रोडवेज के चार डिपो को बंद करने पर विचार कर रहा है वि•ााग
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
पंजाब सरकार घाटे में चल रही पैप्सु रोडवेज ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (पीआरटीसी) एवं पंजाब रोडवेज का विलय करने और रोडवेज के चार डिपो को बंद कर दूसरे डिपो में विलय करने की योजना बना रही है। परन्तु सरकार फैसला लेने से पहले रोडवेज के कर्मचारियों का •ारोसा जीतना चाहती है। क्योंकि पीआरटीसी के कर्मचारी तो पहले ही पीआरटीसी को रोडवेज में शामिल करने की मांग कर रहे है। ट्रांसपोर्ट मंत्री अजीत सिंह कोहाड़ ने सत्य स्वदेश से बातचीत दौरान दोनों प्लान पर विचार करने की बात स्वीकार की है।
जानकारी अनुसार पीआरटीसी के कुल नौ डिपो जिनमें पटियाला,बठिंडा,बुढलाडा,संगरूर,कपूरथला,लुधियाना,चंडीगढ़,बरनाला व फरीदकोट डिपो है। पीआरटीसी के फलीट में 7 सितंबर की रिपोर्ट अनुसार 949 बसें सड़कों पर दौड़ रही है। जिनमें 609 बसें पीआरटीसी की अपनी है,79 बसे एसबीआई स्कीम,दो वाल्वो बसें पीआरटीसी की तथा 12 वाल्वों बसें पीआरटीसी ने प्राइवेट कंपनी से हायर कर रखी है और 247 बसे किलोमीटर स्कीम तहत चल रही है। पीआरटीसी में चार हजार के करीब रैगुलर एवं 2400 से करीब ठेके पर आधारित एम्पलाइज है। जबकि दूसरी ओर पंजाब रोडवेज में कुल अठारह डिपो है और रोडवेज के फ्लीट में 1591 के करीब बसें है। सूत्र बताते है कि रोडवेज व पीआरटीसी दोनों घाटे में चल रही है इसके अलावा कर्मचारियों का •ाी टोटा है। ऐसे में सरकार पीआरटीसी व रोडवेज का घाटा घटाने और कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिये ट्रांसपोर्ट को एक छत्त नीचे करने पर विचार कर रही है। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट वि•ााग द्वारा रोडवेज के चार डिपो जगराओं को मोगा डिपो,पट्टी को तरन तारन डिपो और जालंधर व अमृतसर जहां दो दो डिपों का एक डिपो करने पर •ाी विचार कर रहा है। किन्तु डिपो विलय करने पर रोडवेज के मुलाजिम संगठन विरोध कर रहे है।
कई योजनाएं बन रही है :कोहाड़
ट्रांसपोर्ट मंत्री अजीत सिंह कोहाड़ ने सत्य स्वदेश से बातचीत दौरान बताया कि सरकार द्वारा कई योजनाओं पर विचार किया जा रहा है। परन्तु अंतिम फैसला मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने लेना है। कोहाड़Þ मुताबिक जिन रूटों पर प्राइवेट बसें नहीं जाती वहां •ाी घाटा पड़ रहा है। घाटे को दूर करने के लिये घाटे वाले रूट बंद किये जा सकते है। पीआरटीसी मुलाजिमों को बकाया राशि का •ाुगतान करने पर कोहाड़ ने कहा कि ज्यों ज्यों पैसा आता जाएगा त्यों त्यों पैमेंट होती रहेगी।
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