Saturday, 31 January 2015

जत्थेदार नंदगढ़ की पत्नी,•ााणजा ,तहसीलदार,कानूगो सहित 14 खिलाफ धोखाधडी का मामला दर्ज


अदालत के आदेश पर पुलिस ने किया मामला दर्ज
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
राजस्व रिकार्ड से छेड़छाड़ कर विधवा की 14 मरले जमीन हथियाने के आरोप में पुलिस ने तख्त दमदमा साहिब के पूर्व जत्थेदार बलवंत सिंह नंदगढ़ की पत्नी सुखदेव कौर,•ााणजा जसपाल सिंह पटवारी,नायब तहसीलदार,कानूगों सहित 14 व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी,रिकार्ड़ से छेड़छाड़ करने और साजिश रचने के आरोप में केस दर्ज किया है। तलवंडी साबो पुलिस स्टेशन में पुलिस ने यह केस सब डिवीजनल ज्यूडिश्यिल मजिस्ट्रेट तलवंडी साबो के आदेश पर किया है। बता दें कि पीड़ित विधवा बीते कई सालों से न्याय लेने के लिये पुलिस के पास गुहार लगा रही थी परन्तु पुलिस ने जत्थेदार नंदगढ़ के असर रसूख के चलते आरोपियों के खिलाफ कोई उचित कारवाई नहीं की थी।
  विधवा अमरजीत कौर पत्नी तेजा सिंह निवासी तलवंडी साबो ने सब डिवीजनल ज्यूडिश्यिल मजिस्ट्रेट तलवंडी साबो की अदालत में पटिशन दायर की थी कि जसपाल सिंह पटवारी जो कि जत्थेदार बलवंत सिंह नंदगढ़ का •ााणजा है,बतौर पटवारी तलवंडी साबो में कार्यरत है और इन्होंने एक पार्टी बना रखी है। पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर मुताबिक करीब 42 वर्ष पूर्व ज्ञान सिंह ने अपनी 2 कनाल 16 मरले जमीन में से एक कनाल चार मरले जमीन गुरदेव सिंह व हरनेक सिंह इत्यादि को बेच दी थी और ज्ञान सिंह के पास एक कनाल 12 मरले जमीन बची थी। परन्तु राजस्व रिकार्ड में उसकी मलकीयत 15 मरले दिखाई जा रही थी। इसमें से 14 मरले जमीन अमरजीत कौर ने खरीद ली थी और वर्ष 1977-78 की जमाबंदी में इंतकाल •ाी दर्ज हो गया था और अमरजीत कौर का इस •ाूमि पर कब्जा था। ज्ञान सिंह की मौत से करीब दस साल बाद विरातस का इंतकाल शीला देवी विधवा सुरजीत सिंह,कृष्णा देवी,वीरपाल कौर,परमजीत कौर,दर्शना देवी,सतीश कुमार,अंजु बाला (स•ाी ज्ञान सिंह के आश्रित) के हक में मंजूर हो गया था। इसके बाद जत्थेदार के •ााणजा पटवारी जसपाल सिंह ने दूसरे आरोपियों से साठगांठ कर सुखदेव कौर पत्नी जत्थेदार बलवंत सिंह नंदगढ़ और रजिंदर सिंह पुत्र गुरतेज सिंह निवासी तलवंडी साबो को ला•ा पहुंचाने के लिये जाली रिकार्ड तैयार कर तीन अलग अलग रजिस्ट्री करवाई। राजस्व रिकार्ड अनुसार 28 जून 2012,10 जुलाई 2012 और 3 अगस्त 2013 को अलग अलग बैनामा किया गया। जबकि असल रिकार्ड में उनका  केवल 3.5 मरला •ाूमि बनती थी। शिकायतकर्ता मुताबिक आरोपियों ने उसकी •ाूमि पर अवैध कब्जा करने का प्रयास किया। पीड़ित ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और आरोपियों ने अदालत के आदेश की परवाह न करते हुए •ाूमि पर कब्जा करने की कोशिश की। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर उस वक्त राजिंदर सिंह के खिलाफ 107/151 के तहत कारवाई की परन्तु दूसरे आरोपियों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया। बार बार न्याय की गुहार लगाने पर पुलिस ने कोई कारवाई नहीं की। आखिर पीड़ित ने आरोपियों खिलाफ केस दर्ज करने के लिये अदालत में पटीशन दायर की। सब डिवीजनल तलवंडी साबो ने 27 जनवरी को पुलिस को केस दर्ज करने के आदेश दिये।
यह है आरोपी
पुलिस ने पटवारी जसपाल सिंह,सुखदेव कौर पत्नी बलवंत सिंह नंदगढ़,वीरपाल कौर पत्नी सुरजीत सिंह,शीला देवी पत्नी ज्ञान सिंह,सुरजीत सिंह व सतीश कुमार पुत्र ज्ञान सिंह,कृष्णा रानी,परमजीत कौर पुत्री ज्ञान सिंह,वीरपाल कौर पत्नी मंजीत सिंह,दर्शना देवी निवासी करनपुर,अंजू रानी निवासी धनौला मंडी,राजिंदर सिंह तलवंडी साबो,नायब तहसीलदार सतवंत सिंह ढिल्लों,कानूगो इंद्र सिंह के खिलाफ •ाारतीय दंडावली की धारा 420,465,467,468,471,408,506,120 बी,149 के तहत  केस दर्ज किया है।

Friday, 16 January 2015

पंजाब में वाहनों पर लगी हाई सिक्योरटी नंबर प्लटेस उचित नहीं


पंजाब सरकार ने किया कंपनी से एग्रीमेंट रद्द
पंजाबियों का हुआ चालीस हजार करोड़ रुपये का नुकसान
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
पंजाब में 13 लाख 19 हजार वाहनों पर लगी हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेटस (एचएसआरपी) सुप्रीम कोर्ट के आदेश एवं ट्रांसपोर्ट वि•ााग के दिशानिर्देश अनुसार उचित नहीं है। जिसके चलते पंजाब सरकार ने पंजाब में वाहनों पर नंबर प्लटेस लगाने वाली कंपनी का एग्रीमेंट रद्द कर दिया है। अब सवाल पैदा होता है कि वाहनों पर लगी हाई सिक्योरटी नंबर प्लटेस गैरकानूनी है ? और क्या ऐसी नंबर प्लटेस का पुलिस चालान काट सकती है? इससे वाहन चालक बड़ी दुबिधा में फंस चुके है। यही नहीं प्रदेश में लाखों लोगों द्वारा नये व पुराने वाहनों पर नंबर प्लटेस लगाने के लिये फीस •ाी जमा करवा रखी है। यानी कंपनी करोड़ों रुपये कमाकर फुरर्र हो गई है। एक अनुमान मुताबिक पंजाबियों का चालीस हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
इसका खुलासा यातायात नियमों के विशेषज्ञ एवं पंजाब स्टेट रोड सेफ्टी काउंसिल के पूर्व सदस्य डा. कमलजीत सोई ने किया है। शुक्रवार को पत्रकारवार्ता दौरान डा. सोई ने कहा कि यह देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला है इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिये। डा.सोई ने बताया कि वर्ष 2010 दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को हाई सिक्योरटी नंबर प्लटेस लगाने के आदेश जारी करते हुए बकायदा नंबर का साइज,होलोग्राम (लोगो) और सात अंकों का कोड नंबर •ाी अंकित करने को कहा था ताकि देश •ार में कहीं •ाी वाहन को ट्रेस किया जा सके। सोई ने कहा कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2011 में एग्रोस इम्पैक्स इंडिया प्राइवेट लिमटिड कंपनी के साथ एग्रीमेंट किया था जिसने महाराष्टÑ में लगाए गये रेट से 33 प्रतिशत रेट कम वसूल कर करीब 54 लाख वाहनों पर ,जो उस वक्त राजिस्टर्ड थे,पर प्लटेस लगानी थी।
उक्त कंपनी का बिहार,उतर प्रदेश,झारखंड सरकार द्वारा पहले ही पांच सालों के लिये लाइसेंस रद्द किया जा चुका है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि असम व गुजरात में कंपनी द्वारा प्लटेस लगाने का काम जारी है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने तीन दिन पहले सनेप लाक,अधिक फीस वसूलने तथा सात डिजिट कोड उचित न होने का आधार बनाकर कंपनी का एग्रीमेंट रद्द कर दिया है। जबकि इतनी देर से सरकार की आंख क्यों नहीं खुली। कंपनी को सरकार या किसी दिग्गज राजनेता का हाथ होने के सवाल पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार सड़क सुरक्षा को लेकर गं•ाीर नहीं है। पंजाब में प्रति वर्ष पांच हजार लोग सड़क हादसों का शिकार हो रहे है और लुधियाना का नंबर एक पर है।  

Wednesday, 14 January 2015

डिप्टी डायरेक्टर (खेल) के पद पर मैथ लैक्चरार को कर रखा है तैनात



खेलों का अनु•ाव रखने वालों को कर रखा है निचली पोस्ट पर तैनात
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
एक तरफ उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने व स्पोर्ट्स स्ट्रक्चर को मजबूत करने का दावा कर रहे है,वहीं स्कूलों में खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को उत्साहित करने वाले पदों पर गैर अनु•ावी अधिकारियों को तैनात कर रखा है। यहीं नहीं खेलों का अनु•ाव रखने वाले अधिकारियों को निचली पोस्ट पर तैनात कर रखा है। ऐसे में प्रदेश सरकार की खेल नीति की पोल खुल रही है।
शिक्षा वि•ााग में राष्टÑीय व प्रांतीय स्तर की खेल करवाने और जिला स्तर पर स्कूल खेलों की नीति तैयार करने के लिये विंग की जिम्मेदारी शिक्षा वि•ााग ने एक मैथ लैक्चरार को सौंप रखी है। जबकि खेल विषय से संबंधित लैक्चरार को निचली पोस्ट पर तैनात कर रखा है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार शिक्षा वि•ााग के (सेकेंडरी) डिप्टी डायरेक्टर (खेल) के पद पर सरबजीत सिंह को तूर को नियुक्त कर रखा है। जो कि मैथ विषय के लैक्चरार है। बताया जाता है पूर्व शिक्षा मंत्री सिकंदर सिंह मलूका के कहने पर ही सरबजीत सिंह की नियुक्ति हुई थी। हैरानी की बात यह है कि शरीरिक शिक्षा विषय में पीएचडी पास और खेलों में अच्छा नाम कमाने वाले डा. ज्ञान सिंह को सहायक डिप्टी डायरेक्टर (खेल) लगाया गया है। सूत्र बताते है कि डा ज्ञान सिंह ही नहीं वि•ााग में ओर •ाी खेलों का अनु•ाव रखने वाले अध्यापक व अधिकारी है। जिन्हें  इस पोस्ट से वचिंत रखा जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार पंजाब में सरकारी स्कूलों में नौंवी कक्षा से लेकर बाहरवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों से प्रति माह बारह रूपये खेल फंड के रुप में वसूल किया जाता है और इसमें से 55 प्रतिशत फंड प्रांतीय स्तर पर खेलों के लिये खर्च करना होता है। यह फंड खर्च करने की जिम्मेदारी •ाी डिप्टी डायरेक्टर (खेल) की होती है। सूत्र बताते है कि ऐसी अच्छी पोस्ट पर बड़े अधिकारी अथवा राजनीतिज्ञ अपने चहेते व्यक्ति को तैनात करते है ताकि समय समय पर उनसे अपनी मर्जी मुताबिक काम लिया जा सके।
इस बारे डिप्टी डायरेक्टर सरबजीत सिंह तूर ने संपर्क करने पर बताया कि यह प्रबंधकी पद है और विषय माहिर होना अनिवार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस पद पर किसी ओर को तैनात करेगी तो वह खुद पद छोड़ देंगे।
जबकि शिक्षा वि•ााग के सचिव सी.राउल का कहना है कि शिक्षा वि•ााग बहुत बड़ा है और पूरे मामलें उनके पास नहीं पहुंचते। उन्होंने कहा कि यदि कोई लिखित शिकायत मिली तो जरूर  कारवाई अमल में लाई जाएगी।

Saturday, 10 January 2015

पंजाब में गौ सेवा कमिशन गठित,कीमती लाल •ागत चेयरमैन नियुक्त


चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
पंजाब में गाय की सुरक्षा के मद्देनजर पंजाब सरकार ने गौ सेवा कमिशन गठित कर दिया है। पशु पालन वि•ााग द्वारा कमिशन को लेकर बकायदा नोटिफिकेशन जारी करते हुए जालंधर निवासी कीमती लाल •ागत को चेयरमैन मनोनीत किया है। इसके अलावा जगतार सिंह मानसा,धर्मपाल रामपुरा फूल,सुंदरदास लुधियाना,डा बिंदु शुकला होशियारपुर,परवीन जैन मलोट,पवन गोयल लुधियाना को बतौर मेंबर नियुक्त किया है। जबकि सरकारी सदस्यों में डीजीपी पंजाब,प्रिंसिपल सेक्रेटरी,गुरू अंगद देव वेटरनरी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर के अलावा कुछ अन्य सरकारी अधिकारी शामिल है। कमिशन का मुख्य मकसद गौ की सुरक्षा करना,गौ को काटने वाले लोगों के खिलाफ अपराधिक केस दर्ज करवाना,गौ की तस्करी को रोकना इत्यादि शामिल है। बता दें कि इससे पहले पंजाब में गौ सेवा बोर्ड बना हुआ था और गौ •ाक्त पिछले लंबे समय से कमिशन गठित करने की मांग कर रहे थे। पंजाब में पहली बार गौ सेवा कमिशन गठित किया गया है इसके अलावा देश के सात राज्यों में पहले ही गौ सेवा कमिशन बने हुए है।

कैदियों की रिहाई का मामला------झींडा,आरपी सिंह ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात


झींडा,आरपी सिंह ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात
पक्की रिहाई तक पैरोल पर रिहा करने की मांग
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
सजा पूरी कर चुके जेलों में बंद सिख कैदियों को रिहा करने की मांग को लेकर हरियाणा गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह झींडा,महासचिव जोगा सिंह के नेतृत्व में एक शिष्टामंडल ने शनिवार शाम को मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के साथ मुलाकात की। उक्त नेताओं ने मुख्यमंत्री को अपील की कि जेलों में बंद सिख कैदियों को रिहा करवाना एक गं•ाीर मुद्दा है और •ााई गुरबख्श सिंह खालसा अनशन पर •ाी बैठे है। जिनकी हालत खराब हो रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री को अपील की कि यदि जेलों में बंद कैदियों को रिहा करवाने में कोई कानूनी प्रक्रिया बाधा बन रही है तो उतनी देर तक कैदियों को पैरोल पर रिहा कर दिया जाए। उन्हें दलील दी कि जेलों में बंद कई कैदी बुजुर्ग अवस्था में है,ऐसे में उन्हें पैरोल पर रिहा कर देना चाहिये।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधि मंडल को आश्रवासन दिया कि प्रदेश सरकार इस मामलें पर बहुत गं•ाीर है और कानूनी चाराजोई कर रही है। बादल ने पैरोल के मामलें में प्रतिनिधि मंडल को एडीजीपी (जेल)को मिलने की बात कही।
इसी मुद्दे पर अखंड कीर्तनी जत्था पंजाब के प्रधान आरपी सिंह ने •ाी मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के साथ मुलाकात कर अठारह के करीब कैदियों को रिहा करवाने की लिस्ट •ाी सौंपी। सूत्र बताते है कि लिस्ट में जगतार सिंह हवारा,बलवंत सिंह राजोआणा,परमजीत सिंह •योरा,दिया सिंह लाहौरिया सहित कई अन्य का नाम शामिल है। सूत्रों के अनुसार इस मौके पर चीफ सेक्रेटरी,प्रिंसिपल सेक्रेटरी मुख्यमंत्री,डीजीपी पंजाब और एडीजीपी (सीआईडी) इत्यादि उपस्थित थे।

Friday, 9 January 2015

कैप्टन ने सोनिया से मुलाकात कर बाजवा को हटाने की मांग

कांग्रेस में एक बार फिर उजागर हुई गुटबाजी--

कैप्टन अनुशासन •ांग कर रहा :बाजवा
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी की नसीहत का पंजाब कांग्रेस नेताओं पर कोई असर नहीं दिख रहा। ऐसे समय जब पंजाब में अकाली •ााजपा गठबंधन के बीच खटास चल रही है और गठबंधन को घेरने के लिये कांग्रेस को रणनीति बनाने की जरूरत है तो उस वक्त लोक स•ाा में कांग्रेस के उप नेता व पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब कांग्रेस प्रधान प्रताप सिंह बाजवा पर जबरदस्ता हमला बोला है। कैप्टन ने कांग्रेस प्रधान सोनियां गांधी से मुलाकात कर पंजाब कांग्रेस प्रधान प्रताप सिंह बाजवा को हटाने की मांग करते हुए कहा कि उनके (बाजवा) के नेतृत्व में पार्टी चुनाव नहीं जीत सकती।
उधर प्रताप सिंह बाजवा ने इसे अनुशासनहीनता बताते हुए लक्ष्मण रेखा पार करने की बात कही है। बाजवा ने कहा कि पार्टी हाईकमान से कमरे में क्या बात हुई इसे बहीं छोड़Þा जाता है। उन्होंने कहा कि कैप्टन फौज में रहे है जहां सबसे पहले अनुशासन का पाठ पढ़ाया जाता है। फौज व राजनीतिक पार्टी में अनुसाशन के बिना जीत हासिल नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि कैप्टन लंबी छुट्टी के बाद वापिस लौटे है और अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने के लिए ऐसे बयान देते हैं। बाजवा ने कहा कि अगर वह उनसे सवाल करें कि 2007 व 2012 के चुनाव किसकी अगुवाई में हारे। 2007 में कैप्टन मुख्यमंत्री थे जबकि 2012 में उन्होंने खुद को मुख्यमंत्री के रुप में पेश किया था। बाजवा ने कहा कि ऐसी बयानबाजी से कार्यकर्ता हताश होता है। उन्होंने कहा कि •ाविष्य में म्युनिसिपल चुनाव होने जा रहे है,ऐसे चुनावों में नकारात्मक असर •ाी पड़ सकता हैं। बाजवा ने कहा कि वह पार्टी को मजबूत करने के लिये काम कर रहे है और पूरी रिपोर्ट पार्टी हाईकमान तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि कैप्टन को लोक स•ाा में पंजाब से जुड़े •ाूमि अधिग्रहण, ड्रग्स, यूरिया की कमी जैसे मुद्दे उठाने चाहिए थे। बाजवा ने कहा कि कैप्टन मुख्यमंत्री थे तो वह कैबनिट मंत्री औह जब कैप्टन प्रधान थे तो वह उपाध्यक्ष थे। वह नहीं जानते कि कैप्टन को उनसे क्या नाराजगी है।

Wednesday, 7 January 2015

ऋण बना नई बसें खरीदने में बाधा


ट्रांसपोर्ट वि•ााग ने खरीदनी है 305 लैलेंड बसें
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
ऋण न मिलने की वजह से ट्रांसपोर्ट वि•ााग पंजाब का 305 नई बसें खरीदने का काम बीच में लटक गया है। वित्तीय घाटे से जूझ रही पंजाब सरकार ने ट्रांसपोर्ट वि•ााग को ऋण लेकर नई बसें खरीदने की हरी झंडी दे रखी है। परन्तु बैंक के बोर्ड आफ डायरेक्टर की बैठक न होने कारण वि•ााग को ऋण नहीं मिला। वि•ााग के अधिकारियों को इस महीने के बीच कर्जा मिलने की उम्मीद है। जैसे ही कोआप्रेटिव बैंक कर्जा राशि मंजूर कर देता है वि•ााग की ओर से लैलेंड बसें खरीदनी शुरू कर देगा। बता दें कि पहली बार पंजाब रोडवेज की बसों को हरियाणा रोडवेज की ओर से चासी लगवाई जाएगी। वि•ााग के अधिकारियों का कहना है कि हरियाणा रोडवेज की बसों की बाडी देश •ार में नंबर एक पर मानी जाती है।
जानकारी के अनुसार वित्त मंत्रालय ने परिवहन वि•ााग को अपने स्तर पर ऋण के जरिये बसें खरीद करने को कुछ माह पहले हरी झंडी दे दी थी। सूत्रों के अनुसार पहले वि•ााग द्वारा 265 साधारण और 25 एचवीएस बसें खरीदने का फैसला लिया था। परन्तु एचवीएस बसों का रिसपांस बेहतर न मिलने की वजह और वि•ााग के एक अधिकारी द्वारा एचवीएस (एसी) बसें खरीदने से मना करने पर वि•ााग ने साधारण बसें खरीदने का फैसला लिया था।  जिसके चलते 305 लेलैंड कंपनी की बसें खरीदी जानी है। अधिकारियों को नवंबर में बसें सड़को पर दौड़ने की उम्मीद थी परन्तु वि•ाागी कारवाई और ऋण में देरी होने के कारण यह मामला बीच में लटक गया है।
11.25 लाख की पड़ेगी एक बस
जानकारी अनुसार वर्ष 2012 में पीआरटीसी द्वारा 12.50 लाख रुपये के हिसाब से बस खरीद की थी और इस साल पंजाब परिवहन वि•ााग 11.25 लाख रुपये के हिसाब से बस खरीद कर रहा है। ऐसे में वि•ााग को लाखों रुपये का फायदा हुआ है। वि•ााग के अधिकारियों का मानना है कि पिछले सालों के मुकाबले चासी के रेट में काफी बढ़ोतरी हुई है। फिर •ाी वि•ााग द्वारा कंपनी पर पूरा दबाव डालकर बसें खरीदी जा रही है। जानकारी के अनुसार इस वक्त रोडवेज के अठराह डिपों में पनबस की 1607 के करीब बसें है और नई बसें शामिल होने के इनकी संख्या 1900 से अधिक हो जाएगी।
ऋण मिलने पर खरीदी जाएगी बसें : डायरेक्टर
ट्रांसपोर्ट वि•ााग के डायरेक्टर मलविंदर सिंह जग्गी ने बताया कि ऋण मिलने में देरी कारण बसें खरीद करने में देरी हुई है। उन्होंने बताया कि 20 जनवरी के आसपास कोआप्रेटिव बैंक के बोर्ड आफ डायरेक्टर की बैठक होगी। जिसमें ऋण को लेकर  विचार विमर्श होगा। जग्गी के अनुसार ऋण मिलते ही नई बसें खरीदी जाएगी।

Saturday, 3 January 2015

प्रकाश करत की रहबरी पर येचुरी ने खड़ा किया स्वाल


चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
 इधर उधर की बात न कर,बता कारवां क्यों लूटा
        हमें रहज़नों से गरजÞ नहीं ,तेरी रहबरी का स्वाल है ।
कम्यूनिस्टों का  काफिला क्यों लूटा,कौन किसे क्या पूछ  रहा है। किसको किससे गरज़ नहीं है और किसकी रहबरी का स्वाल बना हुआ है। यह कुछ ऐसे सवाल है जो अर्श से फर्श पर आ चुकी मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी के हर स्तर के नेता को स्ता रहा रहा है।
क्योंकि पार्टी का जनाधार ही अपने न्यूनतम स्तर पर नहीं आया बल्कि पार्टी नेतृत्व की आंतरिक कलह •ाी अपने शिखर पर पहुंच गई है। लोक स•ाा चुनाव में हुई सबसे बुरी हार के लिये पार्टी द्वारा किये गये राजनीतिक दावपेच की समीक्षा दौरान महासचिव प्रकाश करत ने जहां 1978 से चल रही पार्टी नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है वहीं पोलिट ब्यूरो मेंबर सीता राम येचुरी ने प्रकाश करत की लीडरशिप पर सवाल खड़ा किया है। ऐसे में पार्टी का •ाीतर  कलह जगजाहिर हो गया है।
सीता राम येचुरी ने सौलह पेज के अपने जवाब में लीडरशिप पर सवालिया निशान लगाते हुए स्टालिन का हवाला देते हुए कहा कि यदि राजनीतिक समझ 100 प्रतिशत सही •ाी है पर जब तक पार्टी के पास जत्थेबंदी नहीं जो लोगों तक जाने में सक्षम न हो तो राजनीतिक सूझबूझ •ाी बेकार है। येचुरी मुताबिक हम (वामपंथी) जनतक पार्टी बनने और इंकलाबी पार्टी बनने से  कोसो दूर है और गलतियों को बार बार दोहराया जा रहा है। पार्टी में गुटबाजी का अंदाजा इस बात से •ाी लगाया जा सकता है कि येचुरी ने स्पष्ट लिखा है कि गुटबाजी पार्टी के संगठन को खोरा लगा रही है। जब तक संगठनात्मक कमोजरी,गलतियों व दावपेच को स्वीकार नहीं करते तब तक पार्टी हमदर्दों में •ारोसा पैदा नहीं कर सकते और यह गलतियां लगातार की जा रही है।
सीता राम का कहना है कि 20वीं कांग्रेस में पार्टी के विस्तार को याचने के लिये बनाई कसौटी अनुसार पार्टी में आई गिरवाट मुख्य तौर पर पार्टी की चुनावीं कार्यशैली तक सीमत है। उनके अनुसार 1967 में पार्टी ने पहली बार लोक स•ाा चुनाव लड़ा और पार्टी सदस्यों की संख्या 19 थी और 2009 में यह कम होकर 16 रह गई। इसके बाद 2014  के चुनाव में सांसद में सीटों के साथ साथ वोट प्रतिशत •ाी कम हो गई है। यही नहीं 2004 में पार्टी 13 राज्यों की विधान स•ाा में प्रतिनिधित्व कर रही थी जो कि आज आठ राज्यों तक सीमत रह गयी है जबकि चार राज्यों में मात्र एक विधायक है।
राजनीतिक दावपेच केडर बारे नीति:
सीता राम ने पार्टी की ताकत बढ़ाने के लिये अतीत में की गलतियों की पड़ताल करने की है। इसी तरह जब तक कुलवक्ती (फुलटाइम कार्यकर्ता) को पार्टी के सहयोगी संगठन सीटू द्वारा न्यूनतम वेतन देने की मांग अनुसार न्यूनतम वेतन नहीं देते तब तक पार्टी के काम में सुधार करना असं•ाव है। इससे यह बात •ाी स्पष्ट हो गई है कि सीटू द्वारा वर्करों की मांगों को लेकर संघर्ष किया जाता है लेकिन पार्टी व संगठन में इन मुद्दों के लिये कोई स्थान नहीं है। सीता राम अनुसार उन्होंने 19 जून 2009 को •ाी पोलिय ब्यूरो को नोेट दिया परन्तु इसे गं•ाीर बहस के योग्य नहीं समझा था। बता दें कि पार्टी की 21 वीं  कांग्रेस अप्रैल -मई 2015 में होने वाली है। पार्टी के लिये सबसे बुरी खबर यह •ाी है कि पश्चिम बंगाल जहां पार्टी ने लगातार 34 वर्ष तक शासन किया है ,में •ाी पांव नहीं लगे रहे बल्कि पार्टी कार्यकर्ता का रूझान त्रिमुल कांग्रेस की ओर बढ़ता जा रहा है। ऐसे में  पार्टी •ाविष्य में गुटबाजी से निकल पायेगी यह आने वाला समय ही बताएगा।