Saturday, 26 July 2014

निकल रहा दम,कर्मी है कम


ऐसे कैसे मिलेगी गुड गवर्नेंस
 चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
पंजाब सरकार बेरोजगारों को रोजगार देने एवं लोगों को गुड गवर्नेंस मुहैया करवाने का दम •ार रही है। किन्तु हकीकत कोसो दूर है। सरकार के वि•िान्न वि•ाागों में हजारों असामियां रिक्त पड़ी है,जिससे रोजमर्रा का कामकाज प्र•ाावित हो रहा है। यदि चंडीगढ़ स्थित सिविल सचिवालय,जहां मुख्यमंत्री सहित आला मंत्री व उच्चाधिकारी बैठते है,वहां वि•ाागों की वि•िान्न शाखाओं में सैंकड़े असामियां खाली पड़ी है। जिससे मुलाजिमों को काम के बोझ तले दबकर काम करने के लिये मजबूर होना पड़ रहा है।
यदि वि•ाागों में सेवादार से लेकर सीनियर सहायक तक की असामी के अंकड़े को देखा जाए तो एक हजार से अधिक असामियां रिक्त पड़ी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार के सिविल सचिवालय में सीनियर सहायक की मंजूरशुदा 778 असामियां है। इनमें से 466 असामियां रिक्त है। इनमें 186 पद सीधी •ार्ती के जरिये •ारी जानी है वह •ाी खाली पड़ी है। इसी तरह क्लर्क की कुल 608 मंजूर असामियां में से 393 खाली है। स्टेनोटाइपिस्ट की 102 मंजूर आसामी में से 41 ,सेवादार की 415 में से 85 असामियां खाली है। जबकि 117 पद आउट सोर्सिंग (ठेके के आधार पर) के जरिये •ारी हुई है। यानी सेवादार के 202 पद रिक्त है। यदि उक्त आंकडेÞ को देखा जाए तो अकेले सिविल सचिवालय में ही पचास फीसदी से अधिक पोस्ट रिक्त है। जबकि जिला मुख्यालय में हालत ओर •ाी बदतर बनी हुई है।
सूत्र बताते है कि कर्मचारियों पर काम का इतना बोझ है कि एक क्लर्क व सीनियर सहायक को दो तीन कर्मियों का काम करना पड़ रहा है। कुछ माह पूर्व प्रोटोकोल शाखा में तैनात सीनियर सहायक राजेश कुमार की काम के बोझ कारण हृदय दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। कर्मचारियों ने सत्य स्वदेश को बताया कि सरकार ने बीते लंबे समय से क्लर्क की •ार्ती नहीं की है। जिसकी वजह से पूरा काम प्र•ाावित हो रहा है। क्लर्क से सीनियर सहायक की प्रोमोशन के लिये पांच वर्ष का अनु•ाव होना अनिवार्य है। जिसके चलते सहायक काडर की •ाी •ाारी कमी है। कर्मचारियों में पदोन्नती न करने को लेकर •ाी सरकार के खिलाफ रोष पाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार सचिवालय में कई शाखाएं ऐसी है जहां क्लर्क आधा आधा दिन अलग अलग शाखा में बैठकर काम निकालता है। कर्मचारियों का कहना है कि सबसे बड़ी परेशानी सूचना का अधिकार एक्ट को लेकर सामने आ रही है क्योंकि कानून अनुसार आवेदक को एक निश्चित समय में सूचना देनी होती है। जबकि दफ्तरों में पहले ही कर्मचारियों का टोटा है। यदि समय पर जानकारी मुहैया न हो तो आरटीआई कमिशन की तरफ से पच्चीस हजार रुपये तक का जुर्माना ठोका जाता है। कर्मचारियों का कहना है कि लोगों से गुड गवर्नेंस का दावा करने वाली सरकार को पहले दफ्तरों में खाली पड़ी आसामियों को •ारना चाहिये।
हालांकि खाली असामियां को लेकर किसी अधिकारी ने अपना मूंह नहीं खोला परन्तु एक अधिकारी का कहना है कि 75 के करीब क्लर्क की •ार्ती की गई है और जल्दी ही वह अपना कार्य•ाार सं•ााल लेंगे। उधर मुलाजिम नेता व गजटिड व नान गजटिड एम्पलाइज यूनियन के कनवीनर सुखचैन सिंह खैहरा ने सरकार से मांग की है कि गुड गवर्नेंस देने के लिये पहले दफ्तरों में खाली असामियां को •ारा जाए ताकि मुलाजिमों का काम का बोझ कम हो सके और लोगों को बड़ी सर्विस •ाी मिल सके।

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