Monday, 3 November 2014

सरकार 250 रुपये प्रति माह पैंशन देने में फेल ,जुलाई के बाद नहीं मिली पैंशन


जुलाई के बाद नहीं मिली पैंशन
एक हजार रुपये पैंशन देने का वादा नहीं हुआ वफा
प्रदेश में कुल 2008179 पैशनर्स
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
 गठबंधन सरकार प्रदेश में विकास एवं प्रत्येक वर्ग को हर तरह की सुविधाएं मुहैया करवाने का दम •ार रही है। परन्तु सूबे के पैंशनर्स को मात्र 250 रुपये पैंशन •ाी समय पर अदा नहीं कर रही। हैरानी की बात यह है कि पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने प्रति माह पैंशन देने के आदेश जारी कर रखे है। यहीं नहीं  अकाली •ााजपा गठबंधन अपने चुनावी घोषणा पत्र में दो बार पैंशन बढ़ाने का वादा कर चुका है किन्तु अ•ाी तक वादा वफा नहीं हुआ है। जबकि पड़ौसी राज्य हिमाचल प्रदेश में एक हजार रुपये पेंशन का •ाुगतान किया जाता है और हरियाणा सरकार •ाी पंद्रह सौ रुपये प्रति माह पेंशन देने की घोषणा कर चुकी है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सामाजिक सुरक्षा वि•ााग के माध्यम से प्रदेश में विकलांग,बुढापा,विधवा एवं जरूरतमंद बच्चों को  पैंशन दी जाती है। सरकार की तरफ से चारों कैटेगरी के पैंशनर्स को 250 सौ रुपये पैंशन दी जाती है। परन्तु दुख की बात यह है कि सरकार नाममात्र राशि का •ाुगतान •ाी समय पर नहीं कर रही। सूत्र बताते है कि जुलाई तक की पैंशन अदा की गई है। जबकि अगस्त की पैंशन 15 अक्तूबर को जिला समाजिक सुरक्षा अफसरों को दस्ती •ोजने की बात कही गई है। यानी जुलाई के बाद पेंशन नहीं मिली है। सरकार ने बुढ़ापा पैंशन व दुसरी वित्तीय सहायता स्कीम तहत वित्तीय वर्ष के लिये 684 करोड़ रुपये का बजट रखा हुआ है। वि•ााग के पास एक अक्तूबर की लिस्ट मुताबिक प्रदेश में कुल 2008179 पैंशनर्स है।
यह है जिलावार पैंशनर्स
जानकारी के अनुसार जिला अमृतसर में 153091,बठिंडा 95800,फतेहगढ़ साहिब 41425,फरीदकोट 52587,फिरोजपुर 100555,फाजीलिका 87131,गुरदासपुर 166194,पठानकोट
 42223,होशियारपुर 102774,जालंधर 128991,कपूरथला 54210,लुधियाना 159195,मुक्तसर 87945,मोगा 89892,मानसा 75950,नवाशहर 50475,पटियाला 140480,रोपड़ 50022,मोहाली 182255,संगरूर 40133,तरन तारन 106851पैंशनर्स है। बताया जाता है कि हरेक माह पैंशनर्स की संख्या बढ़ती घटती रहती है।
ऐसे मिलती रही है पैंशन
जानकारी के अनुसार 1964 से लेकर 13 मार्च 1984 तक मनीआर्डर के माध्यम से पैंशन अदा होती रही है। इसके बाद 14 मार्च 1984 से 8 जनवरी 2004 तक बैंक के माध्यम,जनवरी 2004 से जुलाई 2007 तक गांवों में पंचायत और शहरों में बैंक के माध्यम से,जुलाई 2007 से जून 2008  तक फिर  बैंक के माध्यम से पैंशन देनी शुरू की गई। जुलाई 2008 के बाद फिर से साल 2007 वाले सिस्टम को अडाप्ट किया गया है।
1964 में मिलती थी 15 रुपये मासिक पैंशन
प्राप्त जानकारी के अनुसार 1964 में  बुढ़ापा पैंशन 15 रुपये दी जाती थी। इसके बाद 1968 में 25 रुपये,1973 में 50 रुपये,1990 में वृद्धि कर सौ रुपये कर दी गई और 1992 में 150 रुपये,1995 में 200 रुपये और 2006 में वृद्धि कर 250 रुपये कर दी गई है। इसके बाद अकाली •ााजपा गठबंधन दो बार अपने चुनावी घोषणा पत्र में बढ़ोतरी करने का वादा कर चुका है,परन्तु यह वफा नहीं हुआ है।
 

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