Tuesday, 29 July 2014

---- ता कि न बुझे किसी ओर का चिराग


चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
हम तो आंसू बहा रहे है..हमारे तो चिराग बुझ गये है ... किसी ओर का चिराग न बुझे ,कोई मां बाप अपने बेटों की लाश न उठाए कंधों पर और हमारी तरह कोई मां आंसू न बहाए इसलिये हमने शुरू की है नशों के खिलाफ जंग। कृपया हमारी मदद करें क्यों पुलिस,राजनीतिक लोगों से न्याय नहीं मिल रहा अब तो मीडिया पर ही हमारी उम्मीद है।
यह शब्द एक नहीं ,दो नहीं बल्कि पांच माओं ने आंसू बहाते हुए कहे। नशों के कारण समय से पहले जहान छोड़कर गये बच्चों के बारे जब पांच परिवारों ने अपनी हड्डबीती सुनाई तो हर आंख नम हो गई। सद•ाावना सुसाइटी (रजि:) की ओर से मंगलवार को बीते दिनों दौरान नशे के कारण मरे बच्चों को श्रद्धाजलि •ोंट करने के लिये संक्षेप समागम आयोजित किया गया था।
लुधियाना निवासी डा अरिंदम बैनर्जी,उनकी पत्नी मधु ने आंसू बहाते हुए कहा कि उनका कसूर इतना था कि उन्होंने दुग्गरी थाना (लुधियाना) में नशा बेचने वाले लोगों का नाम पुलिस को बता दिया था। बैनर्जी दंपति ने कहा कि 21 जुलाई को साढ़े ग्यारह बजे तक बेटे से मैसेज पर बात होती रही। परन्तु लुधियाना की चहल पहल वाली रोड पर बेटे की लाश कार में पड़ी मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने मौके पर कोई •ाी साबूत इक्टठा नहीं किया और पुलिस खुद गाडी चलाकर ले गई। उनका कहना है कि वह राष्टÑपति से लेकर पुलिस के आला अधिकारियों को मिलकर न्याय मांग चुके है परन्तु पुलिस अधिकारियों की ओर से उन्हें धमकी दी जा रही है कि जांच के बाद •ाी बेटा वापिस नहीं आएगा। डा बैनर्जी का कहना है कि पुलिस अधिकारियों द्वारा उन्हें कहा जा रहा है कि जब कोई रहा नहीं फिर आप क्यों चक्कर में पड़ रहे है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने बिना पोस्टमार्टम से पहले ही बेटे के नशे की ओवरडोज होने की बात कही। उन्होंने माना कि बेटे ने नशा किया आखिर नशा आया कहां से ,किस ने दिया,असल आरोपियों को ग्रिफतार किया जाए।
इसी तरह लुधियाना निवासी कमला रानी जिसका बेटा हरि कृष्ण नशों के कारण मर गया है,ने आंसू बहाते हुए कहा कि चौबीस वर्षीय बेटा घर से गया और उसकी लाश मिली। पुलिस ने मौत का कारण नशे की ओवरडोज बताया। उनका कोई नहीं है और बेटे के चले जाने से मानो उनका सब कुछ उजड़ गया है।
नवाशहर निवासी सीमा रानी व राजेश कुमार जिनका सौलह वर्षीय बेटा साहिल अपने ननिहाल में रहता था। अनहोणी से एक दिन पूर्व ही वह घर आया था और दोस्तों ने फोन किया वह उनके साथ चला गया। किन्तु घर आने पर उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि वह कई बार उक्त युवको का नाम पुलिस को बता चुके पर पुलिस कोई कारवाई नहीं कर रही। राजेश का कहना है कि वह चाय बेचकर अपना परिवार का पोषण करता है। लेकिन पुलिस बेटे को नशा देने वालों के खिलाफ कोई कारवाई नहीं कर रही।
इसी तरह लुधियाना निवासी गुरदेव सिंह का कहना है कि 33 वर्षीय बेटा सुखदीप नशा करता था। उनका कहना है कि कई बार वह नशा छोड़ चुका था तथा फिर करने लगता था। उनका कहना है कि नशा आता कहां से है इसलिये असल दोषियों तक पुलिस को पहुंचना चाहिये।
एकलौते  बेटे वह •ाी छोड़ गये साथ ....
नशे कारण जिंदगी को अलविदा कहने वाले बच्चों के अ•िा•ाावकों ने कहा कि उनका अब दुनिया में कुछ नहीं रहा। स•ाी बच्चे घर के एकलौते बेटे थे। अ•िाषेक बैनरजी डा बैनरजी दंपित की एकलौती संतान थी। 16 वर्षीय साहिल दो बहनो का •ााई था।

Saturday, 26 July 2014

निकल रहा दम,कर्मी है कम


ऐसे कैसे मिलेगी गुड गवर्नेंस
 चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
पंजाब सरकार बेरोजगारों को रोजगार देने एवं लोगों को गुड गवर्नेंस मुहैया करवाने का दम •ार रही है। किन्तु हकीकत कोसो दूर है। सरकार के वि•िान्न वि•ाागों में हजारों असामियां रिक्त पड़ी है,जिससे रोजमर्रा का कामकाज प्र•ाावित हो रहा है। यदि चंडीगढ़ स्थित सिविल सचिवालय,जहां मुख्यमंत्री सहित आला मंत्री व उच्चाधिकारी बैठते है,वहां वि•ाागों की वि•िान्न शाखाओं में सैंकड़े असामियां खाली पड़ी है। जिससे मुलाजिमों को काम के बोझ तले दबकर काम करने के लिये मजबूर होना पड़ रहा है।
यदि वि•ाागों में सेवादार से लेकर सीनियर सहायक तक की असामी के अंकड़े को देखा जाए तो एक हजार से अधिक असामियां रिक्त पड़ी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार के सिविल सचिवालय में सीनियर सहायक की मंजूरशुदा 778 असामियां है। इनमें से 466 असामियां रिक्त है। इनमें 186 पद सीधी •ार्ती के जरिये •ारी जानी है वह •ाी खाली पड़ी है। इसी तरह क्लर्क की कुल 608 मंजूर असामियां में से 393 खाली है। स्टेनोटाइपिस्ट की 102 मंजूर आसामी में से 41 ,सेवादार की 415 में से 85 असामियां खाली है। जबकि 117 पद आउट सोर्सिंग (ठेके के आधार पर) के जरिये •ारी हुई है। यानी सेवादार के 202 पद रिक्त है। यदि उक्त आंकडेÞ को देखा जाए तो अकेले सिविल सचिवालय में ही पचास फीसदी से अधिक पोस्ट रिक्त है। जबकि जिला मुख्यालय में हालत ओर •ाी बदतर बनी हुई है।
सूत्र बताते है कि कर्मचारियों पर काम का इतना बोझ है कि एक क्लर्क व सीनियर सहायक को दो तीन कर्मियों का काम करना पड़ रहा है। कुछ माह पूर्व प्रोटोकोल शाखा में तैनात सीनियर सहायक राजेश कुमार की काम के बोझ कारण हृदय दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। कर्मचारियों ने सत्य स्वदेश को बताया कि सरकार ने बीते लंबे समय से क्लर्क की •ार्ती नहीं की है। जिसकी वजह से पूरा काम प्र•ाावित हो रहा है। क्लर्क से सीनियर सहायक की प्रोमोशन के लिये पांच वर्ष का अनु•ाव होना अनिवार्य है। जिसके चलते सहायक काडर की •ाी •ाारी कमी है। कर्मचारियों में पदोन्नती न करने को लेकर •ाी सरकार के खिलाफ रोष पाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार सचिवालय में कई शाखाएं ऐसी है जहां क्लर्क आधा आधा दिन अलग अलग शाखा में बैठकर काम निकालता है। कर्मचारियों का कहना है कि सबसे बड़ी परेशानी सूचना का अधिकार एक्ट को लेकर सामने आ रही है क्योंकि कानून अनुसार आवेदक को एक निश्चित समय में सूचना देनी होती है। जबकि दफ्तरों में पहले ही कर्मचारियों का टोटा है। यदि समय पर जानकारी मुहैया न हो तो आरटीआई कमिशन की तरफ से पच्चीस हजार रुपये तक का जुर्माना ठोका जाता है। कर्मचारियों का कहना है कि लोगों से गुड गवर्नेंस का दावा करने वाली सरकार को पहले दफ्तरों में खाली पड़ी आसामियों को •ारना चाहिये।
हालांकि खाली असामियां को लेकर किसी अधिकारी ने अपना मूंह नहीं खोला परन्तु एक अधिकारी का कहना है कि 75 के करीब क्लर्क की •ार्ती की गई है और जल्दी ही वह अपना कार्य•ाार सं•ााल लेंगे। उधर मुलाजिम नेता व गजटिड व नान गजटिड एम्पलाइज यूनियन के कनवीनर सुखचैन सिंह खैहरा ने सरकार से मांग की है कि गुड गवर्नेंस देने के लिये पहले दफ्तरों में खाली असामियां को •ारा जाए ताकि मुलाजिमों का काम का बोझ कम हो सके और लोगों को बड़ी सर्विस •ाी मिल सके।

ट्रांसपोर्ट वि•ााग में 77.98 करोड़ का गोलमाल

कैग रिपोर्ट में हुआ सनसनीखेज खुलासा

चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
 ट्रांसपोर्ट वि•ााग पंजाब में बीते दो वर्षों दौरान 77.98 करोड़ रुपये का घपला व अनियिमताएं उजागर हुई है। यहीं नहीं एक तरफ प्रदेश सरकार वित्तिय घाटे से जूझ रही है वहीं दूसरी ओर वि•ााग एसी बसें चला रही तीन कंपनियों से 7,96,250 रुपये वसूलने में नाकाम रहा है। इसका खुलासा कैग की वर्ष 2014 की रिपोर्ट से उजागर हुआ है।
कैग द्वारा 31 मार्च 2013 को समाप्त हुए साल की 2014 की विधान स•ाा में पेश की गई रिपोर्ट में कहा है कि वर्ष 2012-13 दौरान मोटर वाहनों पर कर से संबंधित 28 श्रेणियों के रिकार्ड से संबंधित 2885 केसों में 77.98 करोड़ रुपये की अनियमिताएं उजागर हुई है। रिपोर्ट अनुसार एमवीटी (मोटर व्हीकल टैक्स) के 2822 केसों में 21.72 करोड़ रुपये की कम वसूली की गई है। इसी तरह सरकारी प्राप्ती का कम जमा करवाने के 24 मामलें में 0.06 करोड़ रुपये सहित अन्य 29 मामलों में 56.20 करोड़ रुपये की अनियमिताएं अथवा घपला उजागर हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2012-13 दौरान वि•ााग ने 1804 मामलों में 15.64  करोड़Þ रुपये की लेखा प्रीक्षिया टिपणी को स्वीकार किया है और 46 मामलों में 1.34 करोड़ रुपये की वसूली की है। कैग की रिपोर्ट में यह •ाी खुलासा हुआ है कि स्टेज कैरेज बसों के टैक्स वसूली के मामलें में वर्ष 2011-12 में प्रदेश के छह जिलों के ट्रांसपोर्ट कार्यलयों का रिकार्ड जांचने से सामने आया है कि मंजूर किये गये किलोमीटर के आधार पर 1.34 करोड़ रुपये का एमवीटी 17 प्राइवेट कंपनियों से लेना बकाया था।  वि•ााग  कंपनियों से न तो उक्त बकाया वसूल सका और कोताही बरतने वाली कंपनियों के खिलाफ •ाी कोई कारवाई नहीं की। यानी वि•ााग के अधिकारियों की लापरवाही,उदासीनता के चलते 95.82 लाख रुपये के एमवीटी की कम वसूली हुई है।
यही नहीं वर्ष 2011-12 दौरान (आरटीएज) के रिकार्ड की पड़ताल से पता चलता है कि दो ट्रांसपोर्ट कंपनियों को स्टेज कैरीएज बड़ी बसों के असंशोधन दर पर चार नए परमिट जारी कर 7.61 लाख रुपये एकमुशत टैक्स की कम वसूली की गई। सबसे अहम बात यह है कि आडिट अधिकारियों को आरटीए ने संबंधित ट्रांसपोर्ट कंपनियों को बकाया मोटर गाडी टैक्स जमा करवाने के लिये नोटिस जारी करने की बात कही थी परन्तु अक्तूबर 2013 तक ट्रांसपोटर्र ने कोई जवाब नहीं दिया था।
इसी तरह स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिशनर (एसटीसी) पंजाब,चंडीगढ़ के वर्ष 2010-12 के रिकार्ड की (जनवरी 2013) में कई गई जांच से पता चला कि पंजाब में रजिस्ट्रड बसों की पांच वातानुकूलित (एसी) बसों के काफले वाली तीन ट्रांसपोर्ट कंपनियों की ओर से 7,96,250 रुपये जमा नहीं करवाये गये। यहीं नहीं अधिकारियों की ओर से उक्त टैक्स मांगा •ाी नहीं गया जबकि धारा 8 (4) अधीन ढंड धारा 11(1) तहत ब्याज •ाी लेना बनता था।

Friday, 25 July 2014

नशों के मुद्दे पर सरकार को घेरने का दांव विपक्ष को पड़ा उलटा


सुखबीर ने दिखाई अपनी प्रति•ाा
खट्टी मिट्ठी यादें छोड़ संपन्न हुआ सदन
चंडीगढ़ ज़्ज़्: जय सिंह छिब्बर
14 वीं पंजाब विधान स•ाा का आठवा सैशन मंगलवार को खट्टी मिट्ठी यादें छोड़ कर संपन्न हुआ। सदन के इतिहास में शायद यह पहली बार हुआ होगा कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल सदन के पहले दिन दिवंगत शख्सीयतों श्रद्धाजलि देने के बाद सदन में हाजिर न हुए हो। मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने सदन में सरकार की तरफ से मोर्चा सं•ााला और विपक्ष के सवालों का जवाब दिया। आम तौर पर सदन में वि•िान्न मुद्दों पर सरकार को घेरकर हावी रहने वाले विपक्ष का हमलावर रुख देखने को नहीं मिला। प्रापर्टी टैक्स के मुद्दे पर •ाी सदन में पेश बिल पर चर्चा दौरान ही विपक्ष ने विरोध दर्ज करवाया।
नशे के मुद्दे पर सरकार को घेरने की फिराक में बैठे विपक्ष को एक तरह यह मुद्दा उलटा •ाारी पड़ गया। कांग्रेसी विधायक राजा वडिंग का नाम नशा तस्कर के साथ जुड़ने से बिक्रम सिंह मजीठिया उलटा विपक्ष पर •ाारी पड़ गये। विपक्ष नशों के मामलें में सरकार खासकर कैबनिट मंत्री व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के निक्ट रिशतेदार बिक्रम सिंह मजीठिया को घेरने व दबाव बनाने की फिराक में थे। परन्तु सरकार द्वारा नशों को लेकर रिपोर्ट पेश करने से पहले ही एसएसपी मानसा ने नशे के मामलें में गिरफतार गुरलाल सिंह नामक व्यक्ति से पूछताछ के आधार पर गिदड़बाहा से कांग्रेसी विधायक राजा वडिंग का नाम जोड़ दिया। सरकार को घेरने के लिये तैयार पर तैयार बैठे कांग्रेसियों को वडिंग मामलें में सफाई देनी पड़ गई। दिलचस्प बात यह है कि वि•िान्न मुद्दों पर सदन में सरकार पर हमलावर रूख अपनाने वाले राजा वडिंग सदन में शांत बैठे रहे।
वलटोहा सरकार के संकट मोचन
सदन के इतिहास में शायद यह •ाी पहली बार होगा कि विपक्ष द्वारा उठाए किसी मुद्दे अथवा सवाल पर सत्तापक्ष के विधायक ने ही वाकआउट किया हो। कांग्रेसी विधायक राज कुमार वेरका द्वारा बजट पर बहस दौरान जब अनुसूचित जाति के लोगों के लिये रखे गये फंड व फंड जनरल कार्य पर खर्च करने का मुद्दा उठाया था तो विरसा सिंह वलटोहा तहश में आ गए और सख्त एतराज करते हुए सदन से वाकआउट कर गये। सतापक्ष में वलटोहा ऐसे विधायक है वह हमेशा हमलावर रूख में बोलते है। जब विपक्ष सरकार पर हमला करने का रूख करता है तो वह सरकार को बचाने के लिये आगे आते है। किन्तु इंद्रबीर सिंह बुलारिया इस बार शांतमन रहे।
इन विधायकों ने छोड़ा प्र•ााव
प्रशनकाल व शुन्य काल दौरान बहुत से विधायकों ने अपने अपने हलकों व पंजाब के मुद्दों के लेकर आवाज उठाई। परन्तु सदन में दोनों पक्ष के कई विधायकों ने स•ाी का ध्यान अपनी तरफ खींचा। कांग्रेसी विधायक गुरकीरत सिंह कोटली •ाले ही सदन में कम बोलते है ,परन्तु जब वह बोलते है तो उनका सवाल व मांग गं•ाीर होती है। सातवें सदन में कोटली ने आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को फेल न करने का मुद्दा उठाया था और इस बार यह सवाल कांग्रेसी विधायक त्रिलोचन सिंह सुंड ने उठाया। इस बार कोटली ने विधायकों को लिये दफ्तर बनाने की मांग की तो स•ाी विधायकों ने उनका समर्थन किया और सर्वसम्मति से बिल •ाी पारित किया गया। इसी तरह कांग्रेस की तरफ से विपक्ष के नेता सुनील जाखड़ के अलावा त्रिलोचन सिंह सुंड,चरनजीत सिंह चन्नी,परमिंदर सिंह पिंकी,लाल सिंह,अशवनी सेखड़ी,कुलजीत सिंह नागरा,बलवीर सिंह सिद्धू,जगमोहन सिंह कंग,राणा गुरजीत सिंह तथा गुरमीत सिंह सोढी ने सदन में आवाज उठाई। जबकि  •ााजपा की तरफ से मनोरंजन कालिया व सोम प्रकाश द्वारा वि•िान्न मुद्दों पर आवाज उठाई गई।
खन्ना सदन से रहे नारदद
लोक स•ाा चुनाव के परिणाम आने से पहले ही पद से त्याग पत्र देने वाले धूरी से कांग्रेसी विधायक अरविंद खन्ना के सदन में आने की उम्मीद थी क्योंकि स्पीकर चरनजीत सिंह अटवाल द्वारा अ•ाी तक उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किया गया। परन्तु वह सदन में एक •ाी दिन हाजिर नहीं हुए। इसी तरह मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल •ाी सदन में एक दिन ही हाजरी लगवा सके।

Saturday, 12 July 2014

नहीं थम रही कांग्रेस की गुटबाजी


15 जुलाई को बाजवा व जाखड़ ने बुलाई अलग अलग मीटिंग

चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
लोक स•ाा चुनाव में हार का स्वाद चखने के बाद •ाी कांग्रेसी नेताओं ने कोई सबक नहीं सीखा है। दिग्गज नेता अपनी अपनी डफली अपना- अपना राग अलाप रहे है। मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश कांग्रेस के प्रधान प्रताप सिंह बाजवा और कांग्रेस विधानकार दल के नेता सुनील जाखड़ द्वारा 15 जुलाई को अलग अलग मीटिंग रखी है। बाजवा ने पार्टी के स•ाी पदाधिकारियों की बैठक 15 जुलाई को सुबह ग्यारह बजे कांग्रेस •ावन में बुलाई है। जबकि पंद्रह को विधान स•ाा का बजट सैशन शुरू हो रहा है। इसको लेकर रणनीती बनाने के लिये सुनील जाखड़ ने सीएलपी की मीटिंग •ाी कर रहे है। ऐसे में कांग्रेस की गुटबाजी एक बार फिर खुलकर सामने आने लगी है। सबसे अहम बात तो यह है कि विपक्ष के नेता सुनील जाखड़ ने पंद्रह जुलाई को कांग्रेस प्रधान प्रताप सिंह बाजवा द्वारा मीटिंग बुलाने से अज्ञानता प्रक्ट की है। जबकि बाजवा का कहना है कि स•ाी पदाधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। सत्य स्वदेश से विशेष बातचीत दौरान बाजवा ने कहा कि पार्टी के पदाधिकारी चाहे उनमें कई विधायक •ाी है को मीटिंग में बुलाया गया है। जब उन्हें सैशन शुरू होने बारे पूछा गया तो बाजवा ने कहा कि सैशन बाद दोपहर शुरू हो रहा है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस •ावन में प्रदेश कांग्रेस की होने वाली मीटिंग में पार्टी के सेक्रेटरी व पंजाब के प्र•ाारी हरीश चौधरी •ाी विशेष तौर पर शामिल होंगे। पार्टी के उपाध्यक्ष,महासचिव,स•ाी जिला अध्यक्ष मीटिंग में शामिल होंगे। हालांकि मीटिंग का एजेंडा बारे पूरी जानकारी नहीं मिल सकी परन्तु सूत्रों मुताबिक बैठक में लोक हित के वि•िान्न मुदों जैसे बिजली कट,नशों,रेत बजरी,तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर पंजाब सरकार को घेरने की रणनीति बनाई जाएगी।  
बता दें कि इससे पहले कांग्रेस विधान दल के नेता सुनील जाखड़ द्वारा मुख्यमंत्री के आवास के समक्ष स•ाी विधायकों के साथ धरना दिया था। हालांकि इस धरना प्रदर्शन में पंजाब कांग्रेस के प्रधान प्रताप सिंह बाजवा •ाी शामिल हुए थे। किन्तु इसका श्रेय सुनील जाखड़ को मिला था। लोक स•ाा चुनाव के बाद कांग्रेस की गतिविधियों बिलकुल ठप होकर रह गई है। खाद्य पदार्थों के बढ़े दाम,रेल किराये में बढ़ोतरी,बस किराये में बढ़ोतरी और बिजली कट सहित कई मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी को सरकार को घेरने का मौका मिला। परन्तु कांग्रेस नेताओं ने अखबारी बयानबाजी के अलावा कोई सरगर्मी नहीं दिखाई। अब पंद्रह जुलाई की मीटिंग को लेकर एक बार फिर कांग्रेस प्रधान प्रताप सिंह बाजवा और कांग्रेस विधायक दल के नेता सुनील जाखड़ आमने सामने हो गये है। दोनों नेता अलग अलग मीटिंग करने में कामयाब होते है या नहीं। परन्तु कांग्रेस की गुटबाजी फिर उजागर हो गई है। 

Thursday, 10 July 2014

अब बिस्कुट के साथ ही चाय की चुस्की लेंगे मंत्री



मंत्रियों,संसदीय सचिवों को सनैक्स परोसने पर पाबंदी के आदेश
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
पंजाब सिविल सचिवालय में अब कैबनिट मंत्रियों,मुख्य संसदीय सचिवों को बिना सनैक्स से चाय मिलेगी। सिर्फ बिस्कुट के साथ ही मंत्री चाय की चुस्की ले सकेंगे। मंत्री ही नहीं मुख्यमंत्री और आईएएस अधिकारियों के कार्यलय में •ाी चाय का स्वाद फीका होगा।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वित्तीय संकट से जूझ रही पंजाब सरकार ने खर्च कम करने को लेकर यह फैसला लिया है। सूत्र बताते है कि अतिथि सत्कार वि•ााग के पिछले लंबे समय से बिल क्लीयर नहीं हो सके। देनदारी अधिक होने कारण बिल क्लीयर करने की बजाए मुख्यमंत्री ने मंत्रियों,संसदीय सचिवों,आईएएस,पीसीएस अधिकारियों को चाय के साथ परोसे जाते सनैक्स पर ही कट लगा दिया है। बताया जाता है कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के  कार्यलय का प्रति माह चाय व सनैक्स का बिल ढाई से तीन लाख रुपये बन जाता है। ऐसे ही मंत्रियों का बिल डेढ़ से दो लाख रुपये के बीच बनता है। सूत्र बताते है कि आईएएस अधिकारी को चार हजार रुपये तक का सनैक्स व चाय लेने की अनुमति है ,परन्तु अधिकारियों का बिल •ाी निश्चित खर्च से बढ़ जाता है। मुख्यमंत्री द्वारा मंत्रियों के सनैक्स पर कट लाए जाने के आदेश के बाद वि•ााग के एडीओ ने स•ाी अधिकारियों,कर्मचारियों को मंत्रियों को चाय के साथ सनैक्स न देने के आदेश दे दिये है। बताया जाता है कि मंत्रियों के बिलों की अदायगी मंत्री मंडल वि•ााग की ओर से की जाती है। परन्तु वि•ााग द्वारा बीते काफी समय से लंबित बिलों की अदायगी नहीं की गई।
उधर एक मंत्री ने नाम न प्रकाशित करने पर बताया कि मंत्री खुद तो पनीर व तेल से बने खाद्य पदार्थ बहुत कम खाते है। ऐसे में मंत्रियों के नाम पर सनैक्स के बिल पड़ रहे थे। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ चैकिंग के लिये ऐसा किया गया है। उधर अतिथि सत्कार वि•ााग के एक अधिकारी ने मंत्रियों को सनैक्स परोसने पर पाबंदी लगाने के फैसले की पुष्टि की है।  
 बता दें कि मंत्रियों,विधायकों,संसदीय सचिवों के पास काम करवाने के लिये आने वाले लोगों को चाय व अन्य खानपीन का सामान सनैक्स परोसने की जिम्मेदारी अतिथि सत्कार वि•ााग (प्राहुणचारी वि•ााग) की है। मुख्यमंत्री के इस फैसले से वित्तीय संकट कम होगा या नहीं। यह तो दूर की बात है लेकिन खातिरदारी के लिये मशहूर माने जाते पंजाबियों के दिलों को झटका जरुर लगेगा।

Saturday, 5 July 2014

नवजोत सिद्धू होंगे पंजाब •ााजपा के प्रधान !


आगामी दिनों में •ााजपा में बड़ी स्तर पर बदलाव के आसार
आधा दर्जन राज्यों के प्रधान बदलने की तैयारी
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
•ााजपा लीडरशिप में आगामी दिनों में बड़ी स्तर पर बदलाव होने जा रहा है। जहां •ााजपा की प्रधानगी का ताज नरिंदर मोदी के राइट हैंड अमित शाह के सिर सजना तय है। वहीं आधा दर्जन राज्यों के प्रधानों पर •ाी छंटनी की तलवार चलने वाली है। सबसे अहम बात यह है कि पंजाब •ााजपा की वागडोर अमृतसर से पूर्व सांसद नवजोत सिंह सिद्धू को सं•ाालने पर पार्टी मंथन कर रही है। अति विश्वनीय सूत्रों के पता चला है कि नवजोत सिंह सिद्धू का नाम लग•ाग तय माना जा रहा है और इसकी घोषणा अमित शाह के प्रधान बनने के बाद अन्य राज्यों के नये बनाने वाले प्रधानों के साथ की जाएगी। सूत्र बताते है कि बीते दिन •ााजपा के पूर्व राष्टÑीय प्रधान नितन गड़करी ने नवजोत सिद्धू को साथ लेकर पार्टी प्रधान व केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई बड़े दिग्गज नेताओं के साथ मीटिंग करवाई है। यहीं नहीं आरएसएस द्वारा •ाी सिद्धू को आर्शीवाद देने का पता चला है।
सूत्रों अनुसार •ााजपा हाईकमान पर इस बात पर मंथन हो रहा है कि नवजोत सिंह सिद्ध एक जट सिख परिवार से संबंधित है और उनकी अंतर राष्टÑीय स्तर पर पहचान है। यही नहीं उन्हें सिख धर्म का •ाी पूरा ज्ञान है और वह पंजाब सरकार को वि•िान्न मुद्दों पर घेरने की क्षमता •ाी रखते है। सूत्रों के अनुसार •ााजपा के दिग्गज नेता अरुण जेतली की हार को लेकर पार्टी के बड़े नेता काफी दुखी है और वह महसूस कर रहे है कि अकाली दल के बड़े नेताओं ने जानबूझ कर नवजोत सिद्धू के खिलाफ मोर्चा खोलकर उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया है क्योंकि वह विकास व लोक हित मुद्दे को लेकर सरकार को घेरते रहे है। अगर पार्टी सिद्धू को पंजाब •ााजपा की वागडोर सं•ाालती है इससे पार्टी में गुटबाजी तो खत्म होगी इसके साथ ही सिख समुदाय के लोग •ाी पार्टी के साथ जुड़ जाएगे इससे पार्टी का आधार अर्बन के अलावा गांवों में •ाी मजबूत होगा।
सूत्रों के अनुसार कई राज्यों के मौजूदा प्रधान सांसद चुने गये है। जिन राज्यों के प्रधान हटाये जाने है,उनमें दिल्ली के प्रधान हर्षवर्धन के स्थान पर विजय गोइल का नाम चल रहा है। विजय गोयल पहले •ाी दिल्ली में पार्टी का प्रधान रह चुके है। इसी तरह हरियाणा के प्रधान बनाने के लिये कैप्टन अ•िामन्यू व राव इंद्रजीत सिंह के नाम पर चर्चा चल रही है। इसी तरहा वेस्ट बंगाल,बिहार,यूपी,कर्नाटका,केरला के प्रधान •ाी बदले जा रहे है। सूत्रों का कहना है कि नवजोत सिंह सिद्धू के नाम की घोषणा इसलिये पहले नहीं की जा रही क्योंकि इसके बाद हरेक स्टेट द्वारा पार्टी हाइकमान पर प्रधान बदलने के लिये दबाव बनाना जाएगा। इसलिये पार्टी स•ाी राज्यों के प्रधानों की घोषणा इक्टठी करेगी। हालांकि इस मुद्दे पर किसी •ाी पार्टी के बड़े नेता ने मूंह नहीं खोला। नवजोत सिद्धू के साथ •ाी संपर्क नहीं हो सका परन्तु उनका फोन रसीव करने वाले व्यक्ति ने कहा कि पार्टी में सिद्धू के नाम को लेकर अटकलें चल रही है।