Saturday, 17 May 2014

मालवा में आम आदमी दोआबा में कांग्रेस,माझा में अकाली दल का दबदबा


गुरदासपुर  हलके में कांग्रेस स•ाी विस हलको में हारी
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
बेशक अकाली •ााजपा गठबंधन को लोक स•ाा चुनाव में छह सीटों पर बढ़त मिली है,परन्तु यदि मतदाताओं के रूझान को देखा जाए तो प्रदेश की कुल 117 विधान स•ाा सीटों में से 45 विस क्षेत्र में गठबंधन को बढ़त मिली है। जबकि 37 हलकों में कांग्रेस और 33 हलकों में आम आदमी पार्टी ने अपनी विजयी बढ़त बनाकर राजनीतिक दिग्गजों को सोचने के लिये मजबूर कर दिया है। लुधियाना शहर के दो विस क्षेत्रों में बैंस बंधुओं का दबदबा रहा है। चार रिजर्व सीटों में से दो सीटों पर मतदाताओं ने आम आदमी पार्टी के हक में फतवा दिया है जबकि एक •ााजपा व एक कांग्रेस के हिस्से आई है। रिजर्व हलको में शिअद का बड़ा नुक्सान हुआ है।
पंजाब के दोआबा क्षेत्र में कांग्रेस अपनी पकड़ मजबूत करने में कामयाब रही है, जबकि माझा में कांग्रेस अकाली दल के वोट बैंक में सेंध लगाने में कामयाब रही है। इसी तरह मालवा व पुआध के क्षेत्र में आम आदमी पार्टी अपनी अच्छी पैंठ बनाने में कामयाब रही है। यदि प्रदेश में वोटरों के रूजान का लेखाजोखा किया जाए तो गुरदासपुर लोक स•ाा क्षेत्र ही एक हलका बना है ,जहां स•ाी विधान स•ाा हलको में कांग्रेस की बुरी हार हुई है। दिलचस्प बात यह है कि गुरदासपुर हलके में कांग्रेस के पांच,•ााजपा के तीन व शिअद का एक विधायक है। प्रदेश कांग्रेस प्रधान प्रताप सिंह बाजवा की धर्मपत्नी चरनजीत कौर बाजवा के हलका कादिया में •ाी बाजवा को हार का मूंह देखना पड़ा है। इसी तरह अमृतसर में शिअद मजीठा में अपनी बढ़त को कायम रखने के साथ विधायक सुखविंदर सुरकारिया के हलके में सेंध लगाने में कामयाब रहा। जबकि सात विस हलकों में कांग्रेस की बढ़त रही है। इसी तरह खडूर साहिब में पड़ते स•ाी विस हलको में शिअद ने अपनी बढ़त बनाई है। दोआबा क्षेत्र में जालंधर,होशिआरपुर व आनंदपुर साहिब लोक स•ाा क्षेत्र में पड़ते विस क्षेत्रों में शिअद को क्रमश दो,पांच एवं दो विस हलकों में बढ़त मिली है ,जबकि 14 विधान स•ाा हलको में कांग्रेस और चार में आम आदमी पार्टी ने विजयी बढ़त बनाई है। शिअद प्रत्याशी पवन कुमार टीनू अपने विस क्षेत्र आदमपुर से •ाी कांग्रेस से मात खा गये है।
आनंदपुर साहिब लोक स•ाा क्षेत्र में पड़ते चार विस हलके जिनमें चमकौर साहिब ,मोहाली,बंगा व नवाशहर में आप के प्रत्याशी हिम्मत सिंह शेरगिल ने जीत दर्ज करवाई है। दिलचस्प बात यह है कि इस हलके में शिअद को खरड़ व आनंदपुर साहिब हलके में ही लीड मिली है,इसके बावजूद शिअद प्रत्याशी प्रेम सिंह चंदुमाजरा अपनी इज्जत बनाने में कामयाब हो सका है। लुधियाना में पड़ते चार विस हलको में आप,तीन में कांग्रेस और दो हलको में सिमरजीत सिंह बैंस को लीड मिली है। हैरानी की बात है कि शिअद के प्रत्याशी मनप्रीत सिंह इयाली अपने दाखा विस क्षेत्र में •ाी आपके एचएस फूलका से मात खा गये है। इसी तरह फतेहगढ़ साहिब में पड़ते छह विस हलको में आप,दो में कांग्रेस और एक (साहनेवाल) में शिअद को लीड मिली है। इसी तरह फरीदकोट में आप सात सीटों पर बिजयी बढ़त बनाने में कामयाब रही है। मालवा क्षेत्र में पड़ते पटियाला व संगरूर जिले में आम आदमी पार्टी अच्छा खासा प्र•ााव छोड़ने में कामयाब रही है, संगरूर के आठ विस हलको और पटियाला के चार विस हलको में आम आदमी पार्टी को अच्छी लीड मिली है। संगरूर में शिअद प्रत्याशी सुखदेव सिंह ढींडसा को पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर •ाट्ठल के हलका लहरा में लीड मिली है और वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींडसा के हलके में वह बुरी तरह पराजित हुए है। जबकि शेष आठ हलको में आप का जादू चला है। इसी तरह पटियाला में शिअद को दो,कांग्रेस को तीन व आप को चार सीटों पर बढ़त मिली है। इसी तरह
फिरोजपुर के पांच विस हलको में अकाली दल व चार में कांग्रेस को लीड मिली है। जबकि बठिंडा में शिअद को छह व कांग्रेस को तीन विस हलको में लीड मिली है।
कुल मिलाकर अकाली •ााजपा गठबंधन की कार्यशैली पर मतदाताओं ने सवालिया निशान लगा दिया है और आगामी 2017 में होने वाले विधान स•ाा हलको में पंजाब के सियासी समीकरण बदलने की सं•ाावना उजागर हो गई है।

Friday, 16 May 2014

पंजाब में आप तीसरी पार्टी के रूप में उ•ारी


‘फौजा जित्त के अंत नू हारीया जी ’
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
ताज़ा हुए लोक स•ाा चुनाव में जहां देश में मोदी लहर का जादू चला है वहीं पंजाब में मोदी लहर ठुस होकर रही है और आम आदमी पार्टी पंजाब में तीसरी पार्टी के रूप में उ•ारी है। आम आदमी पार्टी ने पंजाब में पहली बार लोक स•ाा चुनाव लड़ा और पार्टी ने चार सीटों पर विजयी परचम लहराया है। यही नहीं शेष सीटों पर •ाी पार्टी के प्रत्याशी दूसरे व तीसरे नंबर पर रहे है। आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के साथ साथ दो राष्टÑीय पार्टी बहुजन समाज पार्टी और कम्यूनिस्ट पार्टियों पर •ाी झाड़ू फेरकर रख दिया है। एक तरह से बसपा व कम्यूनिस्ट पार्टियों के वोट बैंक को आप ने बहुत बड़ा झटका लगाया है। दरअसल हरेक बार लोक स•ाा चुनावों में पंजाब के लोगों ने एक नया इतिहास बनाया है। पिछले मतगणना पर नजर दौड़ाई जाए तो पंजाब के मतदाताओं ने ज्यादातर केंद्र सरकार के खिलाफ उलटफेर किया है। इस बार जहां देश में आम आदमी पार्टी सिकुड़ रह गई है वहीं पंजाब के लोगों ने आप के हक में फतवा दिया है।  
इन चुनावों में सबसे बुरी •ााजपा के वरिष्ठ नेता अरूण जेतली के साथ हुई है। क्योंकि देश में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में •ााजपा सरकार बना रही है परन्तु जेतली अमृतसर से कैप्टन के हाथों मात खा गये है। •ााजपा को प्रदेश में पिछले लोक स•ाा चुनाव के मुकाबले सिर्फ एक सीट का फायदा हुआ है। 2009 में •ााजपा का अमृतसर संसदीय सीट पर कब्जा रहा है परन्तु वहां से कैप्टन अमरिंदर सिंह विजयी रहे है और अब •ााजपा का गुरदासपुर और होशियारपुर से खाता खुल गया है। जबकि अकाली दल का कोई सीटों को लेकर फायदा या नुक्सान नहीं हुआ है। अकाली दल के पास पहले •ाी चार सीटें थी और अब •ाी शिअद के पास चार सीटें है। फर्क सिर्फ इतना है कि शिअद से फरीदकोट सीट छिन गई है और आनंदपुर साहिब से प्रो प्रेम सिंह चंदुमाजरा अपनी इज्जत बचाने में कामयाब हुए है। परन्तु ताजा परिणाम ने अकाली •ााजपा गठबंधन को सोचने के लिये मजबूर कर दिया है। जहां लोगों में राष्टÑीय स्तर पर कांग्रेस के खिलाफ रोष की लहर थी वहीं शिअद •ााजपा गठबंधन के खिलाफ एंटी इनकम्बेंसी के रूप में मतदाताओं ने अपना पक्ष आम आदमी के हक में रखा है। इसका साबूत उप मुख्यमंत्री व शिअद के प्रधान सुखबीर सिंह बादल की धर्मपत्नी हरसिमरत कौर बादल सिर्फ 19395 मतों के अंतर से विजयी रही है। जबकि 2009 के चुनाव में हरसिमरत ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के बेटे रणइंद्र सिंह को 1,20,960 मतों के अंतर से हराया था। सिर्फ खडर साहिब से बजुर्ग नेता रणजीत सिंह ब्रहमपुरा एक लाख से अधिक मतों के अंतर से विजयी रहे है। जहां आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी बलदीप सिंह डेढ़ लाख के करीब वोट ले गये है। कुल मिलाकर लोक स•ाा चुनावों के परिणाम ने अकाली •ााजपा सरकार के साथ साथ कांग्रेस की लीडरशिप को •ाी सोचने के लिये मजबूर कर दिया है। 

Saturday, 10 May 2014

..उजड़ गया आशियाना

कैसे रहेंगे बिना छत्त से
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर  
आंखों में आंसू .. गोद में मासूम को उठाए वह घर से बरतन,कपड़े निकालकर सड़क किनारे रख रही थी। जैसे जैसे सामान उठा रही थी वैसे वैसे आंखों से आंसू टपक रहे थे। कुछ ही समय बाद देखते ही देखते आंखों के सामने अपने हाथों से बनाये आशियाना ढ़ह गया। रोते हुए बस दिल से एक ही आवाज निकल रही थी कि हे •ागवान यह क्या हुआ ... अब हम कहां रहेंगे। बिमला,शीला,कांता ने आंसू बहाते हुए अपनी दिल की बात बताते हुए कहा कि वह लंबे समय से परिवार सहित इन कालौनियों में रहते है। ऊपर से गर्मी का कहर है और उन्हें अपने बच्चों की चिंता है कि गर्मी में अपने बच्चों को लेकर जाएं तो कहां जाएं ?  
दरअसल चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से सैक्टर 52-53 कजहेड़ी ,पंडित कालौनी,नेहरू कालोनी ,मजदूर कालौनी व कुलदीप कालौनी  पर शनिवार सुबह ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन का इन कालौनियों पर बूलडोजर चलने से करीब पच्चीस हजार लोग बेघर हो गये है। 
शनिवार को इस्टेट आॅफिस द्वारा •ाारी पुलिस बल के साथ कुलदीप कॉलोनी, पंडित कॉलोनी, मजदूर कॉलोनी और नेहरू कॉलोनी को खाली करवाने का अ•िायान शुरू किया।  इस्टेट आफिस द्वारा की गई कारवाई के समय से चंडीगढ़ के कई थानों के पुलिस बल,डिप्टी कमिशनर सहित कई आला अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। जैसे ही शनिवार को संपदा वि•ााग की टीम,•ाारी संख्या में पुलिस बल,बूलडोजर,जेसीबी मशीने कालोनियों में पहुंची तो लोगों के सांस फूल गये।इससे पहले कालौनी वासी प्रशासन द्वारा पांच नंबर कालौनी को उजाड़ने का नज़ारा देख चुके थे। इसलिये प्रशासन का पीला पंजा चलने से पहले ही बहुत से लोगों ने अपने घरों में से सामान निकालना शुरू कर दिया । जैसे जैसे लोगों के घर खाली होते गये प्रशासन का  पीला पंजा गरीबों के घरों को ध्वस्त करता गया। कजहेड़ी में परमजीत ,नन्ना राम ,सुमेर चंद ने बताया कि वह बीते करीब बीस सालों से जहां रहते है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने उन्हें कहा कि ढहाने वाली कालौनियों में उनकी कालौनी शामिल नहीं है। जिससे वह बेपरवाह होकर बैठे थे। परन्तु कुछ समय बाद ही प्रशासन ने अपनी कारवाई को अमली रूप दे दिया। जिससे लोगों को बड़ी मुशिकल से अपना सामान निकालना पड़ा। इसी तरह शांती देवी का कहना है कि उनके सात बच्चे है ,जबकि शंकर ने बताया कि उनके चार बच्चे आज सुबह से •ाूखे है। पीड़ितों का कहना है कि वह लंबे समय से इन कालौनियों में रहते है और उनकी वोट,राशन कार्ड,आधार कार्ड बने हुए है जहां तक कि बिजली के मीटर •ाी लगे हुए थे। 
पांच नंबर कालौनी की तरज पर मिले मकान
पीड़ितों का कहना है कि जैसे चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा पुन अवास योजना के तहत पांच नंबर कालौनी वासियों को धनास में मकान बनाकर दिये है। उसी तरज पर उन्हें •ाी मकान अलाट किये जाए ताकि वह अपने बच्चों का पालण पोषण कर सके। 
कोई नहीं पहुंचा नेता
आम तौर पर गरीबों के हमदर्द होने का दावा करने वाले नेता आज गरीबों पर चल रहे हथौड़े के समय पर उनकी सार लेने नहीं पहुंचे। लोक स•ाा चुनाव से पहले नेता कालौनियों में चक्कर लगाकर उनके साथी होने का दावा कर रहे थे परन्तु आज कोई •ाी उनकी सहायता के लिये हाथ आगे बढ़ाने नहीं पहुंचा। 
क्या कहता है प्रशासन 
डिप्टी कमिशनर एम सईन का कहना है कि प्रशासन द्वारा चंडीगढ़ को सल्म मुक्त करने और नजायज कब्जों को खत्म करने के लिये नजायज कब्जे छुड़ाए गये है। बकायादा अवैध कब्जाधारकों को नोटिस जारी किये गये थे। उनका कहना है कि 2006 में प्रशासन की ओर से सर्वे करवाया गया था और इनमें से 2500 को सरकारी अवास योजना के तहत योग्य मानते हुए दो हजार को घर मुहैया करवा दिये गये थे। उन्होंने कहा कि इन कालौनियों में यह लोग वर्ष 2006 के बाद बसे है।  
 याद रहें कि इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों ने शुक्रवार को 'घर अधिकार संघर्ष मोर्चा' के साथ मिलकर प्रदर्शन किया था। लोगों ने सेक्टर-52 की सड़क पर जाम लगा दिया था। आम आदमी पार्टी चंडीगढ़ की तरफ से इन चार कॉलोनियों को हटाने के प्रशासन के फैसले का विरोध जताते हुए कहा गया है कि चंडीगढ़ को स्लम फ्री बनाने का यह अलोकतांत्रिक तरीका है। 

Friday, 9 May 2014

चंडीगढ़ पुलिस की पंजाब के वाहनों पर बाज आंख


हरियाणा की तुलना में पंजाब के वाहनों के काटे सबसे अधिक चालान
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ में ट्रेफिक पुलिस द्वारा चालान काटने में सबसे अधिक निशाना पंजाब के वाहनों का बनाया जाता है। चंडीगढ़ व दूसरे राज्यों के मुकाबले चंडीगढ़ पुलिस ने बीते तीन सालों में पंजाब के वाहनों के सबसे अधिक चालान काटे है। चंडीगढ़ पुलिस की ओर से जारी किये अंकड़े बताते है कि पुलिस ने वर्ष 2011 में कुल 160632 चालान काटे और 3693 वाहनों को इम्पाउंड किया है। आंकड़े बताते है कि 2011 में हरियाणा के वाहनों के 18583 (11.5%)चालान काटे गये। जबकि इसके विपरित पंजाब के 30781 (19 प्रतिशत) को निशाना बनाया गया। जबकि दूसरे राज्यों से संबधित 12289 (7.5 प्रतिशत) के चालान काटे गये है। इसी तरह साल 2012 दौरान हरियाणा के वाहनों के 23373 (12 प्रतिशत) जबकि पंजाब के 41925 (22 प्रतिशत) वाहनों को निशाना बनाया गया है। जबकि राज्यों से संबंधित 15399 (8 प्रतिशत) वाहनों के ही चालान काटे गये। जबकि 2013 में हरियाणा के 37231 (13.2 प्रतिशत),पंजाब के 69081 (24.3 प्रतिशत) वाहनों के चालान काटे गये। जबकि दूसरे राज्यों से संबंधित 24331 (8.5 प्रतिशत) वाहनों के ही चालान काटे गये। 
इसी तरह साल 2013 दौरान हरियाणा के 37231 (13.2 प्रतिशत),पंजाब के 69081 (24.3 प्रतिशत) व दूसरे राज्यों से संबंधित 24331 (8.5 प्रतिशत) वाहनों के चालान काटे गये है। जबकि चालू साल दौरान 30 अप्रैल तक चंडीगढ़ पुलिस की बाज आंख वी सबसे अधिक पंजाब के वाहनों पर पड़ी है। अब तक हरियाणा के 14916 (14.8 प्रतिशत),पंजाब के 27823 (27.5 प्रतिशत) और दूसरे राज्यों से स ंबंधित 9908 (9.8 प्रतिशत) वाहनों के चालान  काटे गये। 
बेशक पुलिस द्वारा सड़क दुर्घटनाओं में अंकुश लगाने के दावे किये जा रहे है परन्तु पुलिस द्वारा जारी अंकड़े बताते है कि 2011 में कुल 437 ,वर्ष 2012 में 419 ,वर्ष 2013 में 410 और 30 अप्रैल तक 128 दुर्घटनाएं हुई है। अंकड़े बताते है कि सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ बहुत ज्यादा नीचे नहीं गिरा है और 2011 के मुकाबले 2013 में सिर्फ 27 हादसे का अंतर है। यानी पुलिस का सबसे अधिक जोर चालान काटने पर लगा हुआ है। 
बता दें कि चंडीगढ़ में एसएसपी पंजाब केडर का लगाया जाता है जबकि यातायात एसपी की पोस्ट हरियाणा केडर के आईपीएस अधिकारी के लिये आराक्षित है। 

Sunday, 4 May 2014

बादल,सुखबीर,मजीठिया,कैप्टन,जाखड़ के विस हलके में कम हुआ मतदान

2012 के विस चुनाव की तुलना में

मंत्रियों व सीपीएस की कार्यशैली •ाी अच्छी नहीं
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
 16 वीं संसद के लिये तीस अप्रैल को पंजाब में हुए मतदान में अकाली,•ााजपा और कांग्रेस के दिग्गजों के विधान स•ाा हलकों में वोट प्रतिश्त पिछले चुनावों के मुकाबलें कम हुई है। मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल,उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल,विपक्ष के नेता सुनील जाखड़,पूर्व मुख्मंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह,राजिंदर कौर •ाट्ठल सहित पंजाब सरकार के कई मंत्रियों व सीपीएस के विधान स•ाा हलकों में वर्ष 2012 में हुए विधान स•ाा चुनाव की तुलना में वोट प्रतिशत काफी कम रही है। जिससे स्पष्ट होता है कि प्रदेश वासी मुख्यमंत्री,उप मुख्यमंत्री ,मंत्रियों की कार्यशैली से खुश नहीं है या फिर मंत्रियों द्वारा ताजा चुनाव में पूरी दिलचस्पी नहीं ली है। यहीं नहीं लोक स•ाा की चुनावी जंग में डटे कई विधायकों के अपने विस क्षेत्र में •ाी पिछले चुनाव की तुलना में वोट प्रतिशत कम रही है।
 पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यलय से प्राप्त जानकारी अनुसार मुख्यमंत्री प्रकाश् सिंह बादल के विस क्षेत्र लंबी ,जो कि बठिंडा लोक स•ाा क्षेत्र के अंतर्गत आता है तथा यहां से उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल की पत्नी हरसिमरत कौर बादल अपनी किस्मत अजमा रही है,में इस बार 77.54 प्रतिशत मतदान हुआ है। जबकि 2012 में विस चुनाव दौरान 87.26 प्रतिशत और 2009 के लोक स•ाा चुनाव में 81.46 प्रतिश्त मतदान रिकार्ड किया गया था। यानी  सीएम के हलके में दस प्रतिश्त के करीब कम मतदान हुआ है। इसी तरह उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल के हलके जलालाबाद (फिरोजपुर लोक स•ाा क्षेत्र) में 78.40 प्रतिशत मतदान हुआ है। जबकि 2012 के विस चुनाव में 86.94 फीसदी मतदान हुआ था। फिरोजपुर लोक स•ाा क्षेत्र में ही पड़ते स्वास्थ्य मंत्री सुरजीत कुमार जियाणी के हलके फाजीलिका में 76.69 प्रतिश्त मतदान रहा है जबकि 2012 के विस चुनाव में 85.94 % मतदान हुआ था। यही नहीं विपक्ष के नेता सुनील जाखड़ जो कि लोक स •ाा चुनाव में अपनी किस्मत अजमा रहे है,कि हलके अबोहर में करीब दस प्रतिश्त कम मतदान रिकार्ड किया गया है। 2012 के विस चुनाव में 78.39 प्रतिश्त की बजाए इस बार 67.10 प्रतिश्त मतदान दर्ज किया गया है। 
इसी तरह प्रदेश कांग्रेस के प्रधान व गुरदासपुर लोक स•ाा क्षेत्र से प्रत्याशी प्रताप सिंह बाजवा की विधायक पत्नी चरनजीत कौर बाजवा के क्षेत्र कादियां में 70.70 फीसदी मतदान हुआ है जबकि 2012 के विस चुनाव में 76.79 प्रतिशत लोगों ने अपने मत के अधिकार का प्रयोग किया था। कांग्रेसी नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा के हलके डेरा बाबा नानक में 70.97 फीसदी मतदान हुआ है जबकि पिछले चुनाव में 81.68 प्रतिशत मतदान हुआ था। इसी तरह कांग्रेसी विधायक अशवनी सेखड़ी के हलके बटाला में पिछले चुनाव के मुकाबले दो फीसदी कम मतदान रहा है। जबकि •ााजपा नेता दिनेश बब्बू के हलके सुजानपुर में 71.58 प्रतिशत मतदान रहा है जबकि 2012 में 78.30 प्रतिशत मतदान हुआ था। 
अमृतसर लोक स•ाा क्षेत्र में पड़ते अमृतसर (नार्थ ) विस क्षेत्र में स्थानीय निकाय मंत्री अनिल जोशी की कार्यशैली कुछ हद तक ठीक रही है। इस बार 68.79 प्रतिशत और 2012 में 68.39 फीसदी मतदान हुआ था। जबकि उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के साले और राजस्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के हलके मजीठा में 73.42प्रतिशत मतदान हुआ है जबकि 2012 के विस चुनाव में 81.90 फीसदी मतदान रिकार्ड किया गया था। मजीठिया के करीबी व सीपीएस इंद्रबीर सिंह बुलारिया के हलके अमृतसर साउथ में 62.86 प्रतिशत तथा 2012 के विस चुनाव में 63.49 प्रतिशत मतदान रहा था। इसी तरह निवर्तमान सांसद व •ााजपा के तेजतरार नेता नवजोत सिद्धू की धर्म पत्नी डा नवजोत सिद्वू के हलके अमृतसर ईस्ट में 65.34 प्रतिशत और 2012 में 66.15 प्रतिशत मतदान हुआ था। जबकि निवर्तमान सांसद रतन सिंह अजनाला के बेटे अमरपाल सिंह बोनी के हलका अजनाला में 75.04 प्रतिशत मतदान हुआ है जबकि 2012 के विस चुनाव में 84.13 फीसदी मतदान हुआ था। 
इसी तरह खडूर साहिब लोक स•ाा क्षेत्र में पड़ते खेमकरण विस क्षेत्र जहां से विरसा सिंह वलटोहा विधायक है ,कि हलके में  67.32 प्रतिशत मतदान हुआ है जबकि 2012 में 82.14 प्रतिशत मतदान हुआ था। इसी तरह मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के दामाद व फूड सप्लाई मंत्री आदेश प्रताप सिंह कैरों के हलका पट्टी में 66.97 प्रतिशत मतदान हुआ है जबकि 2012 में 78.08 प्रतिशत मतदान हुआ था। 
जालंधर (रिजर्व) लोक स•ाा क्षेत्र  में पड़ते आदमपुर विस क्षेत्र जहां से पवन टीनू खुद विधायक है और लोक स•ाा क्षेत्र में शिअद के प्रत्याशी है कि अपने हलके में 67.29 फीसदी मतदान हुआ है जबकि 2012 के विस चुनाव में 76.29 प्रतिशत मतदान रिकार्ड किया गया था। इसी तरह ट्रांस्पोर्ट मंत्री अजीत सिंह कोहाड़ के हलके शाहकोट में 69.11प्रतिशत मतदान हुआ है जबकि 2012 में 80.22 प्रतिशत मतदान रहा है। •ााजपा नेता मनोरंजन कालीया और चुन्नी लाल •ागत के विस क्षेत्र क्रमश जालंधर सेंट्रल में 63.66 प्रतिशत व जालंधर वेस्ट में 67.14 फीसदी मतदान हुआ जबकि 2012 में क्रमश 68.92 प्रतिशत व 68.77 प्रतिशत मतदान हुआ था। 
दिलचस्प बात यह है कि शिअद के प्रवक्ता डा दलजीत सिंह चीमा के रूपनगर विस क्षेत्र में 70.11 प्रतिशत मतदान हुआ जबकि 2012 में 77.39 फीसदी मतदान हुआ था। इसी तरह उद्योग मंत्री मदन मोहन मित्तल के हलका आनंदपुर साहिब में 64.77 प्रतिशत मतदान और 2012 में 75.01प्रतिशत मतदान रहा है। इसी तरह सीपीएस चौधरी नंद लाल के हलका बलाचौर में 70.12 प्रतिशत मतदान हुआ है जबकि 2012 में 78.33 प्रतिशत मतदान हुआ था। 
लुधियाना से शिअद प्रत्याशी मनप्रीत सिंह इयाली तथा निर्दलीय प्रत्याशी सिमरजीत सिंह बैंस के विस क्षेत्र में •ाी मतदान कम हुआ है। ईयाली के हलका दाखा में 76.47 प्रतिशत व बैंस के हलका आत्म नगर में  68.55 फीसदी मतदान हुआ है। जबकि 2012 के चुनाव में क्रमश 84.60 प्रतिशत और 70.01प्रतिशत मतदान रहा है। फतेहगढ़ साहिब लोक स•ाा क्षेत्र में पड़ते लोक निर्माण मंत्री शरनजीत सिंह ढिल्लों के विस क्षेत्र साहनेवाल में 72.80 प्रतिशत मतदान हुआ जबकि 2012 में 79.14 फीसदी मतदान हुआ था। फरीदकोट लोक स•ाा क्षेत्र में पड़ते शिक्षा मंत्री सिंकदर सिंह मलूका के विस क्षेत्र रामपुरा फूल में 74.02 फीसदी मतदान रहा जबकि 2012 में 87.47 फीसदी मतदान हुआ था। इसी तरह बठिंडा लोक स•ाा क्षेत्र में पड़ते सिंचाई मंत्री जनमेजा सिंह सेखों के हलका मौड़ में 79.62 प्रतिशत मतदान रहा है जबकि 2012 में 85.20 प्रतिशत मतदान हुआ था। इसी तरह कांग्रेस छोड़कर अकाली दल में शामिल हुए जीत महिंदर सिद्धू के हलका तलंबडी साबों में •ाी 2012 के चुनाव की तुलना में मतदान कम हुआ है। जहां इस बार 74.41 फीसदी व 2012 में 86.62 फीसदी मतदान हुआ था। संगरूर लोक स•ाा क्षेत्र में पड़ते हलका लहरा जहां से कांग्रेस की पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर •ाट्ठल विधायक है में 75.05 फीसदी मतदान हुआ है जबकि 2012 में 85.68 प्रतिशत मतदान हुआ था। इसी तरह वित मंत्री परमिंदर सिंह ढींडसा के हलका सुनाम में 81.62 प्रतिशत मतदान हुआ और 2012 में 86.64 फीसदी मतदान हुआ था। इसी तरह पटियाला लोक स•ाा क्षेत्र में पड़ते ग्रामीण विकास व पंचायत मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा के हलका समाना में •ाी वोट प्रतिशत गणित गड़बड़ा गया है। जहां 76.46 प्रतिशत मतदान हुआ है जबकि विस चुनाव दौरान 85.23 प्रतिशत मतदान हुआ था। जबकि पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के हलका पटियाला में 65.65 प्रतिशत मतदान रहा है जबकि विस चुनाव में 68.11 प्रतिशत मतदान रहा है। इसी तरह वरिष्ठ नेता लाल सिंह के हलका सनौर में अब 71.24 प्रतिशत और 2012 में 82.47 प्रतिशत मतदान रहा है। जबकि फतेहगढ़ साहिब से कांग्रेस के प्रत्याशी व ना•ाा से विधायक साधू सिंह धर्मसोत के हलका ना•ाा में 73.69 प्रतिशत मतदान हुआ जबकि 2012 में 78.29 प्रतिशत मतदान रहा था।