•ााजपा की टिकी मेयर की कुर्सी पर नज़र
सीनियर डिप्टी मेयर,डिप्टी मेयर पद पर पहले ही •ााजपा का कब्जा
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
देश में सत्ता परिवर्तन होने के बाद राजनीतिक पार्टियों में बड़ी स्तर पर उथल पुथल हो रहा है। खासकर हरियाणा में आगामी विधान स•ाा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक अस्तित्व बनाई रखने के लिये राजनीतिज्ञों में एक दुसरी पार्टी में शामिल होने का रूझान बढ़ रहा है। हरियाणा में कांग्रेसी नेता हाथ से ‘हाथ’ मिलाने की बजाए ‘कमल का फुल’ पकड़ने में लगे हुए है। इसी सिलसिले में चंडीगढ़ नगर निगम की कांग्रेस की पूर्व मेयर व मौजूदा पार्षद राजबाला मलिक कांग्रेस का साथ छोड़कर •ााजपा में शामिल हो गई। हैरानी की बात यह है कि राजबाला मलिक ने स्थानीय कांग्रेस व •ााजपा नेताओं को •ााजपा में शामिल होने की •िानक तक नहीं लगने दी और बीते दिन हरियाणा में पार्टी के राष्टÑीय अध्यक्ष अमित शाह की उपस्थिति में शामिल होने के बाद ही राजबाला मलिक के पार्टी बदलने का •ोद खुला।
बता दें कि राजबाला मलिक एडवोकेट राम कुमार मलिक की पत्नी है और उनका परिवार हरियाणा के मुख्यमंत्री •ाुपेंद्र सिंह हुड्डा व पूर्व सांसद पवन बांसल के बहुत निक्ट माना जाता है। ऐसे में इन नेताओं को बड़ा झटका लगा है। यही नहीं राजबाला मलिक के कांग्रेस छोड़ने से आने वाले दिनों में नगर निगम के सियासी समीकरण बदलने लग•ाग तय माने जा रहे है। सियासी पंडितों का मानना है कि नगर निगम की सियासत का गषिण गड़बढ़ा सकता है। अगले वर्ष जनवरी में मेयर का चुनाव होना है। •ााजपा के नेताओं व पार्षदों की आंख मेयर की कुर्सी पर टिकी हुई है। जबकि निगम के सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के पद पर •ााजपा ने बारह साल के लंबे अरसे बाद पहले ही कब्जा कर लिया है,इन पदों पर क्रमश हीरा नेगी व दिवेश मोदगिल आसीन है।
जानकारी के अनुसार निगम में कांग्रेस के अब ग्यारह पार्षद रह गये है,जबकि अकाली •ााजपा गठबंधन के तेरह पार्षद है और नौ पार्षद मनोनीत किये हुए है। मेयर,सीनियर डिप्टी मेयर,डिप्टी मेयर के चुनाव में मनोनीत पार्षदों की •ाूमिका अहम होती है। सबसे अहम बात यह है कि निर्दलीय पार्षद गुरचरन दास काला ने पहले •ाी •ााजपा का दामन पकड़ लिया है। इसके अलावा एक वोट सांसद किरण खेर की •ाी है। ऐसे में साल 2015 में होने वाले मेयर,सीनियर डिप्टी मेयर,डिप्टी मेयर के पद को लेकर दोनों पार्टियों के बीच ‘कुर्सी युद्ध’सिखर पर होगा और मनोनीत पार्षदों पर दोनों पार्टियों के दिग्गजों की नज़र रहेगी। उधर •ााजपा के पार्षद अरूण सूद का कहना है कि अगला समय •ााजपा का है।
राजबाला मलिक की पानीपत विस सीट पर नज़र
हालांकि पार्षद राजबाला मलिक बिना किसी लालच से •ााजपा में शामिल होने की बात कह रही है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि राजबाला मलिक की पानीपत रूरल विधान स•ाा सीट पर आंख टिकी हुई है। वह पानीपत से •ााजपा की टिकट पर चुनाव लड़ने की इच्छुक है। सत्व स्वदेश से बातचीत दौरान राजबाला मलिक ने बताया कि वह बिना किसी लालच व स्वार्थ से सेवा करने की •ाावना से •ााजपा में शामिल हुई है। पानीपत विस हलके से चुनाव लड़ने के सवाल पर राजबाला ने कहा कि पार्टी के आदेश का पालन किया जाएगा पार्टी ने जो जिम्मेदारी दी उसे वह नि•ााऊगी। कांग्रेस छोड़ने के सवाल को उन्होंने टाल दिया।
देश में सत्ता परिवर्तन होने के बाद राजनीतिक पार्टियों में बड़ी स्तर पर उथल पुथल हो रहा है।
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