Friday, 9 May 2014

चंडीगढ़ पुलिस की पंजाब के वाहनों पर बाज आंख


हरियाणा की तुलना में पंजाब के वाहनों के काटे सबसे अधिक चालान
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ में ट्रेफिक पुलिस द्वारा चालान काटने में सबसे अधिक निशाना पंजाब के वाहनों का बनाया जाता है। चंडीगढ़ व दूसरे राज्यों के मुकाबले चंडीगढ़ पुलिस ने बीते तीन सालों में पंजाब के वाहनों के सबसे अधिक चालान काटे है। चंडीगढ़ पुलिस की ओर से जारी किये अंकड़े बताते है कि पुलिस ने वर्ष 2011 में कुल 160632 चालान काटे और 3693 वाहनों को इम्पाउंड किया है। आंकड़े बताते है कि 2011 में हरियाणा के वाहनों के 18583 (11.5%)चालान काटे गये। जबकि इसके विपरित पंजाब के 30781 (19 प्रतिशत) को निशाना बनाया गया। जबकि दूसरे राज्यों से संबधित 12289 (7.5 प्रतिशत) के चालान काटे गये है। इसी तरह साल 2012 दौरान हरियाणा के वाहनों के 23373 (12 प्रतिशत) जबकि पंजाब के 41925 (22 प्रतिशत) वाहनों को निशाना बनाया गया है। जबकि राज्यों से संबंधित 15399 (8 प्रतिशत) वाहनों के ही चालान काटे गये। जबकि 2013 में हरियाणा के 37231 (13.2 प्रतिशत),पंजाब के 69081 (24.3 प्रतिशत) वाहनों के चालान काटे गये। जबकि दूसरे राज्यों से संबंधित 24331 (8.5 प्रतिशत) वाहनों के ही चालान काटे गये। 
इसी तरह साल 2013 दौरान हरियाणा के 37231 (13.2 प्रतिशत),पंजाब के 69081 (24.3 प्रतिशत) व दूसरे राज्यों से संबंधित 24331 (8.5 प्रतिशत) वाहनों के चालान काटे गये है। जबकि चालू साल दौरान 30 अप्रैल तक चंडीगढ़ पुलिस की बाज आंख वी सबसे अधिक पंजाब के वाहनों पर पड़ी है। अब तक हरियाणा के 14916 (14.8 प्रतिशत),पंजाब के 27823 (27.5 प्रतिशत) और दूसरे राज्यों से स ंबंधित 9908 (9.8 प्रतिशत) वाहनों के चालान  काटे गये। 
बेशक पुलिस द्वारा सड़क दुर्घटनाओं में अंकुश लगाने के दावे किये जा रहे है परन्तु पुलिस द्वारा जारी अंकड़े बताते है कि 2011 में कुल 437 ,वर्ष 2012 में 419 ,वर्ष 2013 में 410 और 30 अप्रैल तक 128 दुर्घटनाएं हुई है। अंकड़े बताते है कि सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ बहुत ज्यादा नीचे नहीं गिरा है और 2011 के मुकाबले 2013 में सिर्फ 27 हादसे का अंतर है। यानी पुलिस का सबसे अधिक जोर चालान काटने पर लगा हुआ है। 
बता दें कि चंडीगढ़ में एसएसपी पंजाब केडर का लगाया जाता है जबकि यातायात एसपी की पोस्ट हरियाणा केडर के आईपीएस अधिकारी के लिये आराक्षित है। 

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