Saturday, 26 July 2014

ट्रांसपोर्ट वि•ााग में 77.98 करोड़ का गोलमाल

कैग रिपोर्ट में हुआ सनसनीखेज खुलासा

चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
 ट्रांसपोर्ट वि•ााग पंजाब में बीते दो वर्षों दौरान 77.98 करोड़ रुपये का घपला व अनियिमताएं उजागर हुई है। यहीं नहीं एक तरफ प्रदेश सरकार वित्तिय घाटे से जूझ रही है वहीं दूसरी ओर वि•ााग एसी बसें चला रही तीन कंपनियों से 7,96,250 रुपये वसूलने में नाकाम रहा है। इसका खुलासा कैग की वर्ष 2014 की रिपोर्ट से उजागर हुआ है।
कैग द्वारा 31 मार्च 2013 को समाप्त हुए साल की 2014 की विधान स•ाा में पेश की गई रिपोर्ट में कहा है कि वर्ष 2012-13 दौरान मोटर वाहनों पर कर से संबंधित 28 श्रेणियों के रिकार्ड से संबंधित 2885 केसों में 77.98 करोड़ रुपये की अनियमिताएं उजागर हुई है। रिपोर्ट अनुसार एमवीटी (मोटर व्हीकल टैक्स) के 2822 केसों में 21.72 करोड़ रुपये की कम वसूली की गई है। इसी तरह सरकारी प्राप्ती का कम जमा करवाने के 24 मामलें में 0.06 करोड़ रुपये सहित अन्य 29 मामलों में 56.20 करोड़ रुपये की अनियमिताएं अथवा घपला उजागर हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2012-13 दौरान वि•ााग ने 1804 मामलों में 15.64  करोड़Þ रुपये की लेखा प्रीक्षिया टिपणी को स्वीकार किया है और 46 मामलों में 1.34 करोड़ रुपये की वसूली की है। कैग की रिपोर्ट में यह •ाी खुलासा हुआ है कि स्टेज कैरेज बसों के टैक्स वसूली के मामलें में वर्ष 2011-12 में प्रदेश के छह जिलों के ट्रांसपोर्ट कार्यलयों का रिकार्ड जांचने से सामने आया है कि मंजूर किये गये किलोमीटर के आधार पर 1.34 करोड़ रुपये का एमवीटी 17 प्राइवेट कंपनियों से लेना बकाया था।  वि•ााग  कंपनियों से न तो उक्त बकाया वसूल सका और कोताही बरतने वाली कंपनियों के खिलाफ •ाी कोई कारवाई नहीं की। यानी वि•ााग के अधिकारियों की लापरवाही,उदासीनता के चलते 95.82 लाख रुपये के एमवीटी की कम वसूली हुई है।
यही नहीं वर्ष 2011-12 दौरान (आरटीएज) के रिकार्ड की पड़ताल से पता चलता है कि दो ट्रांसपोर्ट कंपनियों को स्टेज कैरीएज बड़ी बसों के असंशोधन दर पर चार नए परमिट जारी कर 7.61 लाख रुपये एकमुशत टैक्स की कम वसूली की गई। सबसे अहम बात यह है कि आडिट अधिकारियों को आरटीए ने संबंधित ट्रांसपोर्ट कंपनियों को बकाया मोटर गाडी टैक्स जमा करवाने के लिये नोटिस जारी करने की बात कही थी परन्तु अक्तूबर 2013 तक ट्रांसपोटर्र ने कोई जवाब नहीं दिया था।
इसी तरह स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिशनर (एसटीसी) पंजाब,चंडीगढ़ के वर्ष 2010-12 के रिकार्ड की (जनवरी 2013) में कई गई जांच से पता चला कि पंजाब में रजिस्ट्रड बसों की पांच वातानुकूलित (एसी) बसों के काफले वाली तीन ट्रांसपोर्ट कंपनियों की ओर से 7,96,250 रुपये जमा नहीं करवाये गये। यहीं नहीं अधिकारियों की ओर से उक्त टैक्स मांगा •ाी नहीं गया जबकि धारा 8 (4) अधीन ढंड धारा 11(1) तहत ब्याज •ाी लेना बनता था।

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