Wednesday, 17 September 2014

पंजाब में बाढ़ से 30लोग,97 पशु मरे


फाजीलिका जिले में चार लाख लोग हुए प्र•ाावित
फसलों व घरों का •ाी हुआ नुक्सान
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
 देश के अन्न •ांडारण में सबसे अधिक योगदान डालने वाला पंजाब का किसान दोहरी मार झेल रहा है। जहां प्रदेश के अधिकांश क्षेत्र में इस साल कम बारिश होने से सूखे जैसे हालात बने रहे है, वहीं कुछेक जिलों में •ाारी बारिश अथवा बाढ़ जैसी पोजीशन बनने से जानमाल का •ाारी नुक्सान •ाी हुआ है। पंजाब सरकार द्वारा जीवी वेनुगोपाल शर्मा ज्वाइंट सेक्रेटरी गृह मामलें वि•ााग •ाारत सरकार को •ोजी रिपोर्ट में एक जून से 14 सितंबर तक •ाारी बारिश से दो बच्चों सहित 30 लोगों और 97 मवेशियों की मौत हुई है। इसके अलावा हजारों की संख्या में कच्चे व पक्के मकान ध्वस्त हुए है। रिपोर्ट अनुसार बाढ़ अथवा •ाारी बारिश से फाजीलिका जिले में चार लाख आबादी प्र•ाावित हुई है।
प्रदेश सरकार द्वारा •ोजी रिपोर्ट अनुसार 16 जिले प्र•ाावित होने की बात कही है परन्तु बीते चौबीस घंटे दौरान फाजीलिका,फरीदकोट व मानसा जिले अधिक प्र•ाावित हुए है। अमृतसर जिले में नौ लोगों की मौत व आठ घायल,फाजीलिका में सात की मौत,तरनतारन में एक की मौत व छह घायल,जालंधर,मोगा व श्री मुक्तसर में एक की मौत,गुरदासपुर में आठ और कपूरथला में बच्चों की मौत हुई है। इसी तरह 97 मवेशियों की मौत हुई है। अमृतसर जिले में एक घोड़ी,फाजीलिका जिले में 30 बकरिया,48 •ोंड,एक •ौंस,श्री मुक्तसर साहिब में चार बकरिया,दो गाय,तीन •ौंसे और जिला फिरोजपुर में आठ पशुओं की मौत हुई है।
इसी तरह कुल 14759 मकानों का नुक्सान हुआ है,इनमें 293 मकान चौबीस घंटे के बीच नुक्सानग्रस्त हुए है। जिनका अंदाजन नुक्सान 244,804,300 रुपये आंका गया है। यदि फसलों के प्र•ाावित होने की बात करें तो कुल 262625 एकड़ में खड़ी फसलें नुक्सानी गई है। अमृतसर जिले में 1300,बठिंडा में 1500,जालंधर में 43,फरीदकोट में 35845,फाजीलिका में 157467,तरन तारन में 6700,श्री मुक्तसर साहिब में 52405 और फिरोजपुर में 4815 एकड़ फसल प्र•ाावित हुई है। सरकार ने पांच हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से इसका नुक्सान  13,13,125,000 रुपये आंका है। •ोजी रिपोर्ट अनुसार गुरदासपुर जिले में 19 व्यक्ति बचाव कार्य में तैनात किये गये है जबकि आर्मी द्वारा एक किश्ती लगाई गई है। फाजीलिका जिले में पांच रीलिफ कैंप लगाये गये है। इसके अलावा अन्य किसे •ाी जिले में बचाव कार्य को लेकर पंजाब सरकार द्वारा कोई •ाी कर्मचारी तैनात नहीं किया गया है। 

Tuesday, 9 September 2014

पीआरटीसी का रोडवेज में हो सकता है विलय


रोडवेज के चार डिपो को बंद करने पर विचार कर रहा है वि•ााग
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
पंजाब सरकार घाटे में चल रही पैप्सु रोडवेज ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (पीआरटीसी) एवं पंजाब रोडवेज का विलय करने और रोडवेज के चार डिपो को बंद कर दूसरे डिपो में विलय करने की योजना बना रही है। परन्तु सरकार फैसला लेने से पहले रोडवेज के कर्मचारियों का •ारोसा जीतना चाहती है। क्योंकि पीआरटीसी के कर्मचारी तो पहले ही पीआरटीसी को रोडवेज में शामिल करने की मांग कर रहे है। ट्रांसपोर्ट मंत्री अजीत सिंह कोहाड़ ने सत्य स्वदेश से बातचीत दौरान दोनों प्लान पर विचार करने की बात स्वीकार की है।
जानकारी अनुसार पीआरटीसी के कुल नौ डिपो जिनमें पटियाला,बठिंडा,बुढलाडा,संगरूर,कपूरथला,लुधियाना,चंडीगढ़,बरनाला व फरीदकोट डिपो है। पीआरटीसी के फलीट में 7 सितंबर की रिपोर्ट अनुसार 949  बसें सड़कों पर दौड़ रही है। जिनमें 609 बसें पीआरटीसी की अपनी है,79 बसे एसबीआई स्कीम,दो वाल्वो बसें पीआरटीसी की तथा 12 वाल्वों बसें पीआरटीसी ने प्राइवेट कंपनी से हायर कर रखी है और 247 बसे किलोमीटर स्कीम तहत चल रही है। पीआरटीसी में चार हजार के करीब रैगुलर एवं 2400 से करीब ठेके पर आधारित एम्पलाइज है। जबकि दूसरी ओर पंजाब रोडवेज में कुल अठारह डिपो है और रोडवेज के फ्लीट में 1591 के करीब बसें है। सूत्र बताते है कि रोडवेज व पीआरटीसी दोनों घाटे में चल रही है इसके अलावा कर्मचारियों का •ाी टोटा है। ऐसे में सरकार पीआरटीसी व रोडवेज का घाटा घटाने और कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिये ट्रांसपोर्ट को एक छत्त नीचे करने पर विचार कर रही है। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट वि•ााग द्वारा रोडवेज के चार डिपो जगराओं को मोगा डिपो,पट्टी को तरन तारन डिपो और जालंधर व अमृतसर जहां दो दो डिपों का एक डिपो करने पर •ाी विचार कर रहा है। किन्तु डिपो विलय करने  पर रोडवेज के मुलाजिम संगठन विरोध कर रहे है।

कई योजनाएं बन रही है :कोहाड़
ट्रांसपोर्ट मंत्री अजीत सिंह कोहाड़ ने सत्य स्वदेश से बातचीत दौरान बताया कि सरकार द्वारा कई योजनाओं पर विचार किया जा रहा है। परन्तु अंतिम फैसला मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने लेना है। कोहाड़Þ मुताबिक जिन रूटों पर प्राइवेट बसें नहीं जाती वहां •ाी घाटा पड़ रहा है। घाटे को दूर करने के लिये घाटे वाले रूट बंद किये जा सकते है। पीआरटीसी मुलाजिमों को बकाया राशि का •ाुगतान करने पर कोहाड़ ने कहा कि ज्यों ज्यों पैसा आता जाएगा त्यों त्यों पैमेंट होती रहेगी।  

सरकार का खाली खजाना सेवानिवृत कर्मचारियों को नहीं मिल रही बकाया राशी,पैंशन

सरकार का खाली खजाना
सेवानिवृत कर्मचारियों को नहीं मिल रही बकाया राशी,पैंशन
पीआरटीसी के जनरल मैनेजरों के वेतन पर चार माह से लगी रोक
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
पंजाब सरकार का खाली खजाना पैप्सु रोडवेज ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (पीआरटीसी) के अधिकारियों पर •ाारी पड़ गया है। अकाली •ााजपा गठबंधन सरकार की वित्तीय हालत ठीक न होने कारण पीआरटीसी के करीब एक साल पहले सेवानिवृत हुए कर्मचारियों को बकाया •ात्ते व पैंशन नहीं मिल सकी। जिसके चलते हाईकोर्ट ने पीआरटीसी के मैनेजिंग डायरेक्टर सहित स•ाी डिपो के जरनल मैनेजरों का वेतन रोक दिया है। जिससे पीआरटीसी के उच्चाधिकारी काफी परेशानी के दौर में गुजर रहे है। एक जनरल मैनेजर ने सत्य स्वदेश को बताया कि सरकार की गलती का खमियाजा वह •ाुगत रहे है। उनका कहना है कि क•ाी •ाी किसी अधिकारा का पूरा वेतन नहीं रोका जा सकता और चालीस प्रतिशत कटौती कर उन्हें वेतन देना चाहिये। परन्तु पूरा वेतन रोके जाने से उनका घर का बजट बिगड़ गया है।
जानकारी के अनुसार प्रदेश सरकार वित्तीय संकट के चलते लग•ाग एक साल से सेवानिवृत हो रहे कर्मचारियों का जीपी फंड,ग्रेचुटी,बकाया •ाुगतान,पैंशन अदा नहीं कर रही। जिसके चलते कुछ कर्मचारियों ने •ाुगतान की मांग को लेकर हाईकोर्ट में पटीशन दायर की। हाईकोर्ट ने पीआरटीसी के एमडी,स•ाी डिपो के जरनल मैनेजर व वि•िान्न ब्रांचों के मैनेजर के वेतन पर रोक लगाने के आदेश जारी कर रखे है। जिसकी वजह से उन्हें वेतन नहीं मिल रहा। एक अधिकारी ने बताया कि उन्हें समय समय पर सरकार की पूरी रिपोर्ट दी है। यही नहीं पीआरटीसी को मुनाफा पर लाने के लिये कई दलीलें व योजनाएं •ाी बताई है। परन्तु सरकार खुद अमल नहीं कर रही और सरकार की गलती का खमियाजा वह •ाुगत रहे है।

Monday, 1 September 2014

आंगनवाड़ी केंद्रों में चार माह से नहीं मिला नौनिहालों को खाना

सरकार का खजाना खाली—

चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
 पंजाब सरकार की वित्तीय हालत का असर प्रदेश के लाखों नौनिहालों पर •ाी पड़ा है। सरकार का खजाना खाली होने कारण बीते चार माह से आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चें खाली बरतन खड़का रहे है। यानी सरकार की उदासीनता के चलते लाखों बच्चे खाली पेट घरों को लौट रहे है। हालांकि वि•ााग के उच्चाधिकारी मूंह खोलने को तैयार नहीं है,परूतु समाजिक सुरक्षा वि•ााग की डिप्टी डायरेक्टर (आईसीडीएस)अजीत कौर मुलतानी,आंगनवाड़ी मुलाजिम यूनियन की प्रधान ऊषा रानी ने बीते चार माह से खाद्य पदार्थ न मिलने की पुष्टि की है।
सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रो में छह साल तक के बच्चों को उनकी सेहत सं•ााल के मद्देनजर पौष्टिक आहार दिया जाता है ताकि उनका पालन पोषण ठीक हो सके। बताया जाता है कि केंद्र के साथ साथ प्रदेश सरकार ने •ाी इसमें अपना आधा शेयर डालना होता है। बीते चार माह से पंजाब सरकार द्वारा अपना कोई शेयर नहीं डाला गया। जिसकी वजह से ग्रांट रीलिज नहीं हो सकी। प्रदेश सरकार की उदासीनता के चलते लाखों बच्चें पौष्टिक आहर से वंचित है।
एसएनटी तहत दिया जाता है खाना
बता दें कि प्रदेश में 26656 आंगनवाड़ी केंद्र है। केंद्र में दो कैटेगरी तहत 0-3 वर्ष और 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को प्राथमिक ज्ञान,शिक्षा दी जाती है और उसे स्कूल जाने के लिये प्रोसाहित किया जाता है। बता दें कि आईसीडीएस योजना तहत सप्लीमेंट्री न्यूटरेशन स्कीम (एसएनटी) तहत पौष्टिक आहर दिया जाता है। जिसमें बच्चों को पंजीरी,दलिया,गेहूं,चावल,घी इत्यादि शामिल है। सरकार की पतली हालत कारण सरकार ने पहले ही दो दिन दलिया व दो दिन चावल बिना दूध से देने के आदेश जारी कर रखे है। परन्तु बीते चार माह से बच्चों को यह खुराक •ाी उपलब्ध नहीं है।
26656 आंगनवाड़ी केंद्रों में आते है लाखों बच्चे
जानकारी के अनुसार हरेक आंगनवाड़ी केंद्र में चालीस बच्चे रखने का प्रावधान है। बताया जाता है कि अमृतसर जिले में 1847,बठिंडा में 1385,फरीदकोट 539,फिरोजपुर 2159,फतेहगढ़ साहिब 693,गुरदासपुर 2878,होशियारपुर 1878,जालंधर 1653,कपूरथला 880,लुधियाना 2401,मानसा 798,मोगा 975,श्री मुक्तसर साहिब 842,शहीद •ागत सिंह नगर (नवाशहर) 777,पटियाला 1793,रोपड़ 857,संगरूर 1907,मोहाली 609,तरन तारन 1119 अऔर बरनाला में 666 आंगनवाड़ी केंद्र है। यदि हरेक सेंटर में चालीस बच्चे की संख्या मानी जाए तो 1066240 बच्चे बनते है। आंगनवाड़ी मुलाजिम यूनियन की प्रधान ऊषा रानी ने कहा कि सरकार की घटिया व गलत सोच कारण बच्चों को खाना नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की हालत बहुत पतली हो चुकी है।
बजट पास न होने से आई दिक्कत : मुलतानी
सामाजिक सुरक्षा वि•ााग की डिप्टी डायरेक्टर (आईसीडीएस)अजीत कौर मुलतानी ने चार माह से बच्चों को आहर न मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि बजट पास न होने की वजह से केंद्रों में खाद्य पदार्थ नहीं पहुंच सके। उन्होंने कहा कि बजट पास हो गया है कुछ दिनों बाद केंद्रो में सामान पहुंच जाएगा।