सरकार का खजाना खाली—
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
पंजाब सरकार की वित्तीय हालत का असर प्रदेश के लाखों नौनिहालों पर •ाी पड़ा है। सरकार का खजाना खाली होने कारण बीते चार माह से आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चें खाली बरतन खड़का रहे है। यानी सरकार की उदासीनता के चलते लाखों बच्चे खाली पेट घरों को लौट रहे है। हालांकि वि•ााग के उच्चाधिकारी मूंह खोलने को तैयार नहीं है,परूतु समाजिक सुरक्षा वि•ााग की डिप्टी डायरेक्टर (आईसीडीएस)अजीत कौर मुलतानी,आंगनवाड़ी मुलाजिम यूनियन की प्रधान ऊषा रानी ने बीते चार माह से खाद्य पदार्थ न मिलने की पुष्टि की है।
सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रो में छह साल तक के बच्चों को उनकी सेहत सं•ााल के मद्देनजर पौष्टिक आहार दिया जाता है ताकि उनका पालन पोषण ठीक हो सके। बताया जाता है कि केंद्र के साथ साथ प्रदेश सरकार ने •ाी इसमें अपना आधा शेयर डालना होता है। बीते चार माह से पंजाब सरकार द्वारा अपना कोई शेयर नहीं डाला गया। जिसकी वजह से ग्रांट रीलिज नहीं हो सकी। प्रदेश सरकार की उदासीनता के चलते लाखों बच्चें पौष्टिक आहर से वंचित है।
एसएनटी तहत दिया जाता है खाना
बता दें कि प्रदेश में 26656 आंगनवाड़ी केंद्र है। केंद्र में दो कैटेगरी तहत 0-3 वर्ष और 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को प्राथमिक ज्ञान,शिक्षा दी जाती है और उसे स्कूल जाने के लिये प्रोसाहित किया जाता है। बता दें कि आईसीडीएस योजना तहत सप्लीमेंट्री न्यूटरेशन स्कीम (एसएनटी) तहत पौष्टिक आहर दिया जाता है। जिसमें बच्चों को पंजीरी,दलिया,गेहूं,चावल,घी इत्यादि शामिल है। सरकार की पतली हालत कारण सरकार ने पहले ही दो दिन दलिया व दो दिन चावल बिना दूध से देने के आदेश जारी कर रखे है। परन्तु बीते चार माह से बच्चों को यह खुराक •ाी उपलब्ध नहीं है।
26656 आंगनवाड़ी केंद्रों में आते है लाखों बच्चे
जानकारी के अनुसार हरेक आंगनवाड़ी केंद्र में चालीस बच्चे रखने का प्रावधान है। बताया जाता है कि अमृतसर जिले में 1847,बठिंडा में 1385,फरीदकोट 539,फिरोजपुर 2159,फतेहगढ़ साहिब 693,गुरदासपुर 2878,होशियारपुर 1878,जालंधर 1653,कपूरथला 880,लुधियाना 2401,मानसा 798,मोगा 975,श्री मुक्तसर साहिब 842,शहीद •ागत सिंह नगर (नवाशहर) 777,पटियाला 1793,रोपड़ 857,संगरूर 1907,मोहाली 609,तरन तारन 1119 अऔर बरनाला में 666 आंगनवाड़ी केंद्र है। यदि हरेक सेंटर में चालीस बच्चे की संख्या मानी जाए तो 1066240 बच्चे बनते है। आंगनवाड़ी मुलाजिम यूनियन की प्रधान ऊषा रानी ने कहा कि सरकार की घटिया व गलत सोच कारण बच्चों को खाना नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की हालत बहुत पतली हो चुकी है।
बजट पास न होने से आई दिक्कत : मुलतानी
सामाजिक सुरक्षा वि•ााग की डिप्टी डायरेक्टर (आईसीडीएस)अजीत कौर मुलतानी ने चार माह से बच्चों को आहर न मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि बजट पास न होने की वजह से केंद्रों में खाद्य पदार्थ नहीं पहुंच सके। उन्होंने कहा कि बजट पास हो गया है कुछ दिनों बाद केंद्रो में सामान पहुंच जाएगा।
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
पंजाब सरकार की वित्तीय हालत का असर प्रदेश के लाखों नौनिहालों पर •ाी पड़ा है। सरकार का खजाना खाली होने कारण बीते चार माह से आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चें खाली बरतन खड़का रहे है। यानी सरकार की उदासीनता के चलते लाखों बच्चे खाली पेट घरों को लौट रहे है। हालांकि वि•ााग के उच्चाधिकारी मूंह खोलने को तैयार नहीं है,परूतु समाजिक सुरक्षा वि•ााग की डिप्टी डायरेक्टर (आईसीडीएस)अजीत कौर मुलतानी,आंगनवाड़ी मुलाजिम यूनियन की प्रधान ऊषा रानी ने बीते चार माह से खाद्य पदार्थ न मिलने की पुष्टि की है।
सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रो में छह साल तक के बच्चों को उनकी सेहत सं•ााल के मद्देनजर पौष्टिक आहार दिया जाता है ताकि उनका पालन पोषण ठीक हो सके। बताया जाता है कि केंद्र के साथ साथ प्रदेश सरकार ने •ाी इसमें अपना आधा शेयर डालना होता है। बीते चार माह से पंजाब सरकार द्वारा अपना कोई शेयर नहीं डाला गया। जिसकी वजह से ग्रांट रीलिज नहीं हो सकी। प्रदेश सरकार की उदासीनता के चलते लाखों बच्चें पौष्टिक आहर से वंचित है।
एसएनटी तहत दिया जाता है खाना
बता दें कि प्रदेश में 26656 आंगनवाड़ी केंद्र है। केंद्र में दो कैटेगरी तहत 0-3 वर्ष और 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को प्राथमिक ज्ञान,शिक्षा दी जाती है और उसे स्कूल जाने के लिये प्रोसाहित किया जाता है। बता दें कि आईसीडीएस योजना तहत सप्लीमेंट्री न्यूटरेशन स्कीम (एसएनटी) तहत पौष्टिक आहर दिया जाता है। जिसमें बच्चों को पंजीरी,दलिया,गेहूं,चावल,घी इत्यादि शामिल है। सरकार की पतली हालत कारण सरकार ने पहले ही दो दिन दलिया व दो दिन चावल बिना दूध से देने के आदेश जारी कर रखे है। परन्तु बीते चार माह से बच्चों को यह खुराक •ाी उपलब्ध नहीं है।
26656 आंगनवाड़ी केंद्रों में आते है लाखों बच्चे
जानकारी के अनुसार हरेक आंगनवाड़ी केंद्र में चालीस बच्चे रखने का प्रावधान है। बताया जाता है कि अमृतसर जिले में 1847,बठिंडा में 1385,फरीदकोट 539,फिरोजपुर 2159,फतेहगढ़ साहिब 693,गुरदासपुर 2878,होशियारपुर 1878,जालंधर 1653,कपूरथला 880,लुधियाना 2401,मानसा 798,मोगा 975,श्री मुक्तसर साहिब 842,शहीद •ागत सिंह नगर (नवाशहर) 777,पटियाला 1793,रोपड़ 857,संगरूर 1907,मोहाली 609,तरन तारन 1119 अऔर बरनाला में 666 आंगनवाड़ी केंद्र है। यदि हरेक सेंटर में चालीस बच्चे की संख्या मानी जाए तो 1066240 बच्चे बनते है। आंगनवाड़ी मुलाजिम यूनियन की प्रधान ऊषा रानी ने कहा कि सरकार की घटिया व गलत सोच कारण बच्चों को खाना नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की हालत बहुत पतली हो चुकी है।
बजट पास न होने से आई दिक्कत : मुलतानी
सामाजिक सुरक्षा वि•ााग की डिप्टी डायरेक्टर (आईसीडीएस)अजीत कौर मुलतानी ने चार माह से बच्चों को आहर न मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि बजट पास न होने की वजह से केंद्रों में खाद्य पदार्थ नहीं पहुंच सके। उन्होंने कहा कि बजट पास हो गया है कुछ दिनों बाद केंद्रो में सामान पहुंच जाएगा।
No comments:
Post a Comment