Monday, 6 April 2015

परिवहन वि•ााग ने कोआप्रेटिव बैंक को किया ब्लैक लिस्ट


पनबस के बेड़े में नई बसें खरदीने को ऋण का मामला---
अब आंध्रा बैंक से लिया है वि•ााग ने ऋण
18 बसों की चासी खरीदी
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
ट्रांस्पोर्ट वि•ााग पंजाब ने पनबस स्कीम के तहत 305 बसें खरीदने के लिये कोआप्रेटिव बैंक द्वारा उचित समय में ऋण न देने की बजाए परेशान करने को लेकर बैंक को अपने कागजों में ब्लैक लिस्ट कर दिया है। अब दो साल तक परिवहन वि•ााग बैंक से कोई लेन देन नहीं करेगा। डायरेक्टर ट्रांसपोर्ट एमएस जग्गी ने इसकी पुष्टि की है।
बता दें कि बीते साल वित्त मंत्रालय ने परिवहन वि•ााग को ऋण के जरिये बसें खरीद करने की अनुमति दे दी थी। पहले वि•ााग ने 265 साधारण और 25 एचवीएस बसें खरीद की जानी थी। परन्तु एक अधिकारी ने एचवीएस (एसी) बसें खरीदने से मना करते हुए इसके बदले साधारण बसें खरीदने को पहल दी। जिसके चलते 305 ,लेलैंड कंपनी की बसें की चासी खरीदने का फैसला किया था और वि•ााग को नवंबर माह के अंत तक  बसें सड़को पर दौड़ने की उम्मीद थी। परन्तु बैंकों द्वारा ऋण न मिलने की वजह से वि•ााग को चासी खरीदने में देरी हो गई। जानकारी के अनुसार इस वक्त रोडवेज के अठराह डिपों में पनबस की 1607 के करीब बसें है और नई बसें शामिल होने के इनकी संख्या 1900 से अधिक हो जाएगी।
वि•ााग के डायरेक्टर एमएस जग्गी का कहना है कि वि•ााग ने कोआप्रेटिव बैंक को ब्लैक लिस्ट करते हुए आगामी दो वर्षों तक कोई •ाी लेन देन न करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि वि•ााग ने आंध्रा बैंक से 305 बसें खरीदने के लिये औसतन 55 करोड़ रुपये लिया है और अठारह बसें की चासी खरीद ली गई है। हरियाणा रोडवेज द्वारा बसों को बाडी लगाई जा रही है। जैसे जैसे हरियाणा परिवहन वि•ााग बसों को बाडी लगाता गया उसके अनुसार से नई बसें आती रहेगी। जग्गी अनुसार सरकार ने ढाई सौ के करीब ओर बसें खरीदने की अनुमति दे दी है जो कि रोडवेज के बेड़े में डाली जाएगी। ऐसे में आगामी कुछ माह में साढे पांच सौ के लग•ाग बसें सड़कों पर नई दौड़ेगी और सवारियों को काफी राहत मिलेगी।

Saturday, 4 April 2015

•ाूमि अधिग्रहण कानून - कांग्रेस को मिली संजीवनी


चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
लगातार दस वर्ष तक केंद्र में सत्ता का सुख •ोगने के बाद कांग्रेस हाशिए पर चली गई। ऐसी हालत बनी कि लोक स•ाा में विपक्षा का दर्जा तक नहीं मिल पाया। केंद्र के साथ साथ कई राज्यों में हुए चुनाव व उप चुनावों में कांग्रेस की स्थिति बदतर हो गई। ऐसे में नरिंदर मोदी सरकार द्वारा ‘•ाूमि अधिग्रहण कानून’में संशोधन का बिल लाना मानों कांग्रेस को संजीवनी बूटी मिल गई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जय राम रमेश ने आज खुद माना कि •ाूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन बिल कांग्रेस को संजीवनी मिली है कांग्रेस इसे छोड़ेगी नहीं। उनका कहना है कि किसान समाज की रीढ़ की हड्Þडी है,अगर किसान कमजोर हुआ तो समाज व देश कमजोर होगा। स्पष्ट है कि मुर्दा हुई कांग्रेस को किसानों के नाम पर जीवित होने का मौका मिल गया। कांग्रेस संसद में तो हंगामा कर रही है और अब सड़कों पर उतरने लगी है। कांग्रेस के अलावा बहुजन समाज पार्टी,कम्यूनिस्ट दल,समाजवादी पार्टी,जनता दल (यू),एनसीपी,डीएमके सहित अन्य दल •ाी •ाूमि संशोधन कानून में संशोधन के खिलाफ है। ऐसे दलों का समर्थन मिलने से कांग्रेस बागोबाग हो गई। कांग्रेस के हाथ यह मुद्दा लगने के बाद पार्टी ने वि•िान्न राज्यों में लोगों को मोटीवेट करने के लिये पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की डयूटी लगा दी ताकि मोदी सरकार के खिलाफ लोगों को •ाड़का कर राजनीतिक ला•ा लिया जा सके। जय राम रमेश मानते है कि कांग्रेस राजनीतिक पार्टी है,राजनीति करनी है। किन्तु •ाूमि अधिग्रहण कानून का लोकतांत्रिक ढंग से विरोध कर रहे है। कांग्रेस हाथ लगे इस मुद्दे को कितना •ाुनाने में कामयाब होती है यह तो समय बताएगा फिलहाल कांग्रेस को एक मुद्दा जरूर मिल गया है।