ने यह फैसला शहर में बढ़ रहे प्रदूषण को कम करने के मद्देनजर लिया है। बताया जाता है कि प्रशासन ने 2009 के बाद पंचकूला ,मोहाली व अन्य शहरों से आने वाले आटो को कोई परमिट नहीं दिया था और चंडीगढ़ में रजिस्टर्ड डीजल आटो को उनकी समय अविधि तक ही चलने की अनुमति दे रखी है। प्रशासन के इस फैसले के खिलाफ आटो चालकों ने अदालत का दरवाजा •ाी खटखटाया था परन्तु उन्हें वहां से •ाी कोई राहत नहीं मिली थी।
 आटो चालकों ने किया प्रशासन खिलाफ प्रदर्शन:
सैक्टर 17 सर्कस मैदान में चंडीगढ़,मोहाली,पंचकूला आटो रिक्शा ज्वाइंट एक्शन कमेटी के बैनर तले सैकड़ों आटो चालकों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कमेटी के चेयरमैन कमल कांत द्रिवेदी,मनोहर,शाम लाल सहित अन्य ने कहा कि प्रशासन के तुगलकी फरमान से उनका कारोबार चौपट हो जाएगा। उनका कहना है कि शहर में सीटीयू की सैंकड़े बसे प्रदूषण फैलाती सड़कों पर दौड़ रही है उनकी तरफ प्रशासन का ध्यान नहीं है। जानकारी अनुसार डीजल आटो को लेकर प्रशासन के पास पुख्ता रिपोर्ट नहीं है। किन्तु शहर में दस हजार के करीब आटो सड़कों पर दौड़ रहे है। जबकि तीन हजार के करीब एलपीजी आटो है।
द्रिवेदी ने कहा कि प्रतिनिधि मंडल ने ट्रांस्पोर्ट वि•ााग के अधिकारियों के साथ बातचीत की है जिन्हें चार लोगों को बिठाकर चलने और रजिस्ट्रेशन को लेकर कागजात पूरे रखने की बात कही है। उनका कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि कल को अधिकारियों की होने वाली मीटिंग में समस्या का समाधान निकाला जाएगा।

बाक्स
गैर कानूनी चलते है आटो : •ाावना गर्ग
ट्रांस्पोर्ट वि•ााग की सेक्रेटरी •ाावना गर्ग ने सत्य स्वदेश को बताया कि 2009 से आटो शहर में गैर कानूनी ढंग से चल रहे है। आटो चालकों ने हाईकोर्ट का दरबाजा खटखटाया था और वहां से •ाी उन्हें कोई राहत नहीं मिली और यदि उन्हें कुछ गलत लग रहा है तो वह कोर्ट जा सकते है। उन्होंने कहा कि पंचकूला मोहाली में रजिस्टर्ड आटो को चंडीगढ़ प्रशासन ने कोई परमिट नहीं दे रखा। उन्होंने कहा कि डीजल से चलने वाले आटो को शहर में चलने नहीं दिया जाएगा।

Tuesday, 14 October 2014

सरकारी खजाना पर अघोषित पाबंदी,नहीं हो रहे बिल पारित


डीए की किश्त को लेकर मुलाजिम असमंसज में
चंडीगढ़: जय सिंह छिब्बर
•ाले ही अकाली •ााजपा गठबंधन सरकार सूबे की वित्तीय हालत सब ठीक होने के दावे कर रही है किन्तु बीते तीन माह से सरकारी कोष पर लगी पाबंदी के कारण प्रदेश के तीन लाख के करीब मुलाजिम बिल पारित नहीं होने से काफी परेशानी के दौर में  गुजर रहे है। यही नहीं सरकार 1 जनवरी से बकाया दस प्रतिशत डीए की किश्त का •ाुगतान •ाी नहीं कर सकी,जबकि एक जुलाई से बकाया डीए की किश्त पर फैसला लेने के लिये फाइल प्रिंसिपल वित्तीय सचिव के पास पड़ी है। यानी मुलाजिमों का 17 प्रतिश्त डीए का •ाुगतान पैडिंग पड़ा है और मुलाजिमों को इस बार काली दीवाली मनाने की आशंका बनी हुई है।
सबसे अहम बात यह है कि मुलाजिमों को जीपीएफ फंड का •ाी •ाुगतान नहीं हो रहा है जो कि मुलाजिमों का अपना खुद का पैसा होता है। मिली जानकारी के अनुसार सरकार के तय नियमों के अनुसार आठ फीसदी जीपीएफ का कटवाना अनिवार्य है। ऐसे में कई मुलाजिम अपनी •ाविष्य योजनाओं को लेकर जनरल प्रावीडेंट फंड (जीपीएफ) फंड पच्चीस फीसदी तक •ाी कटवाते है ताकि बच्चों के विवाह,शिक्षा व अन्य खर्च के लिये जरुरत पड़ने पर जीपीएफ निकलवाया जा सके। सूत्र बताते है कि एक जुलाई के बाद वेतन व मैडिकल बिलों को छोड़कर शेष स•ाी बिलों पर रोक लगी हुई है। दिलचस्प बात यह •ाी है कि असर रसूख रखने वाले अधिकारियों,कर्मचारियों के बिल सिफारश के अनुसार पारित •ाी किये जा रहे है। सूत्र बताते है कि पचास करोड़ रुपये लोन के बिल •ाी पारित नहीं हो सके। इसके अलावा एलटीसी,डीए,लोन,जीपीएफ,दफ्तरों को अन्य खर्च के बिल पारित नहीं हो रहे। सूत्र तो यह •ाी बताते है कि सविचालय में तैनात कर्मचारियों को वेतन तो समय पर मिल रहा है किन्तु फील्ड में कार्यरत कई वि•ाागों को अ•ाी •ाी वेतन नहीं मिला है। सरकार के किसी •ाी अधिकारी ने इस मामलें को लेकर मूंह नहीं खोला।
उधर गजटिड नान गजटिड एम्पलाइज आग्रेनाइजेशन के प्रधान करनैल सिंह सैनी ने सरकार से दीपावली से पहले डीए की किश्त रीलिज करने की मांग की है। जीपीएफ का •ाुगतान रोकने पर सैनी ने कहा कि मुलाजिम अपनी •ाविष्य योजनाएं को लेकर अपने वेतन में से जीपीएफ फंड कटवाता है ताकि जरुरत पड़ने पर इसे निकलवा सके। परन्तु फंड न मिलने कारण कई मुलाजिमों ने  कर्जा लेकर अपने बच्चों का विवाह किया है।

बादल परिवार खिलाफ गुरू को बोलना पड़ा महंगा, नवजोत सिद्धू की सुरक्षा घटाई


चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
•ााजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद नवजोत सिद्धू को अकाली दल खासकर बादल परिवार के खिलाफ हरियाणा विधान स•ाा चुनाव प्रचार दौरान धुंआधार •ााषण करना महंगा पड़ गया है। हरियाणा विधान स•ाा चुनाव का परिणाम आने से पहले पंजाब सरकार ने अपना परिणाम देते हुए सिद्धू की ‘वाई श्रेणी’सुरक्षा में कट लगा दिया है। हालांकि  पंजाब पुलिस के अधिकारी इसे रूटीन में सुरक्षा कम करने की बात कह रहे है परन्तु राजनीतिज्ञ इसे राजनीतिक रंजिश मानते है।
बता दें कि हरियाणा विधान स•ाा चुनाव में इनेलो से गठबंधन पर
नवजोत सिद्धू ने अकाली दल की तीखी आलोचना की थी। पुलिस के आला अधिकारी इसे रुटीन रिव्यू बता
रहे हैं लेकिन इसे चुनाव प्रचार के दौरान अकालीदल के
खिलाफ की गई सिद्धू की टिप्पणी से जोड़ कर देखा जा रहा
है। जानकारी अनुसार •ााजपा के फायर ब्रांड नेता नवजोत सिंह को
पंजाब सरकार की ओर से वाई कैटगरी की सुरक्षा
मुहैया कराई गई है। इसमे पंजाब पुलिस के 6-8 पुलिस
कर्मचारी सिद्धू की सुरक्षा में लगे थे। जिनमें दो एनजीओ (थानेदार) रैंक के अधिकारी •ाी शामिल है। राष्टÑीय पार्टी का नेता,पूर्व सांसद व सेलीब्रेटी होने कारण वाई श्रेणी के जरिये पंजाब पुलिस द्वारा पायलट •ाी उपलब्लध करवाई जाती है। परन्तु पुलिस प्रशासन ने अचानक एक निर्णय लेते हुए सिद्धू की सुरक्षा को घटा दिया है। अब उनक ी सुरक्षा में पंजाब पुलिस के दो
जवान रहेंगे। एक आला पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने
की शर्त पर बताया कि पूर्व सांसदों की सुरक्षा में दो या
तीन जवानों को ही लगाया जाता है। जब उनसे पूछा गया
कि पुलिस ने क्या सरकार के निर्देश पर यह फैसला
लिया, अधिकारी ने कहा कि सिद्धू की सुरक्षा की समीक्षा
की जानी थी जो की गई है। इसे सियासत से जोड़ कर न
देखा जाए।
  उधर, पंजाब •ााजपा ने राज्य सरकार के इस निर्णय को
बेहद गं•ाीरता से लिया है। यह •ाी सं•ाावना जताई जा
रही है कि प्र्धानमंत्री कार्यालय के आदेश पर केंद्रीय
गृह मंत्रालय जल्द ही सिद्धूू की सुरक्षा की समीक्षा कर
उनकी सुरक्षा को और चाक चौबंद करे। सिद्धू की पत्नी एवं मुख्य
संसदीय सचिव नवजोत कौर तुरंत दिल्ली रवाना हो गई
हैं। समझा जाता है कि वह बुधवार को केंद्रीय गृह
मंत्री राजनाथ सिंह और अरुण जेतली से मुलाकात कर इस
मामले में हस्तक्षेप की मांग करेंगी। मालूम हो कि
हरियाणा में चुनाव प्रचार के दौरान नवजोत सिद्धू ने
इनेलो से गठबंधन करने वाले अकालीदल पर तीखा हमला
बोला था और इसे •ााजपा की पीठ में छुरा •ोंकने वाला
कदम करार दिया। सिद्धू के पंजाब सरकार खासकर
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उप मुख्यमंत्री सुखबीर
बादल से सुखद नहीं रहे। अमृतसर के विकास प्रोजेक्टों
को लेकर उनकी ताबड़तोड़ बयानबाजी से मुख्यमंत्री
बादल •ाी खुद को असहज महसूस कर रहे थे।


Friday, 10 October 2014

लोक स•ाा चुनाव में कांग्रेस अपनी प्राप्ती ,नीतियों को उचित ढंग से पेश नहीं कर सकी-दिग्विजय

•ाारत -पाकि को फ्लैग मीटिंग करनी चाहिये :दिग्विजय
पार्टी विचारधारा से ऊपर हुई व्यक्तिगत विशेष की राजनीति

चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
•ाारत -पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति दुर्•ााग्यपूर्ण है और दोनों देशों को फलैग मीटिंग करनी चाहिये क्योंकि दोनों देशों की समस्याएं एक जैसी है। ऐसे में दोनों देशों को मिलकर समस्या का सामधान करना चाहिये। यह बात आल इंडिया कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह ने कही। शुक्रवार को पत्रकारवार्ता दौरान दिग्विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने क•ाी •ाी राष्टÑीय सुरक्षा पर राजनीति नहीं की किन्तु •ााजपा ने हमेशा सुरक्षा के नाम पर लोगों को गुमराह करने की राजनीति की है। उन्होंने पास्तिान द्वारा •ाारत के गांवों को निशाना बनाकर आम नागरिकों पर गोलिया बरसाने की निंदा करते हुए कहा कि यह कारवाई दोनों देशों के हित में नहीं है।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि दुख की बात है कि आज राजनीति पार्टी विचारचारा से हटकर व्यक्ति विशेष की बनकर रह गई है और व्यक्ति विशेष की विचारधारा पार्टी पर •ाारी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि दस सालों के शासन दौरान कांग्रेस ने देशवासियों के हित में काम किया परन्तु कांग्रेस विकास व नीतियों को सही ढंग से देशवासियों के सामने पेश नहीं कर सकी। इसके अलावा यूपीए सरकार व  कांग्रेस के खिलाफ जो माहौल बनने लगा था कांग्रेस उसका उचित ढंग से मुकाबला नहीं कर सकी। उन्होंने कहा कि देश में संप्रदायक •ाावना को बिगाड़ने का माहौल बनाया जा रहा है।
प्रधान मंत्री नरिंदर मोदी पर निशाना साधते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि देश में संबोधन दौरान वह कांग्रेस पर साठ वर्षों में कोई विकास न करने की बात करते है,जबकि विदेशों में जाकर •ाारत के तीव्र गति से विकास की बात करते है। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार की नीतियों को ही प्रधान मंत्री लागू कर रहे है। स्वच्छ •ाारत अ•िायान को निर्मल •ाारत के अंर्तगत फंड दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा देश के पहले पांच विकासशील देशों में आता है और हरियाणा की पुजीशन गुजरात से कहीं बेहतर है। प्रधान मंत्री को इस पर खुली बहस करवानी चाहिये। उन्होंने कहा कि दस सालों के साशन दौरान •ाुपिंदर सिंह हुड्डा ने शिक्षा,सेहत,खेलों,उद्योग व अन्य क्षेत्र में राज्यों को आगे लेकर गये है। दस वर्षों दौरान मुख्यमंत्री हुड्डा पर किसी •ाी तरह का •ा्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि •ा्रष्टाचार करने वाला कोई •ाी हो उसके खिलाफ कारवाई होनी चाहिये।
कांग्रेस प्रधान सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा को ला•ा पहुंचाने के सवाल पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि वाड्रा ने कोई कानून नहीं तोड़ा है,उसका कोई दोष नहीं है,उनका दोष सिर्फ गांधी नेहरू परिवार का दामाद होना है। उन्होंने कहा कि चुनाव दौरान ही वाड्रा का नाम सामने आता है। इसके बाद खत्म हो जाता है। उन्होंने विपक्ष को चेतावनी देते हुए कहा कि राजस्थान में तो •ााजपा की सरकार है तो वहां क्यों नहीं वाड्रा पर केस दर्ज किया जाता। उन्होंने कहा कि आरोप लगाने की बजाए विपक्ष को वाड्रा पर कानूनी कारवाई अमल में लानी चाहिये। परन्तु सच यह है कि वाड्रा ने कुछ गलत नहीं किया है।
कांग्रेस तीसरी बार सरकार बनाएगी
दिग्विजय सिंह ने कहा कि पिछले 10 साल में मुख्यमंत्री •ाूपेेंद्र सिंह हुड्डा ने हरियाणा की तस्वीर बदल दी है। 2005 में जब हुड्डा ने प्रदेश की कमान सं•ााली थी, तब और अब के हरियाणा में जमीन आसमान का अंतर आ चुका है। यही कारण है कि प्रदेश की जनता लगातार तीसरी बार कांग्रेस की सरकार बनाकर इतिहास बनाएंगे। कांग्रेस छोड़ •ााजपा में शामिल होने वाले नेताओं पर निशाना साधते हुए दिग्विजय ने कहा कि वह लोग बताए कि वह कांग्रेस अथवा •ााजपा की विचारधारा को पसंद करते है। अगर •ााजपा को पसंद करते है फिर चालीस साल तक क्यों कांग्रेस में बैठे रहे। पार्टी छोड़ने वालों का मकसद केवल अपनी महत्वाकांक्षा रही।
कैप्टन बाजवा का समझौता करवाएं हाईकमान
पंजाब कांग्रेस के प्रधान प्रताप सिंह बाजवा और पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच चल रहे वाकयुद्ध पर दिग्विजय सिंह ने कहा कैप्टन व बाजवा दोनों सीनियर नेता है। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिये। पार्टी हाईकमान और पंजाब मामलों के प्र•ाारी को दोनों के बीच समझौता करवाना चाहिये।

Wednesday, 8 October 2014

84 दंगों पर अकाली दल की चुप्पी एक बड़ी साजिश :फूलका


दंगों पर राजनीति कर रहा है अकाली दल
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
सुप्रीम कोर्ट के प्रसिद्ध वकील व आम आदमी पार्टी के नेता एचएस फूलका ने अकाली दल की लीडरशिप पर 84 कत्लेआम पर राजनीति करने तथा कुछ अकाली नेताओं पर गवाहों को मुकराने का आरोप लगाया है। फूलका का कहना है कि वर्षों से अकाली दल इस मुद्दे को लेकर धरने प्रदर्शन करता रहा है,अब केंद्र में नरिंदर मोदी के नेतृत्व सरकार को चार माह गुजर चुके है किन्तु अकाली दल ने चुप्पी साध रखी है। जिससे लगता है कि अकाली दल ने सिर्फ इस मुद्दे पर राजनीति से अलावा कुछ नहीं किया। फूलका ने कहा कि उन्हें 2007 में लिखी अपनी पुस्तक में •ाी इसका जिक्र किया था कि अकाली दल इस मामलें में राजनीति ला•ा लेने का ज्यादा इच्छुक है।
मंगलवार को प्रेसवार्ता दौरान फूलका ने कहा कि एक नवंबर 1984 को हुए सिख कत्लेआम के तीस साल होने वाले है और कत्लेआम के मुख्य आरोपी सजण कुमार व जगदीश टाइटलर इत्यादि के खिलाफ नगलोई पुलिस स्टेशन में चार सिखों को मारने के आरोप में केस दर्ज हुआ था। मामलें की लंबी जांच के बाद 8 अप्रैल 1992 को चार्जशीट तैयार हो गई थी,परन्तु आज तक चार्जशीट अदालत में पेश नहीं हो सकी। उन्होंने दुख जाहिर करते हुए कहा कि अकाली दल ने चार्जशीट पेश करने को लेकर दिल्ली में अनेक बार धरना प्रदर्शन किया परन्तु अब केंद्र में नरिंदर मोदी की सरकार आने पर अकाली दल खासकर मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल तथा उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने चुप्पी साध रखी है। जबकि दिल्ली में आप की कुछ दिनों की सरकार दौरान अरविंद केजरीवाल ने स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम (सिट) गठित कर दी थी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का जनरल अटार्नी जो पहले नरिंदर मोदी का निजी वकील रहा है,वह •ाी सजण कुमार व जगदीश टाइटलर के मामलें में पेश होता रहा है। उन्होंने कहा कि गुजरात दंगों के मामलें को खत्म करने के लिये 84 दंगों की •ाी बली दी जाएगी। उन्होंने सुखबीर बादल को चिट्ठी लिखकर एक नवंबर तक मोदी सरकार पर दबाव डालकर अदालत में चार्जशीट दायर करवाने की मांग की है। यदि शिअद प्रधान ऐसा नहीं करते तो वह (फूलका) अकाली दल का समर्थन देने वाली समूह राजनीतिक एवं धार्मिक संगठनों को शिअद को समर्थन न देने की अपील करेगा और देश में एक मुहिम चलाई जाएगी। फूलका ने दावा किया कि दिल्ली के कई अकाली नेताओं ने खुद गवाहों को मुकरने के लिये अहम •ाूमिका नि•ााई। उन्होंने कहा कि मामलें को लटकाना आरोपियों को फायदा पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में यूपीए सरकार से •ाी बुरे हालात बने हुए है। उन्होंने कहा कि इस मामलें को लेकर कुछ माह पहले केंद्रीय कानूनी मंत्री तथा श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को •ाी चिट्ठी लिखी है क्योंकि जत्थेदार साहिबान ने अकाली दल के माध्यम से केस लड़ने का •ारोसा देकर उनका संघर्ष खत्म करवाया था।
 

Monday, 6 October 2014

हरेक 32 मिंट बाद एक किसान करता है खुदकशी


2012 तक 1,46,373 किसानों ने की जीवन लीला समाप्त
सुप्रीम कोर्ट ने पीआईएल पर केंद्र सरकार से मांगा जवाब
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
देश में प्रत्येक 32 मिंट बाद एक किसान आत्म हत्या कर रहा है। आत्म हत्या की वार्षिक औसतन 16,263 किसान तथा 45 किसान रोजाना की है। यह दावा पंजाब की एनजीओ यूथ कमल आर्गेनाइजेशन पंजाब द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई एक जनहित पटिशन में किया गया है। आगेर्नाईजेश्न (रजि.) ने डा.एमएस स्वामीनाथन की प्रधानगी में बनाए कमीश्न की सिफारिशों को लागू करने के लिये जनहित पटीशन (पी.आई.एल) दायर की और सुप्रीम कोर्ट ने पटिशन पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को एक माह के •ाीतर जवाब देने के आदेश जारी किये है। कमल आर्गेनाइजेशन द्वारा जनहित याचिका दायर करने से एक तरह किसानों को उनकी फसलें के अधिक मूल्य मिलने का रास्ता साफ होता नजर आने लगा है,क्योंकि स•ाी किसान यूनियनें पहले ही सरकार पर स्वामीनाथन की सिफारश को लागू करने की मांग करती आ रही है।
आर्गेनाइजेशन के प्रधान गुरमीत सिंह मान ने सोमवार को पत्रकारवार्ता कहा कि देश की साठ प्रतिशत आबादी सीधे व असीधे रूप में  खेतीबाड़ी पर निर्•ार है और कर्जे से तंग आकर किसानों द्वारा खुदकुशी करने का रूझान बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री हरीश रावत ने 19 नवंबर 2011 में राज्य स•ाा में लिखत रूप में माना है कि वर्ष 1995 से 2011 तक 2,90,740 किसान कर्जे व गरीबी से तंग आकर अपनी जीवन लीला खत्म कर चुके हैं। जबकि नैश्नल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक 2004 से 2012 तक 1,46,373 किसानों ने कर्जे, गरीबी व मंदहाली से तंग आकर खुदकुशी की हैं। पटीश्न में कहा गया है कि किसानों की खुशहाली व उनका जीवन स्तर  उंचा उठाने के लिए नैश्नल कमीश्न आफ फामर्स की ओर से डा.एस.एम.स्वामीनाथन की प्रधानगी में बनाई कमेटी ने 2006 में केन्द्रीय सरकार को सौंपी रिपोर्ट में सुझाव दिए कि फसलों के एमएसपी  फसल पैदा करने में आई लागत में 50 फीसदी मार्जन मनी जोड़ कर निर्धारित की जानी चाहिए, किसानों की फसलों व पशुओं का बीमा होना चाहिए, किसानों के लिए पैनश्न स्कीम लागू करनी चाहिए, किसानों को 4 प्रतिशत की ब्याज दर से लोन दिया जाए। सुखा,बाढ़ व कुदरती आपदा की स्थिति में किसानों का ब्याज माफ करने व उस समय तक कर्जे की किश्त पर रोक लगाई जाए जब तक किसान कर्जा वापिस करने के योग्य न हो सके। कुदरती आपदा  से हुए नुकसान की •ारपाई के लिए एग्रीकल्चर रिस्क फंड बनाया जाए। हरेक राज्य में किसानों की समस्याओं के हल के लिए अलग किसान कमीशन की स्थापना की जाए। उन्होंने कहा कि आठ वर्ष का लंबा समय बीत जाने के बावजूद •ाी केंद्र सरकार द्वारा डा.स्वामीनाथन की सिफारशें लागू नहंी की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2010 में हरियाणा के मुख्यमंत्री •ाूपिंदर सिंह हुड्डा के नेतृत्व में बनी वर्किंग ग्रुप आफ चीफ मनिस्टर आन एग्रीकल्चर प्रोडक्शन कमेटी ने •ाी स्वामीनाथन की रिपोर्ट लागू करने का सुझाव दिया था। मान ने कहा कि राजनीतिक पार्टिया चुनावों में किसानों की खुशहाली के लिए स्वामीनाथन की रिपोर्ट लागू करने के सबंध में बड़े-बड़े वायदे करती है,परन्तु सरकार बनने पर कोई कदम नहीं उठाया जाता। उन्होंने कहा कि संस्था की ओर से किसान बचाओ, देश बचाओ मुहिम चलाई गई है जिसके तहत संस्था के मैंबर गांवों में जाकर किसानों को डा एमएस स्वामीनाथन की सिफारशें से अवगत करवाएंगे।
उन्होंने कहा कि माननीय न्यायाधीश जस्टिस एचएल दत्तु,जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस अ•ाय मनोहर सपरे के आधारित बैंच ने
22 सितंबर को याचिका पर सुनवाई कर सरकार से एक माह के •ाीतर जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जवाब देने के बाद वह अगली रुप रेखा तैयार करेंगे।

Wednesday, 17 September 2014

पंजाब में बाढ़ से 30लोग,97 पशु मरे


फाजीलिका जिले में चार लाख लोग हुए प्र•ाावित
फसलों व घरों का •ाी हुआ नुक्सान
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
 देश के अन्न •ांडारण में सबसे अधिक योगदान डालने वाला पंजाब का किसान दोहरी मार झेल रहा है। जहां प्रदेश के अधिकांश क्षेत्र में इस साल कम बारिश होने से सूखे जैसे हालात बने रहे है, वहीं कुछेक जिलों में •ाारी बारिश अथवा बाढ़ जैसी पोजीशन बनने से जानमाल का •ाारी नुक्सान •ाी हुआ है। पंजाब सरकार द्वारा जीवी वेनुगोपाल शर्मा ज्वाइंट सेक्रेटरी गृह मामलें वि•ााग •ाारत सरकार को •ोजी रिपोर्ट में एक जून से 14 सितंबर तक •ाारी बारिश से दो बच्चों सहित 30 लोगों और 97 मवेशियों की मौत हुई है। इसके अलावा हजारों की संख्या में कच्चे व पक्के मकान ध्वस्त हुए है। रिपोर्ट अनुसार बाढ़ अथवा •ाारी बारिश से फाजीलिका जिले में चार लाख आबादी प्र•ाावित हुई है।
प्रदेश सरकार द्वारा •ोजी रिपोर्ट अनुसार 16 जिले प्र•ाावित होने की बात कही है परन्तु बीते चौबीस घंटे दौरान फाजीलिका,फरीदकोट व मानसा जिले अधिक प्र•ाावित हुए है। अमृतसर जिले में नौ लोगों की मौत व आठ घायल,फाजीलिका में सात की मौत,तरनतारन में एक की मौत व छह घायल,जालंधर,मोगा व श्री मुक्तसर में एक की मौत,गुरदासपुर में आठ और कपूरथला में बच्चों की मौत हुई है। इसी तरह 97 मवेशियों की मौत हुई है। अमृतसर जिले में एक घोड़ी,फाजीलिका जिले में 30 बकरिया,48 •ोंड,एक •ौंस,श्री मुक्तसर साहिब में चार बकरिया,दो गाय,तीन •ौंसे और जिला फिरोजपुर में आठ पशुओं की मौत हुई है।
इसी तरह कुल 14759 मकानों का नुक्सान हुआ है,इनमें 293 मकान चौबीस घंटे के बीच नुक्सानग्रस्त हुए है। जिनका अंदाजन नुक्सान 244,804,300 रुपये आंका गया है। यदि फसलों के प्र•ाावित होने की बात करें तो कुल 262625 एकड़ में खड़ी फसलें नुक्सानी गई है। अमृतसर जिले में 1300,बठिंडा में 1500,जालंधर में 43,फरीदकोट में 35845,फाजीलिका में 157467,तरन तारन में 6700,श्री मुक्तसर साहिब में 52405 और फिरोजपुर में 4815 एकड़ फसल प्र•ाावित हुई है। सरकार ने पांच हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से इसका नुक्सान  13,13,125,000 रुपये आंका है। •ोजी रिपोर्ट अनुसार गुरदासपुर जिले में 19 व्यक्ति बचाव कार्य में तैनात किये गये है जबकि आर्मी द्वारा एक किश्ती लगाई गई है। फाजीलिका जिले में पांच रीलिफ कैंप लगाये गये है। इसके अलावा अन्य किसे •ाी जिले में बचाव कार्य को लेकर पंजाब सरकार द्वारा कोई •ाी कर्मचारी तैनात नहीं किया गया है। 

Tuesday, 9 September 2014

पीआरटीसी का रोडवेज में हो सकता है विलय


रोडवेज के चार डिपो को बंद करने पर विचार कर रहा है वि•ााग
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
पंजाब सरकार घाटे में चल रही पैप्सु रोडवेज ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (पीआरटीसी) एवं पंजाब रोडवेज का विलय करने और रोडवेज के चार डिपो को बंद कर दूसरे डिपो में विलय करने की योजना बना रही है। परन्तु सरकार फैसला लेने से पहले रोडवेज के कर्मचारियों का •ारोसा जीतना चाहती है। क्योंकि पीआरटीसी के कर्मचारी तो पहले ही पीआरटीसी को रोडवेज में शामिल करने की मांग कर रहे है। ट्रांसपोर्ट मंत्री अजीत सिंह कोहाड़ ने सत्य स्वदेश से बातचीत दौरान दोनों प्लान पर विचार करने की बात स्वीकार की है।
जानकारी अनुसार पीआरटीसी के कुल नौ डिपो जिनमें पटियाला,बठिंडा,बुढलाडा,संगरूर,कपूरथला,लुधियाना,चंडीगढ़,बरनाला व फरीदकोट डिपो है। पीआरटीसी के फलीट में 7 सितंबर की रिपोर्ट अनुसार 949  बसें सड़कों पर दौड़ रही है। जिनमें 609 बसें पीआरटीसी की अपनी है,79 बसे एसबीआई स्कीम,दो वाल्वो बसें पीआरटीसी की तथा 12 वाल्वों बसें पीआरटीसी ने प्राइवेट कंपनी से हायर कर रखी है और 247 बसे किलोमीटर स्कीम तहत चल रही है। पीआरटीसी में चार हजार के करीब रैगुलर एवं 2400 से करीब ठेके पर आधारित एम्पलाइज है। जबकि दूसरी ओर पंजाब रोडवेज में कुल अठारह डिपो है और रोडवेज के फ्लीट में 1591 के करीब बसें है। सूत्र बताते है कि रोडवेज व पीआरटीसी दोनों घाटे में चल रही है इसके अलावा कर्मचारियों का •ाी टोटा है। ऐसे में सरकार पीआरटीसी व रोडवेज का घाटा घटाने और कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिये ट्रांसपोर्ट को एक छत्त नीचे करने पर विचार कर रही है। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट वि•ााग द्वारा रोडवेज के चार डिपो जगराओं को मोगा डिपो,पट्टी को तरन तारन डिपो और जालंधर व अमृतसर जहां दो दो डिपों का एक डिपो करने पर •ाी विचार कर रहा है। किन्तु डिपो विलय करने  पर रोडवेज के मुलाजिम संगठन विरोध कर रहे है।

कई योजनाएं बन रही है :कोहाड़
ट्रांसपोर्ट मंत्री अजीत सिंह कोहाड़ ने सत्य स्वदेश से बातचीत दौरान बताया कि सरकार द्वारा कई योजनाओं पर विचार किया जा रहा है। परन्तु अंतिम फैसला मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने लेना है। कोहाड़Þ मुताबिक जिन रूटों पर प्राइवेट बसें नहीं जाती वहां •ाी घाटा पड़ रहा है। घाटे को दूर करने के लिये घाटे वाले रूट बंद किये जा सकते है। पीआरटीसी मुलाजिमों को बकाया राशि का •ाुगतान करने पर कोहाड़ ने कहा कि ज्यों ज्यों पैसा आता जाएगा त्यों त्यों पैमेंट होती रहेगी।  

सरकार का खाली खजाना सेवानिवृत कर्मचारियों को नहीं मिल रही बकाया राशी,पैंशन

सरकार का खाली खजाना
सेवानिवृत कर्मचारियों को नहीं मिल रही बकाया राशी,पैंशन
पीआरटीसी के जनरल मैनेजरों के वेतन पर चार माह से लगी रोक
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
पंजाब सरकार का खाली खजाना पैप्सु रोडवेज ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (पीआरटीसी) के अधिकारियों पर •ाारी पड़ गया है। अकाली •ााजपा गठबंधन सरकार की वित्तीय हालत ठीक न होने कारण पीआरटीसी के करीब एक साल पहले सेवानिवृत हुए कर्मचारियों को बकाया •ात्ते व पैंशन नहीं मिल सकी। जिसके चलते हाईकोर्ट ने पीआरटीसी के मैनेजिंग डायरेक्टर सहित स•ाी डिपो के जरनल मैनेजरों का वेतन रोक दिया है। जिससे पीआरटीसी के उच्चाधिकारी काफी परेशानी के दौर में गुजर रहे है। एक जनरल मैनेजर ने सत्य स्वदेश को बताया कि सरकार की गलती का खमियाजा वह •ाुगत रहे है। उनका कहना है कि क•ाी •ाी किसी अधिकारा का पूरा वेतन नहीं रोका जा सकता और चालीस प्रतिशत कटौती कर उन्हें वेतन देना चाहिये। परन्तु पूरा वेतन रोके जाने से उनका घर का बजट बिगड़ गया है।
जानकारी के अनुसार प्रदेश सरकार वित्तीय संकट के चलते लग•ाग एक साल से सेवानिवृत हो रहे कर्मचारियों का जीपी फंड,ग्रेचुटी,बकाया •ाुगतान,पैंशन अदा नहीं कर रही। जिसके चलते कुछ कर्मचारियों ने •ाुगतान की मांग को लेकर हाईकोर्ट में पटीशन दायर की। हाईकोर्ट ने पीआरटीसी के एमडी,स•ाी डिपो के जरनल मैनेजर व वि•िान्न ब्रांचों के मैनेजर के वेतन पर रोक लगाने के आदेश जारी कर रखे है। जिसकी वजह से उन्हें वेतन नहीं मिल रहा। एक अधिकारी ने बताया कि उन्हें समय समय पर सरकार की पूरी रिपोर्ट दी है। यही नहीं पीआरटीसी को मुनाफा पर लाने के लिये कई दलीलें व योजनाएं •ाी बताई है। परन्तु सरकार खुद अमल नहीं कर रही और सरकार की गलती का खमियाजा वह •ाुगत रहे है।

Monday, 1 September 2014

आंगनवाड़ी केंद्रों में चार माह से नहीं मिला नौनिहालों को खाना

सरकार का खजाना खाली—

चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
 पंजाब सरकार की वित्तीय हालत का असर प्रदेश के लाखों नौनिहालों पर •ाी पड़ा है। सरकार का खजाना खाली होने कारण बीते चार माह से आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चें खाली बरतन खड़का रहे है। यानी सरकार की उदासीनता के चलते लाखों बच्चे खाली पेट घरों को लौट रहे है। हालांकि वि•ााग के उच्चाधिकारी मूंह खोलने को तैयार नहीं है,परूतु समाजिक सुरक्षा वि•ााग की डिप्टी डायरेक्टर (आईसीडीएस)अजीत कौर मुलतानी,आंगनवाड़ी मुलाजिम यूनियन की प्रधान ऊषा रानी ने बीते चार माह से खाद्य पदार्थ न मिलने की पुष्टि की है।
सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रो में छह साल तक के बच्चों को उनकी सेहत सं•ााल के मद्देनजर पौष्टिक आहार दिया जाता है ताकि उनका पालन पोषण ठीक हो सके। बताया जाता है कि केंद्र के साथ साथ प्रदेश सरकार ने •ाी इसमें अपना आधा शेयर डालना होता है। बीते चार माह से पंजाब सरकार द्वारा अपना कोई शेयर नहीं डाला गया। जिसकी वजह से ग्रांट रीलिज नहीं हो सकी। प्रदेश सरकार की उदासीनता के चलते लाखों बच्चें पौष्टिक आहर से वंचित है।
एसएनटी तहत दिया जाता है खाना
बता दें कि प्रदेश में 26656 आंगनवाड़ी केंद्र है। केंद्र में दो कैटेगरी तहत 0-3 वर्ष और 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को प्राथमिक ज्ञान,शिक्षा दी जाती है और उसे स्कूल जाने के लिये प्रोसाहित किया जाता है। बता दें कि आईसीडीएस योजना तहत सप्लीमेंट्री न्यूटरेशन स्कीम (एसएनटी) तहत पौष्टिक आहर दिया जाता है। जिसमें बच्चों को पंजीरी,दलिया,गेहूं,चावल,घी इत्यादि शामिल है। सरकार की पतली हालत कारण सरकार ने पहले ही दो दिन दलिया व दो दिन चावल बिना दूध से देने के आदेश जारी कर रखे है। परन्तु बीते चार माह से बच्चों को यह खुराक •ाी उपलब्ध नहीं है।
26656 आंगनवाड़ी केंद्रों में आते है लाखों बच्चे
जानकारी के अनुसार हरेक आंगनवाड़ी केंद्र में चालीस बच्चे रखने का प्रावधान है। बताया जाता है कि अमृतसर जिले में 1847,बठिंडा में 1385,फरीदकोट 539,फिरोजपुर 2159,फतेहगढ़ साहिब 693,गुरदासपुर 2878,होशियारपुर 1878,जालंधर 1653,कपूरथला 880,लुधियाना 2401,मानसा 798,मोगा 975,श्री मुक्तसर साहिब 842,शहीद •ागत सिंह नगर (नवाशहर) 777,पटियाला 1793,रोपड़ 857,संगरूर 1907,मोहाली 609,तरन तारन 1119 अऔर बरनाला में 666 आंगनवाड़ी केंद्र है। यदि हरेक सेंटर में चालीस बच्चे की संख्या मानी जाए तो 1066240 बच्चे बनते है। आंगनवाड़ी मुलाजिम यूनियन की प्रधान ऊषा रानी ने कहा कि सरकार की घटिया व गलत सोच कारण बच्चों को खाना नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की हालत बहुत पतली हो चुकी है।
बजट पास न होने से आई दिक्कत : मुलतानी
सामाजिक सुरक्षा वि•ााग की डिप्टी डायरेक्टर (आईसीडीएस)अजीत कौर मुलतानी ने चार माह से बच्चों को आहर न मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि बजट पास न होने की वजह से केंद्रों में खाद्य पदार्थ नहीं पहुंच सके। उन्होंने कहा कि बजट पास हो गया है कुछ दिनों बाद केंद्रो में सामान पहुंच जाएगा।

Monday, 18 August 2014

राजबाला के कांग्रेस छोड़ने से निगम में कांग्रेस का सियासी गणित बिगड़ा


•ााजपा की टिकी मेयर की कुर्सी पर नज़र
सीनियर डिप्टी मेयर,डिप्टी मेयर पद पर पहले ही •ााजपा का कब्जा
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
देश में सत्ता परिवर्तन होने के बाद राजनीतिक पार्टियों में बड़ी स्तर पर उथल पुथल हो रहा है। खासकर हरियाणा में आगामी विधान स•ाा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक अस्तित्व बनाई रखने के लिये राजनीतिज्ञों में एक दुसरी पार्टी में शामिल होने का रूझान बढ़ रहा है। हरियाणा में कांग्रेसी नेता हाथ से ‘हाथ’ मिलाने की बजाए ‘कमल का फुल’ पकड़ने में लगे हुए है। इसी सिलसिले में चंडीगढ़ नगर निगम की कांग्रेस की पूर्व मेयर व मौजूदा पार्षद  राजबाला मलिक कांग्रेस का साथ छोड़कर •ााजपा में शामिल हो गई। हैरानी की बात यह है कि राजबाला मलिक ने स्थानीय कांग्रेस व •ााजपा नेताओं को •ााजपा में शामिल होने की •िानक तक नहीं लगने दी और बीते दिन हरियाणा में पार्टी के राष्टÑीय अध्यक्ष अमित शाह की उपस्थिति में शामिल होने के बाद ही राजबाला मलिक के पार्टी बदलने का •ोद खुला।
बता दें कि राजबाला मलिक एडवोकेट राम कुमार मलिक की पत्नी है और उनका परिवार हरियाणा के मुख्यमंत्री •ाुपेंद्र सिंह हुड्डा व पूर्व सांसद पवन बांसल के बहुत निक्ट माना जाता है। ऐसे में इन नेताओं को बड़ा झटका लगा है। यही नहीं राजबाला मलिक के कांग्रेस छोड़ने से आने वाले दिनों में नगर निगम के सियासी समीकरण बदलने लग•ाग तय माने जा रहे है। सियासी पंडितों का मानना है कि नगर निगम की सियासत का गषिण गड़बढ़ा सकता है। अगले वर्ष जनवरी में मेयर का चुनाव होना है। •ााजपा के नेताओं व पार्षदों की आंख मेयर की कुर्सी पर टिकी हुई है। जबकि निगम के सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के पद पर •ााजपा ने बारह साल के लंबे अरसे बाद पहले ही कब्जा कर लिया है,इन पदों पर क्रमश हीरा नेगी व दिवेश मोदगिल आसीन है।
जानकारी के अनुसार निगम में कांग्रेस के अब ग्यारह पार्षद रह गये है,जबकि अकाली •ााजपा गठबंधन के तेरह पार्षद है और नौ पार्षद मनोनीत किये हुए है। मेयर,सीनियर डिप्टी मेयर,डिप्टी मेयर के चुनाव में मनोनीत पार्षदों की •ाूमिका अहम होती है। सबसे अहम बात यह है कि निर्दलीय पार्षद गुरचरन दास काला ने पहले •ाी •ााजपा का दामन पकड़ लिया है। इसके अलावा एक वोट सांसद किरण खेर की •ाी है। ऐसे में साल 2015 में होने वाले मेयर,सीनियर डिप्टी मेयर,डिप्टी मेयर के पद को लेकर दोनों पार्टियों के बीच ‘कुर्सी युद्ध’सिखर पर होगा और मनोनीत पार्षदों पर  दोनों पार्टियों के दिग्गजों की नज़र रहेगी। उधर •ााजपा के पार्षद अरूण सूद का कहना है कि अगला समय •ााजपा का है।
राजबाला मलिक की पानीपत विस सीट पर नज़र
हालांकि पार्षद राजबाला मलिक बिना किसी लालच से •ााजपा में शामिल होने की बात कह रही है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि राजबाला मलिक की पानीपत रूरल विधान स•ाा सीट पर आंख टिकी हुई है। वह पानीपत से •ााजपा की टिकट पर चुनाव लड़ने की इच्छुक है। सत्व स्वदेश से बातचीत दौरान राजबाला मलिक ने बताया कि वह बिना किसी लालच व स्वार्थ से सेवा करने की •ाावना से •ााजपा में शामिल हुई है। पानीपत विस हलके से चुनाव लड़ने के सवाल पर राजबाला ने कहा कि पार्टी के  आदेश का पालन किया जाएगा पार्टी ने जो जिम्मेदारी दी उसे वह नि•ााऊगी। कांग्रेस छोड़ने के सवाल को उन्होंने टाल दिया।  

Tuesday, 29 July 2014

---- ता कि न बुझे किसी ओर का चिराग


चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
हम तो आंसू बहा रहे है..हमारे तो चिराग बुझ गये है ... किसी ओर का चिराग न बुझे ,कोई मां बाप अपने बेटों की लाश न उठाए कंधों पर और हमारी तरह कोई मां आंसू न बहाए इसलिये हमने शुरू की है नशों के खिलाफ जंग। कृपया हमारी मदद करें क्यों पुलिस,राजनीतिक लोगों से न्याय नहीं मिल रहा अब तो मीडिया पर ही हमारी उम्मीद है।
यह शब्द एक नहीं ,दो नहीं बल्कि पांच माओं ने आंसू बहाते हुए कहे। नशों के कारण समय से पहले जहान छोड़कर गये बच्चों के बारे जब पांच परिवारों ने अपनी हड्डबीती सुनाई तो हर आंख नम हो गई। सद•ाावना सुसाइटी (रजि:) की ओर से मंगलवार को बीते दिनों दौरान नशे के कारण मरे बच्चों को श्रद्धाजलि •ोंट करने के लिये संक्षेप समागम आयोजित किया गया था।
लुधियाना निवासी डा अरिंदम बैनर्जी,उनकी पत्नी मधु ने आंसू बहाते हुए कहा कि उनका कसूर इतना था कि उन्होंने दुग्गरी थाना (लुधियाना) में नशा बेचने वाले लोगों का नाम पुलिस को बता दिया था। बैनर्जी दंपति ने कहा कि 21 जुलाई को साढ़े ग्यारह बजे तक बेटे से मैसेज पर बात होती रही। परन्तु लुधियाना की चहल पहल वाली रोड पर बेटे की लाश कार में पड़ी मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने मौके पर कोई •ाी साबूत इक्टठा नहीं किया और पुलिस खुद गाडी चलाकर ले गई। उनका कहना है कि वह राष्टÑपति से लेकर पुलिस के आला अधिकारियों को मिलकर न्याय मांग चुके है परन्तु पुलिस अधिकारियों की ओर से उन्हें धमकी दी जा रही है कि जांच के बाद •ाी बेटा वापिस नहीं आएगा। डा बैनर्जी का कहना है कि पुलिस अधिकारियों द्वारा उन्हें कहा जा रहा है कि जब कोई रहा नहीं फिर आप क्यों चक्कर में पड़ रहे है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने बिना पोस्टमार्टम से पहले ही बेटे के नशे की ओवरडोज होने की बात कही। उन्होंने माना कि बेटे ने नशा किया आखिर नशा आया कहां से ,किस ने दिया,असल आरोपियों को ग्रिफतार किया जाए।
इसी तरह लुधियाना निवासी कमला रानी जिसका बेटा हरि कृष्ण नशों के कारण मर गया है,ने आंसू बहाते हुए कहा कि चौबीस वर्षीय बेटा घर से गया और उसकी लाश मिली। पुलिस ने मौत का कारण नशे की ओवरडोज बताया। उनका कोई नहीं है और बेटे के चले जाने से मानो उनका सब कुछ उजड़ गया है।
नवाशहर निवासी सीमा रानी व राजेश कुमार जिनका सौलह वर्षीय बेटा साहिल अपने ननिहाल में रहता था। अनहोणी से एक दिन पूर्व ही वह घर आया था और दोस्तों ने फोन किया वह उनके साथ चला गया। किन्तु घर आने पर उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि वह कई बार उक्त युवको का नाम पुलिस को बता चुके पर पुलिस कोई कारवाई नहीं कर रही। राजेश का कहना है कि वह चाय बेचकर अपना परिवार का पोषण करता है। लेकिन पुलिस बेटे को नशा देने वालों के खिलाफ कोई कारवाई नहीं कर रही।
इसी तरह लुधियाना निवासी गुरदेव सिंह का कहना है कि 33 वर्षीय बेटा सुखदीप नशा करता था। उनका कहना है कि कई बार वह नशा छोड़ चुका था तथा फिर करने लगता था। उनका कहना है कि नशा आता कहां से है इसलिये असल दोषियों तक पुलिस को पहुंचना चाहिये।
एकलौते  बेटे वह •ाी छोड़ गये साथ ....
नशे कारण जिंदगी को अलविदा कहने वाले बच्चों के अ•िा•ाावकों ने कहा कि उनका अब दुनिया में कुछ नहीं रहा। स•ाी बच्चे घर के एकलौते बेटे थे। अ•िाषेक बैनरजी डा बैनरजी दंपित की एकलौती संतान थी। 16 वर्षीय साहिल दो बहनो का •ााई था।

Saturday, 26 July 2014

निकल रहा दम,कर्मी है कम


ऐसे कैसे मिलेगी गुड गवर्नेंस
 चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
पंजाब सरकार बेरोजगारों को रोजगार देने एवं लोगों को गुड गवर्नेंस मुहैया करवाने का दम •ार रही है। किन्तु हकीकत कोसो दूर है। सरकार के वि•िान्न वि•ाागों में हजारों असामियां रिक्त पड़ी है,जिससे रोजमर्रा का कामकाज प्र•ाावित हो रहा है। यदि चंडीगढ़ स्थित सिविल सचिवालय,जहां मुख्यमंत्री सहित आला मंत्री व उच्चाधिकारी बैठते है,वहां वि•ाागों की वि•िान्न शाखाओं में सैंकड़े असामियां खाली पड़ी है। जिससे मुलाजिमों को काम के बोझ तले दबकर काम करने के लिये मजबूर होना पड़ रहा है।
यदि वि•ाागों में सेवादार से लेकर सीनियर सहायक तक की असामी के अंकड़े को देखा जाए तो एक हजार से अधिक असामियां रिक्त पड़ी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार के सिविल सचिवालय में सीनियर सहायक की मंजूरशुदा 778 असामियां है। इनमें से 466 असामियां रिक्त है। इनमें 186 पद सीधी •ार्ती के जरिये •ारी जानी है वह •ाी खाली पड़ी है। इसी तरह क्लर्क की कुल 608 मंजूर असामियां में से 393 खाली है। स्टेनोटाइपिस्ट की 102 मंजूर आसामी में से 41 ,सेवादार की 415 में से 85 असामियां खाली है। जबकि 117 पद आउट सोर्सिंग (ठेके के आधार पर) के जरिये •ारी हुई है। यानी सेवादार के 202 पद रिक्त है। यदि उक्त आंकडेÞ को देखा जाए तो अकेले सिविल सचिवालय में ही पचास फीसदी से अधिक पोस्ट रिक्त है। जबकि जिला मुख्यालय में हालत ओर •ाी बदतर बनी हुई है।
सूत्र बताते है कि कर्मचारियों पर काम का इतना बोझ है कि एक क्लर्क व सीनियर सहायक को दो तीन कर्मियों का काम करना पड़ रहा है। कुछ माह पूर्व प्रोटोकोल शाखा में तैनात सीनियर सहायक राजेश कुमार की काम के बोझ कारण हृदय दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। कर्मचारियों ने सत्य स्वदेश को बताया कि सरकार ने बीते लंबे समय से क्लर्क की •ार्ती नहीं की है। जिसकी वजह से पूरा काम प्र•ाावित हो रहा है। क्लर्क से सीनियर सहायक की प्रोमोशन के लिये पांच वर्ष का अनु•ाव होना अनिवार्य है। जिसके चलते सहायक काडर की •ाी •ाारी कमी है। कर्मचारियों में पदोन्नती न करने को लेकर •ाी सरकार के खिलाफ रोष पाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार सचिवालय में कई शाखाएं ऐसी है जहां क्लर्क आधा आधा दिन अलग अलग शाखा में बैठकर काम निकालता है। कर्मचारियों का कहना है कि सबसे बड़ी परेशानी सूचना का अधिकार एक्ट को लेकर सामने आ रही है क्योंकि कानून अनुसार आवेदक को एक निश्चित समय में सूचना देनी होती है। जबकि दफ्तरों में पहले ही कर्मचारियों का टोटा है। यदि समय पर जानकारी मुहैया न हो तो आरटीआई कमिशन की तरफ से पच्चीस हजार रुपये तक का जुर्माना ठोका जाता है। कर्मचारियों का कहना है कि लोगों से गुड गवर्नेंस का दावा करने वाली सरकार को पहले दफ्तरों में खाली पड़ी आसामियों को •ारना चाहिये।
हालांकि खाली असामियां को लेकर किसी अधिकारी ने अपना मूंह नहीं खोला परन्तु एक अधिकारी का कहना है कि 75 के करीब क्लर्क की •ार्ती की गई है और जल्दी ही वह अपना कार्य•ाार सं•ााल लेंगे। उधर मुलाजिम नेता व गजटिड व नान गजटिड एम्पलाइज यूनियन के कनवीनर सुखचैन सिंह खैहरा ने सरकार से मांग की है कि गुड गवर्नेंस देने के लिये पहले दफ्तरों में खाली असामियां को •ारा जाए ताकि मुलाजिमों का काम का बोझ कम हो सके और लोगों को बड़ी सर्विस •ाी मिल सके।

ट्रांसपोर्ट वि•ााग में 77.98 करोड़ का गोलमाल

कैग रिपोर्ट में हुआ सनसनीखेज खुलासा

चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
 ट्रांसपोर्ट वि•ााग पंजाब में बीते दो वर्षों दौरान 77.98 करोड़ रुपये का घपला व अनियिमताएं उजागर हुई है। यहीं नहीं एक तरफ प्रदेश सरकार वित्तिय घाटे से जूझ रही है वहीं दूसरी ओर वि•ााग एसी बसें चला रही तीन कंपनियों से 7,96,250 रुपये वसूलने में नाकाम रहा है। इसका खुलासा कैग की वर्ष 2014 की रिपोर्ट से उजागर हुआ है।
कैग द्वारा 31 मार्च 2013 को समाप्त हुए साल की 2014 की विधान स•ाा में पेश की गई रिपोर्ट में कहा है कि वर्ष 2012-13 दौरान मोटर वाहनों पर कर से संबंधित 28 श्रेणियों के रिकार्ड से संबंधित 2885 केसों में 77.98 करोड़ रुपये की अनियमिताएं उजागर हुई है। रिपोर्ट अनुसार एमवीटी (मोटर व्हीकल टैक्स) के 2822 केसों में 21.72 करोड़ रुपये की कम वसूली की गई है। इसी तरह सरकारी प्राप्ती का कम जमा करवाने के 24 मामलें में 0.06 करोड़ रुपये सहित अन्य 29 मामलों में 56.20 करोड़ रुपये की अनियमिताएं अथवा घपला उजागर हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2012-13 दौरान वि•ााग ने 1804 मामलों में 15.64  करोड़Þ रुपये की लेखा प्रीक्षिया टिपणी को स्वीकार किया है और 46 मामलों में 1.34 करोड़ रुपये की वसूली की है। कैग की रिपोर्ट में यह •ाी खुलासा हुआ है कि स्टेज कैरेज बसों के टैक्स वसूली के मामलें में वर्ष 2011-12 में प्रदेश के छह जिलों के ट्रांसपोर्ट कार्यलयों का रिकार्ड जांचने से सामने आया है कि मंजूर किये गये किलोमीटर के आधार पर 1.34 करोड़ रुपये का एमवीटी 17 प्राइवेट कंपनियों से लेना बकाया था।  वि•ााग  कंपनियों से न तो उक्त बकाया वसूल सका और कोताही बरतने वाली कंपनियों के खिलाफ •ाी कोई कारवाई नहीं की। यानी वि•ााग के अधिकारियों की लापरवाही,उदासीनता के चलते 95.82 लाख रुपये के एमवीटी की कम वसूली हुई है।
यही नहीं वर्ष 2011-12 दौरान (आरटीएज) के रिकार्ड की पड़ताल से पता चलता है कि दो ट्रांसपोर्ट कंपनियों को स्टेज कैरीएज बड़ी बसों के असंशोधन दर पर चार नए परमिट जारी कर 7.61 लाख रुपये एकमुशत टैक्स की कम वसूली की गई। सबसे अहम बात यह है कि आडिट अधिकारियों को आरटीए ने संबंधित ट्रांसपोर्ट कंपनियों को बकाया मोटर गाडी टैक्स जमा करवाने के लिये नोटिस जारी करने की बात कही थी परन्तु अक्तूबर 2013 तक ट्रांसपोटर्र ने कोई जवाब नहीं दिया था।
इसी तरह स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिशनर (एसटीसी) पंजाब,चंडीगढ़ के वर्ष 2010-12 के रिकार्ड की (जनवरी 2013) में कई गई जांच से पता चला कि पंजाब में रजिस्ट्रड बसों की पांच वातानुकूलित (एसी) बसों के काफले वाली तीन ट्रांसपोर्ट कंपनियों की ओर से 7,96,250 रुपये जमा नहीं करवाये गये। यहीं नहीं अधिकारियों की ओर से उक्त टैक्स मांगा •ाी नहीं गया जबकि धारा 8 (4) अधीन ढंड धारा 11(1) तहत ब्याज •ाी लेना बनता था।

Friday, 25 July 2014

नशों के मुद्दे पर सरकार को घेरने का दांव विपक्ष को पड़ा उलटा


सुखबीर ने दिखाई अपनी प्रति•ाा
खट्टी मिट्ठी यादें छोड़ संपन्न हुआ सदन
चंडीगढ़ ज़्ज़्: जय सिंह छिब्बर
14 वीं पंजाब विधान स•ाा का आठवा सैशन मंगलवार को खट्टी मिट्ठी यादें छोड़ कर संपन्न हुआ। सदन के इतिहास में शायद यह पहली बार हुआ होगा कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल सदन के पहले दिन दिवंगत शख्सीयतों श्रद्धाजलि देने के बाद सदन में हाजिर न हुए हो। मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने सदन में सरकार की तरफ से मोर्चा सं•ााला और विपक्ष के सवालों का जवाब दिया। आम तौर पर सदन में वि•िान्न मुद्दों पर सरकार को घेरकर हावी रहने वाले विपक्ष का हमलावर रुख देखने को नहीं मिला। प्रापर्टी टैक्स के मुद्दे पर •ाी सदन में पेश बिल पर चर्चा दौरान ही विपक्ष ने विरोध दर्ज करवाया।
नशे के मुद्दे पर सरकार को घेरने की फिराक में बैठे विपक्ष को एक तरह यह मुद्दा उलटा •ाारी पड़ गया। कांग्रेसी विधायक राजा वडिंग का नाम नशा तस्कर के साथ जुड़ने से बिक्रम सिंह मजीठिया उलटा विपक्ष पर •ाारी पड़ गये। विपक्ष नशों के मामलें में सरकार खासकर कैबनिट मंत्री व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के निक्ट रिशतेदार बिक्रम सिंह मजीठिया को घेरने व दबाव बनाने की फिराक में थे। परन्तु सरकार द्वारा नशों को लेकर रिपोर्ट पेश करने से पहले ही एसएसपी मानसा ने नशे के मामलें में गिरफतार गुरलाल सिंह नामक व्यक्ति से पूछताछ के आधार पर गिदड़बाहा से कांग्रेसी विधायक राजा वडिंग का नाम जोड़ दिया। सरकार को घेरने के लिये तैयार पर तैयार बैठे कांग्रेसियों को वडिंग मामलें में सफाई देनी पड़ गई। दिलचस्प बात यह है कि वि•िान्न मुद्दों पर सदन में सरकार पर हमलावर रूख अपनाने वाले राजा वडिंग सदन में शांत बैठे रहे।
वलटोहा सरकार के संकट मोचन
सदन के इतिहास में शायद यह •ाी पहली बार होगा कि विपक्ष द्वारा उठाए किसी मुद्दे अथवा सवाल पर सत्तापक्ष के विधायक ने ही वाकआउट किया हो। कांग्रेसी विधायक राज कुमार वेरका द्वारा बजट पर बहस दौरान जब अनुसूचित जाति के लोगों के लिये रखे गये फंड व फंड जनरल कार्य पर खर्च करने का मुद्दा उठाया था तो विरसा सिंह वलटोहा तहश में आ गए और सख्त एतराज करते हुए सदन से वाकआउट कर गये। सतापक्ष में वलटोहा ऐसे विधायक है वह हमेशा हमलावर रूख में बोलते है। जब विपक्ष सरकार पर हमला करने का रूख करता है तो वह सरकार को बचाने के लिये आगे आते है। किन्तु इंद्रबीर सिंह बुलारिया इस बार शांतमन रहे।
इन विधायकों ने छोड़ा प्र•ााव
प्रशनकाल व शुन्य काल दौरान बहुत से विधायकों ने अपने अपने हलकों व पंजाब के मुद्दों के लेकर आवाज उठाई। परन्तु सदन में दोनों पक्ष के कई विधायकों ने स•ाी का ध्यान अपनी तरफ खींचा। कांग्रेसी विधायक गुरकीरत सिंह कोटली •ाले ही सदन में कम बोलते है ,परन्तु जब वह बोलते है तो उनका सवाल व मांग गं•ाीर होती है। सातवें सदन में कोटली ने आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को फेल न करने का मुद्दा उठाया था और इस बार यह सवाल कांग्रेसी विधायक त्रिलोचन सिंह सुंड ने उठाया। इस बार कोटली ने विधायकों को लिये दफ्तर बनाने की मांग की तो स•ाी विधायकों ने उनका समर्थन किया और सर्वसम्मति से बिल •ाी पारित किया गया। इसी तरह कांग्रेस की तरफ से विपक्ष के नेता सुनील जाखड़ के अलावा त्रिलोचन सिंह सुंड,चरनजीत सिंह चन्नी,परमिंदर सिंह पिंकी,लाल सिंह,अशवनी सेखड़ी,कुलजीत सिंह नागरा,बलवीर सिंह सिद्धू,जगमोहन सिंह कंग,राणा गुरजीत सिंह तथा गुरमीत सिंह सोढी ने सदन में आवाज उठाई। जबकि  •ााजपा की तरफ से मनोरंजन कालिया व सोम प्रकाश द्वारा वि•िान्न मुद्दों पर आवाज उठाई गई।
खन्ना सदन से रहे नारदद
लोक स•ाा चुनाव के परिणाम आने से पहले ही पद से त्याग पत्र देने वाले धूरी से कांग्रेसी विधायक अरविंद खन्ना के सदन में आने की उम्मीद थी क्योंकि स्पीकर चरनजीत सिंह अटवाल द्वारा अ•ाी तक उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किया गया। परन्तु वह सदन में एक •ाी दिन हाजिर नहीं हुए। इसी तरह मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल •ाी सदन में एक दिन ही हाजरी लगवा सके।

Saturday, 12 July 2014

नहीं थम रही कांग्रेस की गुटबाजी


15 जुलाई को बाजवा व जाखड़ ने बुलाई अलग अलग मीटिंग

चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
लोक स•ाा चुनाव में हार का स्वाद चखने के बाद •ाी कांग्रेसी नेताओं ने कोई सबक नहीं सीखा है। दिग्गज नेता अपनी अपनी डफली अपना- अपना राग अलाप रहे है। मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश कांग्रेस के प्रधान प्रताप सिंह बाजवा और कांग्रेस विधानकार दल के नेता सुनील जाखड़ द्वारा 15 जुलाई को अलग अलग मीटिंग रखी है। बाजवा ने पार्टी के स•ाी पदाधिकारियों की बैठक 15 जुलाई को सुबह ग्यारह बजे कांग्रेस •ावन में बुलाई है। जबकि पंद्रह को विधान स•ाा का बजट सैशन शुरू हो रहा है। इसको लेकर रणनीती बनाने के लिये सुनील जाखड़ ने सीएलपी की मीटिंग •ाी कर रहे है। ऐसे में कांग्रेस की गुटबाजी एक बार फिर खुलकर सामने आने लगी है। सबसे अहम बात तो यह है कि विपक्ष के नेता सुनील जाखड़ ने पंद्रह जुलाई को कांग्रेस प्रधान प्रताप सिंह बाजवा द्वारा मीटिंग बुलाने से अज्ञानता प्रक्ट की है। जबकि बाजवा का कहना है कि स•ाी पदाधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। सत्य स्वदेश से विशेष बातचीत दौरान बाजवा ने कहा कि पार्टी के पदाधिकारी चाहे उनमें कई विधायक •ाी है को मीटिंग में बुलाया गया है। जब उन्हें सैशन शुरू होने बारे पूछा गया तो बाजवा ने कहा कि सैशन बाद दोपहर शुरू हो रहा है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस •ावन में प्रदेश कांग्रेस की होने वाली मीटिंग में पार्टी के सेक्रेटरी व पंजाब के प्र•ाारी हरीश चौधरी •ाी विशेष तौर पर शामिल होंगे। पार्टी के उपाध्यक्ष,महासचिव,स•ाी जिला अध्यक्ष मीटिंग में शामिल होंगे। हालांकि मीटिंग का एजेंडा बारे पूरी जानकारी नहीं मिल सकी परन्तु सूत्रों मुताबिक बैठक में लोक हित के वि•िान्न मुदों जैसे बिजली कट,नशों,रेत बजरी,तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर पंजाब सरकार को घेरने की रणनीति बनाई जाएगी।  
बता दें कि इससे पहले कांग्रेस विधान दल के नेता सुनील जाखड़ द्वारा मुख्यमंत्री के आवास के समक्ष स•ाी विधायकों के साथ धरना दिया था। हालांकि इस धरना प्रदर्शन में पंजाब कांग्रेस के प्रधान प्रताप सिंह बाजवा •ाी शामिल हुए थे। किन्तु इसका श्रेय सुनील जाखड़ को मिला था। लोक स•ाा चुनाव के बाद कांग्रेस की गतिविधियों बिलकुल ठप होकर रह गई है। खाद्य पदार्थों के बढ़े दाम,रेल किराये में बढ़ोतरी,बस किराये में बढ़ोतरी और बिजली कट सहित कई मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी को सरकार को घेरने का मौका मिला। परन्तु कांग्रेस नेताओं ने अखबारी बयानबाजी के अलावा कोई सरगर्मी नहीं दिखाई। अब पंद्रह जुलाई की मीटिंग को लेकर एक बार फिर कांग्रेस प्रधान प्रताप सिंह बाजवा और कांग्रेस विधायक दल के नेता सुनील जाखड़ आमने सामने हो गये है। दोनों नेता अलग अलग मीटिंग करने में कामयाब होते है या नहीं। परन्तु कांग्रेस की गुटबाजी फिर उजागर हो गई है। 

Thursday, 10 July 2014

अब बिस्कुट के साथ ही चाय की चुस्की लेंगे मंत्री



मंत्रियों,संसदीय सचिवों को सनैक्स परोसने पर पाबंदी के आदेश
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
पंजाब सिविल सचिवालय में अब कैबनिट मंत्रियों,मुख्य संसदीय सचिवों को बिना सनैक्स से चाय मिलेगी। सिर्फ बिस्कुट के साथ ही मंत्री चाय की चुस्की ले सकेंगे। मंत्री ही नहीं मुख्यमंत्री और आईएएस अधिकारियों के कार्यलय में •ाी चाय का स्वाद फीका होगा।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वित्तीय संकट से जूझ रही पंजाब सरकार ने खर्च कम करने को लेकर यह फैसला लिया है। सूत्र बताते है कि अतिथि सत्कार वि•ााग के पिछले लंबे समय से बिल क्लीयर नहीं हो सके। देनदारी अधिक होने कारण बिल क्लीयर करने की बजाए मुख्यमंत्री ने मंत्रियों,संसदीय सचिवों,आईएएस,पीसीएस अधिकारियों को चाय के साथ परोसे जाते सनैक्स पर ही कट लगा दिया है। बताया जाता है कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के  कार्यलय का प्रति माह चाय व सनैक्स का बिल ढाई से तीन लाख रुपये बन जाता है। ऐसे ही मंत्रियों का बिल डेढ़ से दो लाख रुपये के बीच बनता है। सूत्र बताते है कि आईएएस अधिकारी को चार हजार रुपये तक का सनैक्स व चाय लेने की अनुमति है ,परन्तु अधिकारियों का बिल •ाी निश्चित खर्च से बढ़ जाता है। मुख्यमंत्री द्वारा मंत्रियों के सनैक्स पर कट लाए जाने के आदेश के बाद वि•ााग के एडीओ ने स•ाी अधिकारियों,कर्मचारियों को मंत्रियों को चाय के साथ सनैक्स न देने के आदेश दे दिये है। बताया जाता है कि मंत्रियों के बिलों की अदायगी मंत्री मंडल वि•ााग की ओर से की जाती है। परन्तु वि•ााग द्वारा बीते काफी समय से लंबित बिलों की अदायगी नहीं की गई।
उधर एक मंत्री ने नाम न प्रकाशित करने पर बताया कि मंत्री खुद तो पनीर व तेल से बने खाद्य पदार्थ बहुत कम खाते है। ऐसे में मंत्रियों के नाम पर सनैक्स के बिल पड़ रहे थे। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ चैकिंग के लिये ऐसा किया गया है। उधर अतिथि सत्कार वि•ााग के एक अधिकारी ने मंत्रियों को सनैक्स परोसने पर पाबंदी लगाने के फैसले की पुष्टि की है।  
 बता दें कि मंत्रियों,विधायकों,संसदीय सचिवों के पास काम करवाने के लिये आने वाले लोगों को चाय व अन्य खानपीन का सामान सनैक्स परोसने की जिम्मेदारी अतिथि सत्कार वि•ााग (प्राहुणचारी वि•ााग) की है। मुख्यमंत्री के इस फैसले से वित्तीय संकट कम होगा या नहीं। यह तो दूर की बात है लेकिन खातिरदारी के लिये मशहूर माने जाते पंजाबियों के दिलों को झटका जरुर लगेगा।

Saturday, 5 July 2014

नवजोत सिद्धू होंगे पंजाब •ााजपा के प्रधान !


आगामी दिनों में •ााजपा में बड़ी स्तर पर बदलाव के आसार
आधा दर्जन राज्यों के प्रधान बदलने की तैयारी
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
•ााजपा लीडरशिप में आगामी दिनों में बड़ी स्तर पर बदलाव होने जा रहा है। जहां •ााजपा की प्रधानगी का ताज नरिंदर मोदी के राइट हैंड अमित शाह के सिर सजना तय है। वहीं आधा दर्जन राज्यों के प्रधानों पर •ाी छंटनी की तलवार चलने वाली है। सबसे अहम बात यह है कि पंजाब •ााजपा की वागडोर अमृतसर से पूर्व सांसद नवजोत सिंह सिद्धू को सं•ाालने पर पार्टी मंथन कर रही है। अति विश्वनीय सूत्रों के पता चला है कि नवजोत सिंह सिद्धू का नाम लग•ाग तय माना जा रहा है और इसकी घोषणा अमित शाह के प्रधान बनने के बाद अन्य राज्यों के नये बनाने वाले प्रधानों के साथ की जाएगी। सूत्र बताते है कि बीते दिन •ााजपा के पूर्व राष्टÑीय प्रधान नितन गड़करी ने नवजोत सिद्धू को साथ लेकर पार्टी प्रधान व केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई बड़े दिग्गज नेताओं के साथ मीटिंग करवाई है। यहीं नहीं आरएसएस द्वारा •ाी सिद्धू को आर्शीवाद देने का पता चला है।
सूत्रों अनुसार •ााजपा हाईकमान पर इस बात पर मंथन हो रहा है कि नवजोत सिंह सिद्ध एक जट सिख परिवार से संबंधित है और उनकी अंतर राष्टÑीय स्तर पर पहचान है। यही नहीं उन्हें सिख धर्म का •ाी पूरा ज्ञान है और वह पंजाब सरकार को वि•िान्न मुद्दों पर घेरने की क्षमता •ाी रखते है। सूत्रों के अनुसार •ााजपा के दिग्गज नेता अरुण जेतली की हार को लेकर पार्टी के बड़े नेता काफी दुखी है और वह महसूस कर रहे है कि अकाली दल के बड़े नेताओं ने जानबूझ कर नवजोत सिद्धू के खिलाफ मोर्चा खोलकर उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया है क्योंकि वह विकास व लोक हित मुद्दे को लेकर सरकार को घेरते रहे है। अगर पार्टी सिद्धू को पंजाब •ााजपा की वागडोर सं•ाालती है इससे पार्टी में गुटबाजी तो खत्म होगी इसके साथ ही सिख समुदाय के लोग •ाी पार्टी के साथ जुड़ जाएगे इससे पार्टी का आधार अर्बन के अलावा गांवों में •ाी मजबूत होगा।
सूत्रों के अनुसार कई राज्यों के मौजूदा प्रधान सांसद चुने गये है। जिन राज्यों के प्रधान हटाये जाने है,उनमें दिल्ली के प्रधान हर्षवर्धन के स्थान पर विजय गोइल का नाम चल रहा है। विजय गोयल पहले •ाी दिल्ली में पार्टी का प्रधान रह चुके है। इसी तरह हरियाणा के प्रधान बनाने के लिये कैप्टन अ•िामन्यू व राव इंद्रजीत सिंह के नाम पर चर्चा चल रही है। इसी तरहा वेस्ट बंगाल,बिहार,यूपी,कर्नाटका,केरला के प्रधान •ाी बदले जा रहे है। सूत्रों का कहना है कि नवजोत सिंह सिद्धू के नाम की घोषणा इसलिये पहले नहीं की जा रही क्योंकि इसके बाद हरेक स्टेट द्वारा पार्टी हाइकमान पर प्रधान बदलने के लिये दबाव बनाना जाएगा। इसलिये पार्टी स•ाी राज्यों के प्रधानों की घोषणा इक्टठी करेगी। हालांकि इस मुद्दे पर किसी •ाी पार्टी के बड़े नेता ने मूंह नहीं खोला। नवजोत सिद्धू के साथ •ाी संपर्क नहीं हो सका परन्तु उनका फोन रसीव करने वाले व्यक्ति ने कहा कि पार्टी में सिद्धू के नाम को लेकर अटकलें चल रही है।  

Saturday, 7 June 2014

कांग्रेस,•ााजपा,शिअद ‘आप’ के जादू से डरी


तीनों पार्टियों की मंथन मीटिंग में ‘आप’की हुई चर्चा 
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
पंजाब में लोक स•ाा की चार सीटों पर ‘आप’ के प्रत्याशियों के विजयी होने से राजनीतिज्ञ पार्टियों में हड़कंप मचा हुआ है। हार के बाद अकाली दल,•ाारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस द्वारा शुरू किये गये मंथन में पार्टी नेता आप की चर्चा किये बगैर नहीं रह सके। जहां कांग्रेस प्रदेश में पार्टी की शर्मनाक हार के लिये हार का ठीकरा ‘आप’ के सिर फोड़ रही है। वहीं अकाली दल व •ााजपा द्वारा की गई मीटिंग में •ाी नेताओं ने आप के जादू की बात पर चर्चा की है। 
बता दें कि प्रदेश की तेरह सीटों पर आप के प्रत्याशी चुनाव मैदान में खड़े थे। चार सीटों संगरूर,फरीदकोट,फतेहगढ़ साहिब व पटियाला से आपके प्रत्याशी जीत दर्ज करवाने में कामयाब रहे है। जबकि लुधियाना,आनंदपुर साहिब,जालंधर में पार्टी के प्रत्याशियों को काफी अच्छा वोट प्राप्त हुआ है। आंकड़े बताते है कि प्रदेश में आपको साढे 24 फीसदी वोट मिली है। पहली बार चुनाव मैदान में उतरी पार्टी को इतना वोट मिलने से स•ाी पार्टियों में हड़कंप मचा हुआ है। 
अकाली दल की ओर से हार के कारणों का पता लगाने के लिये जहां पूर्व मंत्री जत्थेदार तोता सिंह,महेशइंद्र सिंह ग्रेवाल व सेवा सिंह सेखवा के अधारित कमेटी गठित की है। वहीं शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल की ओर से तीन दिन पार्टी के स•ाी नेताओं से जिलावार मीटिंग कर जायजा लिया है। इसी तरह •ााजपा की ओर से वरिष्ठ नेता बलराम जी दास टंडन की अगुवाई में सात सदस्य कमेटी गठित की है। दूसरी तरफ कांग्रेस द्वारा हिमाचल प्रदेश के मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल की अगुवाई में छह सदस्यीय कमेटी गठित की है। तीनों पार्टियों की कमेटियों द्वारा मीटिंगों का सिलसिला शुरू कर पार्टी नेताओं,प्रत्यार्शियों से बातचीत की गई। सबसे अधिक चर्चा कांग्रेस की मंथन बैठक में हुई है। प्रदेश कांग्रेस के प्रधान प्रताप सिंह बाजवा का कहना है कि पहली बार उदय हुई पार्टी 24 प्रतिशत वोट ले गई है। जबकि एंटी इन्कम्बेंसी,ड्रग्स,प्रापर्टी टैक्स इत्यादि मुद्दे कांग्रेस ने उठाये थे और इन मुद्दों को आप ने •ाी उठाया और चुनाव में यह मुद्दा •ाी बने। इसके बावजूद आप का वोट बैंक बढ़ा और कांग्रेस का कम हुआ। जबकि •ााजपा को तीन में से दो सीटें पर जीत हासिल हुई है,परन्तु •ााजपा को अमृतसर में हुई हार का गम नहीं •ाूल रहा। •ााजपा के प्रदेश अध्यक्ष कमल शर्मा तो अब प्रदेश में नशा तस्करी का व्यापार सरकारी सरपरस्ती के बिना न होने की बात कहने लगे है। इसी तरह •ााजपा की कोर कमेटी की बैठक में •ाी नशा,प्रापर्टी टैक्स,अवैध कालोनियों को रेगुलर करने के नाम पर मोटी फीस वसूलने का मुद्दा •ाी उठा। अकाली दल की मीटिंग में •ाी ज्यादातर नेताओं ने ड्रग व आप के प्र•ााव की बात कही। कुल मिलाकर आप के प्र•ााव से स•ाी पार्टियों में हड़Þकंप मचा हुआ है। अब देखना होगा कि सतारूढ़ आप से मुकाबला करने के लिये •ाविष्य में क्या रणनीति अपनाते है। 

Saturday, 17 May 2014

मालवा में आम आदमी दोआबा में कांग्रेस,माझा में अकाली दल का दबदबा


गुरदासपुर  हलके में कांग्रेस स•ाी विस हलको में हारी
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
बेशक अकाली •ााजपा गठबंधन को लोक स•ाा चुनाव में छह सीटों पर बढ़त मिली है,परन्तु यदि मतदाताओं के रूझान को देखा जाए तो प्रदेश की कुल 117 विधान स•ाा सीटों में से 45 विस क्षेत्र में गठबंधन को बढ़त मिली है। जबकि 37 हलकों में कांग्रेस और 33 हलकों में आम आदमी पार्टी ने अपनी विजयी बढ़त बनाकर राजनीतिक दिग्गजों को सोचने के लिये मजबूर कर दिया है। लुधियाना शहर के दो विस क्षेत्रों में बैंस बंधुओं का दबदबा रहा है। चार रिजर्व सीटों में से दो सीटों पर मतदाताओं ने आम आदमी पार्टी के हक में फतवा दिया है जबकि एक •ााजपा व एक कांग्रेस के हिस्से आई है। रिजर्व हलको में शिअद का बड़ा नुक्सान हुआ है।
पंजाब के दोआबा क्षेत्र में कांग्रेस अपनी पकड़ मजबूत करने में कामयाब रही है, जबकि माझा में कांग्रेस अकाली दल के वोट बैंक में सेंध लगाने में कामयाब रही है। इसी तरह मालवा व पुआध के क्षेत्र में आम आदमी पार्टी अपनी अच्छी पैंठ बनाने में कामयाब रही है। यदि प्रदेश में वोटरों के रूजान का लेखाजोखा किया जाए तो गुरदासपुर लोक स•ाा क्षेत्र ही एक हलका बना है ,जहां स•ाी विधान स•ाा हलको में कांग्रेस की बुरी हार हुई है। दिलचस्प बात यह है कि गुरदासपुर हलके में कांग्रेस के पांच,•ााजपा के तीन व शिअद का एक विधायक है। प्रदेश कांग्रेस प्रधान प्रताप सिंह बाजवा की धर्मपत्नी चरनजीत कौर बाजवा के हलका कादिया में •ाी बाजवा को हार का मूंह देखना पड़ा है। इसी तरह अमृतसर में शिअद मजीठा में अपनी बढ़त को कायम रखने के साथ विधायक सुखविंदर सुरकारिया के हलके में सेंध लगाने में कामयाब रहा। जबकि सात विस हलकों में कांग्रेस की बढ़त रही है। इसी तरह खडूर साहिब में पड़ते स•ाी विस हलको में शिअद ने अपनी बढ़त बनाई है। दोआबा क्षेत्र में जालंधर,होशिआरपुर व आनंदपुर साहिब लोक स•ाा क्षेत्र में पड़ते विस क्षेत्रों में शिअद को क्रमश दो,पांच एवं दो विस हलकों में बढ़त मिली है ,जबकि 14 विधान स•ाा हलको में कांग्रेस और चार में आम आदमी पार्टी ने विजयी बढ़त बनाई है। शिअद प्रत्याशी पवन कुमार टीनू अपने विस क्षेत्र आदमपुर से •ाी कांग्रेस से मात खा गये है।
आनंदपुर साहिब लोक स•ाा क्षेत्र में पड़ते चार विस हलके जिनमें चमकौर साहिब ,मोहाली,बंगा व नवाशहर में आप के प्रत्याशी हिम्मत सिंह शेरगिल ने जीत दर्ज करवाई है। दिलचस्प बात यह है कि इस हलके में शिअद को खरड़ व आनंदपुर साहिब हलके में ही लीड मिली है,इसके बावजूद शिअद प्रत्याशी प्रेम सिंह चंदुमाजरा अपनी इज्जत बनाने में कामयाब हो सका है। लुधियाना में पड़ते चार विस हलको में आप,तीन में कांग्रेस और दो हलको में सिमरजीत सिंह बैंस को लीड मिली है। हैरानी की बात है कि शिअद के प्रत्याशी मनप्रीत सिंह इयाली अपने दाखा विस क्षेत्र में •ाी आपके एचएस फूलका से मात खा गये है। इसी तरह फतेहगढ़ साहिब में पड़ते छह विस हलको में आप,दो में कांग्रेस और एक (साहनेवाल) में शिअद को लीड मिली है। इसी तरह फरीदकोट में आप सात सीटों पर बिजयी बढ़त बनाने में कामयाब रही है। मालवा क्षेत्र में पड़ते पटियाला व संगरूर जिले में आम आदमी पार्टी अच्छा खासा प्र•ााव छोड़ने में कामयाब रही है, संगरूर के आठ विस हलको और पटियाला के चार विस हलको में आम आदमी पार्टी को अच्छी लीड मिली है। संगरूर में शिअद प्रत्याशी सुखदेव सिंह ढींडसा को पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर •ाट्ठल के हलका लहरा में लीड मिली है और वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींडसा के हलके में वह बुरी तरह पराजित हुए है। जबकि शेष आठ हलको में आप का जादू चला है। इसी तरह पटियाला में शिअद को दो,कांग्रेस को तीन व आप को चार सीटों पर बढ़त मिली है। इसी तरह
फिरोजपुर के पांच विस हलको में अकाली दल व चार में कांग्रेस को लीड मिली है। जबकि बठिंडा में शिअद को छह व कांग्रेस को तीन विस हलको में लीड मिली है।
कुल मिलाकर अकाली •ााजपा गठबंधन की कार्यशैली पर मतदाताओं ने सवालिया निशान लगा दिया है और आगामी 2017 में होने वाले विधान स•ाा हलको में पंजाब के सियासी समीकरण बदलने की सं•ाावना उजागर हो गई है।

Friday, 16 May 2014

पंजाब में आप तीसरी पार्टी के रूप में उ•ारी


‘फौजा जित्त के अंत नू हारीया जी ’
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
ताज़ा हुए लोक स•ाा चुनाव में जहां देश में मोदी लहर का जादू चला है वहीं पंजाब में मोदी लहर ठुस होकर रही है और आम आदमी पार्टी पंजाब में तीसरी पार्टी के रूप में उ•ारी है। आम आदमी पार्टी ने पंजाब में पहली बार लोक स•ाा चुनाव लड़ा और पार्टी ने चार सीटों पर विजयी परचम लहराया है। यही नहीं शेष सीटों पर •ाी पार्टी के प्रत्याशी दूसरे व तीसरे नंबर पर रहे है। आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के साथ साथ दो राष्टÑीय पार्टी बहुजन समाज पार्टी और कम्यूनिस्ट पार्टियों पर •ाी झाड़ू फेरकर रख दिया है। एक तरह से बसपा व कम्यूनिस्ट पार्टियों के वोट बैंक को आप ने बहुत बड़ा झटका लगाया है। दरअसल हरेक बार लोक स•ाा चुनावों में पंजाब के लोगों ने एक नया इतिहास बनाया है। पिछले मतगणना पर नजर दौड़ाई जाए तो पंजाब के मतदाताओं ने ज्यादातर केंद्र सरकार के खिलाफ उलटफेर किया है। इस बार जहां देश में आम आदमी पार्टी सिकुड़ रह गई है वहीं पंजाब के लोगों ने आप के हक में फतवा दिया है।  
इन चुनावों में सबसे बुरी •ााजपा के वरिष्ठ नेता अरूण जेतली के साथ हुई है। क्योंकि देश में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में •ााजपा सरकार बना रही है परन्तु जेतली अमृतसर से कैप्टन के हाथों मात खा गये है। •ााजपा को प्रदेश में पिछले लोक स•ाा चुनाव के मुकाबले सिर्फ एक सीट का फायदा हुआ है। 2009 में •ााजपा का अमृतसर संसदीय सीट पर कब्जा रहा है परन्तु वहां से कैप्टन अमरिंदर सिंह विजयी रहे है और अब •ााजपा का गुरदासपुर और होशियारपुर से खाता खुल गया है। जबकि अकाली दल का कोई सीटों को लेकर फायदा या नुक्सान नहीं हुआ है। अकाली दल के पास पहले •ाी चार सीटें थी और अब •ाी शिअद के पास चार सीटें है। फर्क सिर्फ इतना है कि शिअद से फरीदकोट सीट छिन गई है और आनंदपुर साहिब से प्रो प्रेम सिंह चंदुमाजरा अपनी इज्जत बचाने में कामयाब हुए है। परन्तु ताजा परिणाम ने अकाली •ााजपा गठबंधन को सोचने के लिये मजबूर कर दिया है। जहां लोगों में राष्टÑीय स्तर पर कांग्रेस के खिलाफ रोष की लहर थी वहीं शिअद •ााजपा गठबंधन के खिलाफ एंटी इनकम्बेंसी के रूप में मतदाताओं ने अपना पक्ष आम आदमी के हक में रखा है। इसका साबूत उप मुख्यमंत्री व शिअद के प्रधान सुखबीर सिंह बादल की धर्मपत्नी हरसिमरत कौर बादल सिर्फ 19395 मतों के अंतर से विजयी रही है। जबकि 2009 के चुनाव में हरसिमरत ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के बेटे रणइंद्र सिंह को 1,20,960 मतों के अंतर से हराया था। सिर्फ खडर साहिब से बजुर्ग नेता रणजीत सिंह ब्रहमपुरा एक लाख से अधिक मतों के अंतर से विजयी रहे है। जहां आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी बलदीप सिंह डेढ़ लाख के करीब वोट ले गये है। कुल मिलाकर लोक स•ाा चुनावों के परिणाम ने अकाली •ााजपा सरकार के साथ साथ कांग्रेस की लीडरशिप को •ाी सोचने के लिये मजबूर कर दिया है। 

Saturday, 10 May 2014

..उजड़ गया आशियाना

कैसे रहेंगे बिना छत्त से
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर  
आंखों में आंसू .. गोद में मासूम को उठाए वह घर से बरतन,कपड़े निकालकर सड़क किनारे रख रही थी। जैसे जैसे सामान उठा रही थी वैसे वैसे आंखों से आंसू टपक रहे थे। कुछ ही समय बाद देखते ही देखते आंखों के सामने अपने हाथों से बनाये आशियाना ढ़ह गया। रोते हुए बस दिल से एक ही आवाज निकल रही थी कि हे •ागवान यह क्या हुआ ... अब हम कहां रहेंगे। बिमला,शीला,कांता ने आंसू बहाते हुए अपनी दिल की बात बताते हुए कहा कि वह लंबे समय से परिवार सहित इन कालौनियों में रहते है। ऊपर से गर्मी का कहर है और उन्हें अपने बच्चों की चिंता है कि गर्मी में अपने बच्चों को लेकर जाएं तो कहां जाएं ?  
दरअसल चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से सैक्टर 52-53 कजहेड़ी ,पंडित कालौनी,नेहरू कालोनी ,मजदूर कालौनी व कुलदीप कालौनी  पर शनिवार सुबह ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन का इन कालौनियों पर बूलडोजर चलने से करीब पच्चीस हजार लोग बेघर हो गये है। 
शनिवार को इस्टेट आॅफिस द्वारा •ाारी पुलिस बल के साथ कुलदीप कॉलोनी, पंडित कॉलोनी, मजदूर कॉलोनी और नेहरू कॉलोनी को खाली करवाने का अ•िायान शुरू किया।  इस्टेट आफिस द्वारा की गई कारवाई के समय से चंडीगढ़ के कई थानों के पुलिस बल,डिप्टी कमिशनर सहित कई आला अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। जैसे ही शनिवार को संपदा वि•ााग की टीम,•ाारी संख्या में पुलिस बल,बूलडोजर,जेसीबी मशीने कालोनियों में पहुंची तो लोगों के सांस फूल गये।इससे पहले कालौनी वासी प्रशासन द्वारा पांच नंबर कालौनी को उजाड़ने का नज़ारा देख चुके थे। इसलिये प्रशासन का पीला पंजा चलने से पहले ही बहुत से लोगों ने अपने घरों में से सामान निकालना शुरू कर दिया । जैसे जैसे लोगों के घर खाली होते गये प्रशासन का  पीला पंजा गरीबों के घरों को ध्वस्त करता गया। कजहेड़ी में परमजीत ,नन्ना राम ,सुमेर चंद ने बताया कि वह बीते करीब बीस सालों से जहां रहते है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने उन्हें कहा कि ढहाने वाली कालौनियों में उनकी कालौनी शामिल नहीं है। जिससे वह बेपरवाह होकर बैठे थे। परन्तु कुछ समय बाद ही प्रशासन ने अपनी कारवाई को अमली रूप दे दिया। जिससे लोगों को बड़ी मुशिकल से अपना सामान निकालना पड़ा। इसी तरह शांती देवी का कहना है कि उनके सात बच्चे है ,जबकि शंकर ने बताया कि उनके चार बच्चे आज सुबह से •ाूखे है। पीड़ितों का कहना है कि वह लंबे समय से इन कालौनियों में रहते है और उनकी वोट,राशन कार्ड,आधार कार्ड बने हुए है जहां तक कि बिजली के मीटर •ाी लगे हुए थे। 
पांच नंबर कालौनी की तरज पर मिले मकान
पीड़ितों का कहना है कि जैसे चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा पुन अवास योजना के तहत पांच नंबर कालौनी वासियों को धनास में मकान बनाकर दिये है। उसी तरज पर उन्हें •ाी मकान अलाट किये जाए ताकि वह अपने बच्चों का पालण पोषण कर सके। 
कोई नहीं पहुंचा नेता
आम तौर पर गरीबों के हमदर्द होने का दावा करने वाले नेता आज गरीबों पर चल रहे हथौड़े के समय पर उनकी सार लेने नहीं पहुंचे। लोक स•ाा चुनाव से पहले नेता कालौनियों में चक्कर लगाकर उनके साथी होने का दावा कर रहे थे परन्तु आज कोई •ाी उनकी सहायता के लिये हाथ आगे बढ़ाने नहीं पहुंचा। 
क्या कहता है प्रशासन 
डिप्टी कमिशनर एम सईन का कहना है कि प्रशासन द्वारा चंडीगढ़ को सल्म मुक्त करने और नजायज कब्जों को खत्म करने के लिये नजायज कब्जे छुड़ाए गये है। बकायादा अवैध कब्जाधारकों को नोटिस जारी किये गये थे। उनका कहना है कि 2006 में प्रशासन की ओर से सर्वे करवाया गया था और इनमें से 2500 को सरकारी अवास योजना के तहत योग्य मानते हुए दो हजार को घर मुहैया करवा दिये गये थे। उन्होंने कहा कि इन कालौनियों में यह लोग वर्ष 2006 के बाद बसे है।  
 याद रहें कि इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों ने शुक्रवार को 'घर अधिकार संघर्ष मोर्चा' के साथ मिलकर प्रदर्शन किया था। लोगों ने सेक्टर-52 की सड़क पर जाम लगा दिया था। आम आदमी पार्टी चंडीगढ़ की तरफ से इन चार कॉलोनियों को हटाने के प्रशासन के फैसले का विरोध जताते हुए कहा गया है कि चंडीगढ़ को स्लम फ्री बनाने का यह अलोकतांत्रिक तरीका है। 

Friday, 9 May 2014

चंडीगढ़ पुलिस की पंजाब के वाहनों पर बाज आंख


हरियाणा की तुलना में पंजाब के वाहनों के काटे सबसे अधिक चालान
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ में ट्रेफिक पुलिस द्वारा चालान काटने में सबसे अधिक निशाना पंजाब के वाहनों का बनाया जाता है। चंडीगढ़ व दूसरे राज्यों के मुकाबले चंडीगढ़ पुलिस ने बीते तीन सालों में पंजाब के वाहनों के सबसे अधिक चालान काटे है। चंडीगढ़ पुलिस की ओर से जारी किये अंकड़े बताते है कि पुलिस ने वर्ष 2011 में कुल 160632 चालान काटे और 3693 वाहनों को इम्पाउंड किया है। आंकड़े बताते है कि 2011 में हरियाणा के वाहनों के 18583 (11.5%)चालान काटे गये। जबकि इसके विपरित पंजाब के 30781 (19 प्रतिशत) को निशाना बनाया गया। जबकि दूसरे राज्यों से संबधित 12289 (7.5 प्रतिशत) के चालान काटे गये है। इसी तरह साल 2012 दौरान हरियाणा के वाहनों के 23373 (12 प्रतिशत) जबकि पंजाब के 41925 (22 प्रतिशत) वाहनों को निशाना बनाया गया है। जबकि राज्यों से संबंधित 15399 (8 प्रतिशत) वाहनों के ही चालान काटे गये। जबकि 2013 में हरियाणा के 37231 (13.2 प्रतिशत),पंजाब के 69081 (24.3 प्रतिशत) वाहनों के चालान काटे गये। जबकि दूसरे राज्यों से संबंधित 24331 (8.5 प्रतिशत) वाहनों के ही चालान काटे गये। 
इसी तरह साल 2013 दौरान हरियाणा के 37231 (13.2 प्रतिशत),पंजाब के 69081 (24.3 प्रतिशत) व दूसरे राज्यों से संबंधित 24331 (8.5 प्रतिशत) वाहनों के चालान काटे गये है। जबकि चालू साल दौरान 30 अप्रैल तक चंडीगढ़ पुलिस की बाज आंख वी सबसे अधिक पंजाब के वाहनों पर पड़ी है। अब तक हरियाणा के 14916 (14.8 प्रतिशत),पंजाब के 27823 (27.5 प्रतिशत) और दूसरे राज्यों से स ंबंधित 9908 (9.8 प्रतिशत) वाहनों के चालान  काटे गये। 
बेशक पुलिस द्वारा सड़क दुर्घटनाओं में अंकुश लगाने के दावे किये जा रहे है परन्तु पुलिस द्वारा जारी अंकड़े बताते है कि 2011 में कुल 437 ,वर्ष 2012 में 419 ,वर्ष 2013 में 410 और 30 अप्रैल तक 128 दुर्घटनाएं हुई है। अंकड़े बताते है कि सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ बहुत ज्यादा नीचे नहीं गिरा है और 2011 के मुकाबले 2013 में सिर्फ 27 हादसे का अंतर है। यानी पुलिस का सबसे अधिक जोर चालान काटने पर लगा हुआ है। 
बता दें कि चंडीगढ़ में एसएसपी पंजाब केडर का लगाया जाता है जबकि यातायात एसपी की पोस्ट हरियाणा केडर के आईपीएस अधिकारी के लिये आराक्षित है। 

Sunday, 4 May 2014

बादल,सुखबीर,मजीठिया,कैप्टन,जाखड़ के विस हलके में कम हुआ मतदान

2012 के विस चुनाव की तुलना में

मंत्रियों व सीपीएस की कार्यशैली •ाी अच्छी नहीं
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
 16 वीं संसद के लिये तीस अप्रैल को पंजाब में हुए मतदान में अकाली,•ााजपा और कांग्रेस के दिग्गजों के विधान स•ाा हलकों में वोट प्रतिश्त पिछले चुनावों के मुकाबलें कम हुई है। मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल,उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल,विपक्ष के नेता सुनील जाखड़,पूर्व मुख्मंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह,राजिंदर कौर •ाट्ठल सहित पंजाब सरकार के कई मंत्रियों व सीपीएस के विधान स•ाा हलकों में वर्ष 2012 में हुए विधान स•ाा चुनाव की तुलना में वोट प्रतिशत काफी कम रही है। जिससे स्पष्ट होता है कि प्रदेश वासी मुख्यमंत्री,उप मुख्यमंत्री ,मंत्रियों की कार्यशैली से खुश नहीं है या फिर मंत्रियों द्वारा ताजा चुनाव में पूरी दिलचस्पी नहीं ली है। यहीं नहीं लोक स•ाा की चुनावी जंग में डटे कई विधायकों के अपने विस क्षेत्र में •ाी पिछले चुनाव की तुलना में वोट प्रतिशत कम रही है।
 पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यलय से प्राप्त जानकारी अनुसार मुख्यमंत्री प्रकाश् सिंह बादल के विस क्षेत्र लंबी ,जो कि बठिंडा लोक स•ाा क्षेत्र के अंतर्गत आता है तथा यहां से उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल की पत्नी हरसिमरत कौर बादल अपनी किस्मत अजमा रही है,में इस बार 77.54 प्रतिशत मतदान हुआ है। जबकि 2012 में विस चुनाव दौरान 87.26 प्रतिशत और 2009 के लोक स•ाा चुनाव में 81.46 प्रतिश्त मतदान रिकार्ड किया गया था। यानी  सीएम के हलके में दस प्रतिश्त के करीब कम मतदान हुआ है। इसी तरह उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल के हलके जलालाबाद (फिरोजपुर लोक स•ाा क्षेत्र) में 78.40 प्रतिशत मतदान हुआ है। जबकि 2012 के विस चुनाव में 86.94 फीसदी मतदान हुआ था। फिरोजपुर लोक स•ाा क्षेत्र में ही पड़ते स्वास्थ्य मंत्री सुरजीत कुमार जियाणी के हलके फाजीलिका में 76.69 प्रतिश्त मतदान रहा है जबकि 2012 के विस चुनाव में 85.94 % मतदान हुआ था। यही नहीं विपक्ष के नेता सुनील जाखड़ जो कि लोक स •ाा चुनाव में अपनी किस्मत अजमा रहे है,कि हलके अबोहर में करीब दस प्रतिश्त कम मतदान रिकार्ड किया गया है। 2012 के विस चुनाव में 78.39 प्रतिश्त की बजाए इस बार 67.10 प्रतिश्त मतदान दर्ज किया गया है। 
इसी तरह प्रदेश कांग्रेस के प्रधान व गुरदासपुर लोक स•ाा क्षेत्र से प्रत्याशी प्रताप सिंह बाजवा की विधायक पत्नी चरनजीत कौर बाजवा के क्षेत्र कादियां में 70.70 फीसदी मतदान हुआ है जबकि 2012 के विस चुनाव में 76.79 प्रतिशत लोगों ने अपने मत के अधिकार का प्रयोग किया था। कांग्रेसी नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा के हलके डेरा बाबा नानक में 70.97 फीसदी मतदान हुआ है जबकि पिछले चुनाव में 81.68 प्रतिशत मतदान हुआ था। इसी तरह कांग्रेसी विधायक अशवनी सेखड़ी के हलके बटाला में पिछले चुनाव के मुकाबले दो फीसदी कम मतदान रहा है। जबकि •ााजपा नेता दिनेश बब्बू के हलके सुजानपुर में 71.58 प्रतिशत मतदान रहा है जबकि 2012 में 78.30 प्रतिशत मतदान हुआ था। 
अमृतसर लोक स•ाा क्षेत्र में पड़ते अमृतसर (नार्थ ) विस क्षेत्र में स्थानीय निकाय मंत्री अनिल जोशी की कार्यशैली कुछ हद तक ठीक रही है। इस बार 68.79 प्रतिशत और 2012 में 68.39 फीसदी मतदान हुआ था। जबकि उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के साले और राजस्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के हलके मजीठा में 73.42प्रतिशत मतदान हुआ है जबकि 2012 के विस चुनाव में 81.90 फीसदी मतदान रिकार्ड किया गया था। मजीठिया के करीबी व सीपीएस इंद्रबीर सिंह बुलारिया के हलके अमृतसर साउथ में 62.86 प्रतिशत तथा 2012 के विस चुनाव में 63.49 प्रतिशत मतदान रहा था। इसी तरह निवर्तमान सांसद व •ााजपा के तेजतरार नेता नवजोत सिद्धू की धर्म पत्नी डा नवजोत सिद्वू के हलके अमृतसर ईस्ट में 65.34 प्रतिशत और 2012 में 66.15 प्रतिशत मतदान हुआ था। जबकि निवर्तमान सांसद रतन सिंह अजनाला के बेटे अमरपाल सिंह बोनी के हलका अजनाला में 75.04 प्रतिशत मतदान हुआ है जबकि 2012 के विस चुनाव में 84.13 फीसदी मतदान हुआ था। 
इसी तरह खडूर साहिब लोक स•ाा क्षेत्र में पड़ते खेमकरण विस क्षेत्र जहां से विरसा सिंह वलटोहा विधायक है ,कि हलके में  67.32 प्रतिशत मतदान हुआ है जबकि 2012 में 82.14 प्रतिशत मतदान हुआ था। इसी तरह मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के दामाद व फूड सप्लाई मंत्री आदेश प्रताप सिंह कैरों के हलका पट्टी में 66.97 प्रतिशत मतदान हुआ है जबकि 2012 में 78.08 प्रतिशत मतदान हुआ था। 
जालंधर (रिजर्व) लोक स•ाा क्षेत्र  में पड़ते आदमपुर विस क्षेत्र जहां से पवन टीनू खुद विधायक है और लोक स•ाा क्षेत्र में शिअद के प्रत्याशी है कि अपने हलके में 67.29 फीसदी मतदान हुआ है जबकि 2012 के विस चुनाव में 76.29 प्रतिशत मतदान रिकार्ड किया गया था। इसी तरह ट्रांस्पोर्ट मंत्री अजीत सिंह कोहाड़ के हलके शाहकोट में 69.11प्रतिशत मतदान हुआ है जबकि 2012 में 80.22 प्रतिशत मतदान रहा है। •ााजपा नेता मनोरंजन कालीया और चुन्नी लाल •ागत के विस क्षेत्र क्रमश जालंधर सेंट्रल में 63.66 प्रतिशत व जालंधर वेस्ट में 67.14 फीसदी मतदान हुआ जबकि 2012 में क्रमश 68.92 प्रतिशत व 68.77 प्रतिशत मतदान हुआ था। 
दिलचस्प बात यह है कि शिअद के प्रवक्ता डा दलजीत सिंह चीमा के रूपनगर विस क्षेत्र में 70.11 प्रतिशत मतदान हुआ जबकि 2012 में 77.39 फीसदी मतदान हुआ था। इसी तरह उद्योग मंत्री मदन मोहन मित्तल के हलका आनंदपुर साहिब में 64.77 प्रतिशत मतदान और 2012 में 75.01प्रतिशत मतदान रहा है। इसी तरह सीपीएस चौधरी नंद लाल के हलका बलाचौर में 70.12 प्रतिशत मतदान हुआ है जबकि 2012 में 78.33 प्रतिशत मतदान हुआ था। 
लुधियाना से शिअद प्रत्याशी मनप्रीत सिंह इयाली तथा निर्दलीय प्रत्याशी सिमरजीत सिंह बैंस के विस क्षेत्र में •ाी मतदान कम हुआ है। ईयाली के हलका दाखा में 76.47 प्रतिशत व बैंस के हलका आत्म नगर में  68.55 फीसदी मतदान हुआ है। जबकि 2012 के चुनाव में क्रमश 84.60 प्रतिशत और 70.01प्रतिशत मतदान रहा है। फतेहगढ़ साहिब लोक स•ाा क्षेत्र में पड़ते लोक निर्माण मंत्री शरनजीत सिंह ढिल्लों के विस क्षेत्र साहनेवाल में 72.80 प्रतिशत मतदान हुआ जबकि 2012 में 79.14 फीसदी मतदान हुआ था। फरीदकोट लोक स•ाा क्षेत्र में पड़ते शिक्षा मंत्री सिंकदर सिंह मलूका के विस क्षेत्र रामपुरा फूल में 74.02 फीसदी मतदान रहा जबकि 2012 में 87.47 फीसदी मतदान हुआ था। इसी तरह बठिंडा लोक स•ाा क्षेत्र में पड़ते सिंचाई मंत्री जनमेजा सिंह सेखों के हलका मौड़ में 79.62 प्रतिशत मतदान रहा है जबकि 2012 में 85.20 प्रतिशत मतदान हुआ था। इसी तरह कांग्रेस छोड़कर अकाली दल में शामिल हुए जीत महिंदर सिद्धू के हलका तलंबडी साबों में •ाी 2012 के चुनाव की तुलना में मतदान कम हुआ है। जहां इस बार 74.41 फीसदी व 2012 में 86.62 फीसदी मतदान हुआ था। संगरूर लोक स•ाा क्षेत्र में पड़ते हलका लहरा जहां से कांग्रेस की पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर •ाट्ठल विधायक है में 75.05 फीसदी मतदान हुआ है जबकि 2012 में 85.68 प्रतिशत मतदान हुआ था। इसी तरह वित मंत्री परमिंदर सिंह ढींडसा के हलका सुनाम में 81.62 प्रतिशत मतदान हुआ और 2012 में 86.64 फीसदी मतदान हुआ था। इसी तरह पटियाला लोक स•ाा क्षेत्र में पड़ते ग्रामीण विकास व पंचायत मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा के हलका समाना में •ाी वोट प्रतिशत गणित गड़बड़ा गया है। जहां 76.46 प्रतिशत मतदान हुआ है जबकि विस चुनाव दौरान 85.23 प्रतिशत मतदान हुआ था। जबकि पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के हलका पटियाला में 65.65 प्रतिशत मतदान रहा है जबकि विस चुनाव में 68.11 प्रतिशत मतदान रहा है। इसी तरह वरिष्ठ नेता लाल सिंह के हलका सनौर में अब 71.24 प्रतिशत और 2012 में 82.47 प्रतिशत मतदान रहा है। जबकि फतेहगढ़ साहिब से कांग्रेस के प्रत्याशी व ना•ाा से विधायक साधू सिंह धर्मसोत के हलका ना•ाा में 73.69 प्रतिशत मतदान हुआ जबकि 2012 में 78.29 प्रतिशत मतदान रहा था।