चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
हम तो आंसू बहा रहे है..हमारे तो चिराग बुझ गये है ... किसी ओर का चिराग न बुझे ,कोई मां बाप अपने बेटों की लाश न उठाए कंधों पर और हमारी तरह कोई मां आंसू न बहाए इसलिये हमने शुरू की है नशों के खिलाफ जंग। कृपया हमारी मदद करें क्यों पुलिस,राजनीतिक लोगों से न्याय नहीं मिल रहा अब तो मीडिया पर ही हमारी उम्मीद है।
यह शब्द एक नहीं ,दो नहीं बल्कि पांच माओं ने आंसू बहाते हुए कहे। नशों के कारण समय से पहले जहान छोड़कर गये बच्चों के बारे जब पांच परिवारों ने अपनी हड्डबीती सुनाई तो हर आंख नम हो गई। सद•ाावना सुसाइटी (रजि:) की ओर से मंगलवार को बीते दिनों दौरान नशे के कारण मरे बच्चों को श्रद्धाजलि •ोंट करने के लिये संक्षेप समागम आयोजित किया गया था।
लुधियाना निवासी डा अरिंदम बैनर्जी,उनकी पत्नी मधु ने आंसू बहाते हुए कहा कि उनका कसूर इतना था कि उन्होंने दुग्गरी थाना (लुधियाना) में नशा बेचने वाले लोगों का नाम पुलिस को बता दिया था। बैनर्जी दंपति ने कहा कि 21 जुलाई को साढ़े ग्यारह बजे तक बेटे से मैसेज पर बात होती रही। परन्तु लुधियाना की चहल पहल वाली रोड पर बेटे की लाश कार में पड़ी मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने मौके पर कोई •ाी साबूत इक्टठा नहीं किया और पुलिस खुद गाडी चलाकर ले गई। उनका कहना है कि वह राष्टÑपति से लेकर पुलिस के आला अधिकारियों को मिलकर न्याय मांग चुके है परन्तु पुलिस अधिकारियों की ओर से उन्हें धमकी दी जा रही है कि जांच के बाद •ाी बेटा वापिस नहीं आएगा। डा बैनर्जी का कहना है कि पुलिस अधिकारियों द्वारा उन्हें कहा जा रहा है कि जब कोई रहा नहीं फिर आप क्यों चक्कर में पड़ रहे है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने बिना पोस्टमार्टम से पहले ही बेटे के नशे की ओवरडोज होने की बात कही। उन्होंने माना कि बेटे ने नशा किया आखिर नशा आया कहां से ,किस ने दिया,असल आरोपियों को ग्रिफतार किया जाए।
इसी तरह लुधियाना निवासी कमला रानी जिसका बेटा हरि कृष्ण नशों के कारण मर गया है,ने आंसू बहाते हुए कहा कि चौबीस वर्षीय बेटा घर से गया और उसकी लाश मिली। पुलिस ने मौत का कारण नशे की ओवरडोज बताया। उनका कोई नहीं है और बेटे के चले जाने से मानो उनका सब कुछ उजड़ गया है।
नवाशहर निवासी सीमा रानी व राजेश कुमार जिनका सौलह वर्षीय बेटा साहिल अपने ननिहाल में रहता था। अनहोणी से एक दिन पूर्व ही वह घर आया था और दोस्तों ने फोन किया वह उनके साथ चला गया। किन्तु घर आने पर उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि वह कई बार उक्त युवको का नाम पुलिस को बता चुके पर पुलिस कोई कारवाई नहीं कर रही। राजेश का कहना है कि वह चाय बेचकर अपना परिवार का पोषण करता है। लेकिन पुलिस बेटे को नशा देने वालों के खिलाफ कोई कारवाई नहीं कर रही।
इसी तरह लुधियाना निवासी गुरदेव सिंह का कहना है कि 33 वर्षीय बेटा सुखदीप नशा करता था। उनका कहना है कि कई बार वह नशा छोड़ चुका था तथा फिर करने लगता था। उनका कहना है कि नशा आता कहां से है इसलिये असल दोषियों तक पुलिस को पहुंचना चाहिये।
एकलौते बेटे वह •ाी छोड़ गये साथ ....
नशे कारण जिंदगी को अलविदा कहने वाले बच्चों के अ•िा•ाावकों ने कहा कि उनका अब दुनिया में कुछ नहीं रहा। स•ाी बच्चे घर के एकलौते बेटे थे। अ•िाषेक बैनरजी डा बैनरजी दंपित की एकलौती संतान थी। 16 वर्षीय साहिल दो बहनो का •ााई था।
No comments:
Post a Comment