अगर लेनी है सरकारी नौकरी तो खुले में शौच नहीं जाना होगा
चंडीगढ़ 18 नवंबर : जय सिंह छिब्बर
पंचायत चुनावों में शिक्षा व शौचालय अनिवार्य करने के फैसले को लेकर भले ही हरियाणा सरकार सुप्रीम कोर्ट में केस का सामना कर रही है। किन्तु अब सरकार ने सरकारी नौकरी में आवेदन करने वालों के लिये घरों में शौचालय होने की शर्त लगा दी है। हरियाणा सरकार ने फैसला किया है कि जो खुले में शौच करेगा सरकार उसे नौकरी नहीं देगी। जानकारी के अनुसार डीडीआरए कुरूक्षेत्र की ओर से कई समाचार पत्रों में नौकरी के लिये विज्ञाुन दिया गया है। जिसमें नौकरी पाने के लिये साफ सफाई का जिक्र करते हुए ब्लाक कोआर्डीनेटर व क्लस्टर मोटिवेट्र्स इत्यादि आसामी पर आवेदन करने के लिये सरकार ने यह शर्त रखी है कि आवेदन करने वाला खुले में शौच न करता हो। यानी हरियाणा सरकार ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की स्वच्छ भारत अभियान को पूरी तरह लागू करते हुए यह फैसला किया है। एक अधिकारी ने अपना नाम न प्रकाशित करने शर्त पर बताया कि आवेदन करने वाले को यह लिखकर देना होगा कि वह घर में व्यवस्थित ढंग से रहते है और घर व बाहर शौचालय का प्रयोग करते है। सीधे रूप में व्यक्ति खुले में शौच नहीं जाता यह लिखकर देना होगा।
सरकार का यह फैसला कितना लाभदायक होगा यह तो आने वाला समय बताएगा फिलहाल सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन को सरकारी नौकरी के लिये भी लागू कर दिया है। पंचायत चुनाव लडऩे के इच्छुक व्यक्तियों के लिये लगाई गई शुशर्त का मामला पहले ही सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। भविष्य में यह मुद्दा भी कानूनी रूप लेगा यह भी देखने वाली बात होगी।