Wednesday, 9 December 2015

शहीद भगत सिंह के नाम पर नहीं रखा जाएगा चंडीगढ़ एयरपोर्ट का नाम !


हरियाणा ने की डा मंगल सैन के नाम की मांग
चंडीगढ़ 9 दिसंबर : जय सिंह छिब्बर
दो राज्यों की राजधानी चंडीगढ़ स्थित एयरपोर्ट के नाम को लेकर पंजाब व हरियाणा एक बार फिर आमने सामने हो गये है। जबकि यूटी प्रशासन इसका नाम चंडीगढ़ एयरपोर्ट रखना चाहता है। हरियाणा सरकार ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर चंडीगढ़ एयरपोर्ट का नाम डा मंगलसैन इंटरनैशनल एयरपोर्ट रखने की मांग की है। जबकि पंजाब सरकार पहले ही शहीद भगत सिंह के नाम पर शहीद भगत सिंह एयरपोर्ट रखने की मांग कर चुका है,बकायदा पंजाब सरकार ने विधान सभा में प्रस्ताव भी पारित कर रखा है। प्रधान मंत्री नरिंदर मोदी द्वारा एयरपोर्ट के नये टर्नीमल का उदघाटन करने के मौके पर पंजाब सरकार एयरपोर्ट को मोहाली का एयरपोर्ट बताती रही है और इसका नाम शहीद भगत सिंह के नाम पर रखने की बात करती रही है। किन्तु ऐसा अभी तक हो नहीं सका।
मिली जानकारी के अनुसार मनोहर लाल खट्टर सरकार ने डा मंगल सैन के नाम पर एयरपोर्ट का नाम पर रखने की मांग को लेकर केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। जहां डा मंगलसैन 1977-79 के बीच हरियाणा के सीएम रहे है वही वे आरएसएस के प्रचारक रहे है। दो राज्यों के बीच नाम को लेकर चल रही कशमकश कारण केंद्र सरकार भी एयरपोर्ट का नाम बदलने को लेकर असमंसज में है। सूत्रों का कहना है कि केंद्र सरकार शहीद भगत सिंह के नाम पर एयरपोर्ट का नाम हरगिज नहीं रखना चाहती। जबकि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की ओर से केंद्र सरकार को शहीद भगत सिंह के नाम पर एयरपोर्ट का नाम रखने के लिये कई बार पत्र लिख चुके है परन्तु केंद्र इस पर कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहा।
उड्डयन विभाग के प्रमुख सचिव डा महावीर ने संपर्क करने पर कोई जानकारी देने से मना कर दिया है। डा महावीर ने तर्क दिया कि उन्होंने कुछ दिन पहले ही ज्वाइन किया है इसलिये वह फिलहाल कुछ नहीं कह सकते। उनका कहना है कि नाम रखने या बदलने का अधिकार केंद्र सरकार के पास है।
सबसे अहम बात यह है कि शहीद भगत सिंह क्रांतिकारी है और देश के आजादी संग्राम में उनकी अहम भूमिका रही है। दिलचस्प बात यह भी है कि केंद्र में अकाली दल की भाईवाल भाजपा की सरकार है। अगर ऐसे मौके पर केंद्र पंजाब सरकार की डिमांड को अनदेखा करेगा तो इससे लोगों में यही मैसेज जाएगा कि प्रधान मंत्री नरिंदर मोदी पंजाब सरकार खासकर अकाली दल को कोई खास अहमीयत नहीं दे रहा है। यह आने वाला समय ही बताएगा कि केंद्र एयरपोर्ट का नाम बदलेगी या फिर चंडीगढ़ एयरपोर्ट के रूप में ही इसका नाम चलता रहेगा।