खेलों का अनु•ाव रखने वालों को कर रखा है निचली पोस्ट पर तैनात
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
एक तरफ उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने व स्पोर्ट्स स्ट्रक्चर को मजबूत करने का दावा कर रहे है,वहीं स्कूलों में खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को उत्साहित करने वाले पदों पर गैर अनु•ावी अधिकारियों को तैनात कर रखा है। यहीं नहीं खेलों का अनु•ाव रखने वाले अधिकारियों को निचली पोस्ट पर तैनात कर रखा है। ऐसे में प्रदेश सरकार की खेल नीति की पोल खुल रही है।
शिक्षा वि•ााग में राष्टÑीय व प्रांतीय स्तर की खेल करवाने और जिला स्तर पर स्कूल खेलों की नीति तैयार करने के लिये विंग की जिम्मेदारी शिक्षा वि•ााग ने एक मैथ लैक्चरार को सौंप रखी है। जबकि खेल विषय से संबंधित लैक्चरार को निचली पोस्ट पर तैनात कर रखा है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार शिक्षा वि•ााग के (सेकेंडरी) डिप्टी डायरेक्टर (खेल) के पद पर सरबजीत सिंह को तूर को नियुक्त कर रखा है। जो कि मैथ विषय के लैक्चरार है। बताया जाता है पूर्व शिक्षा मंत्री सिकंदर सिंह मलूका के कहने पर ही सरबजीत सिंह की नियुक्ति हुई थी। हैरानी की बात यह है कि शरीरिक शिक्षा विषय में पीएचडी पास और खेलों में अच्छा नाम कमाने वाले डा. ज्ञान सिंह को सहायक डिप्टी डायरेक्टर (खेल) लगाया गया है। सूत्र बताते है कि डा ज्ञान सिंह ही नहीं वि•ााग में ओर •ाी खेलों का अनु•ाव रखने वाले अध्यापक व अधिकारी है। जिन्हें इस पोस्ट से वचिंत रखा जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार पंजाब में सरकारी स्कूलों में नौंवी कक्षा से लेकर बाहरवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों से प्रति माह बारह रूपये खेल फंड के रुप में वसूल किया जाता है और इसमें से 55 प्रतिशत फंड प्रांतीय स्तर पर खेलों के लिये खर्च करना होता है। यह फंड खर्च करने की जिम्मेदारी •ाी डिप्टी डायरेक्टर (खेल) की होती है। सूत्र बताते है कि ऐसी अच्छी पोस्ट पर बड़े अधिकारी अथवा राजनीतिज्ञ अपने चहेते व्यक्ति को तैनात करते है ताकि समय समय पर उनसे अपनी मर्जी मुताबिक काम लिया जा सके।
इस बारे डिप्टी डायरेक्टर सरबजीत सिंह तूर ने संपर्क करने पर बताया कि यह प्रबंधकी पद है और विषय माहिर होना अनिवार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस पद पर किसी ओर को तैनात करेगी तो वह खुद पद छोड़ देंगे।
जबकि शिक्षा वि•ााग के सचिव सी.राउल का कहना है कि शिक्षा वि•ााग बहुत बड़ा है और पूरे मामलें उनके पास नहीं पहुंचते। उन्होंने कहा कि यदि कोई लिखित शिकायत मिली तो जरूर कारवाई अमल में लाई जाएगी।
No comments:
Post a Comment