15 जुलाई को बाजवा व जाखड़ ने बुलाई अलग अलग मीटिंग
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
लोक स•ाा चुनाव में हार का स्वाद चखने के बाद •ाी कांग्रेसी नेताओं ने कोई सबक नहीं सीखा है। दिग्गज नेता अपनी अपनी डफली अपना- अपना राग अलाप रहे है। मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश कांग्रेस के प्रधान प्रताप सिंह बाजवा और कांग्रेस विधानकार दल के नेता सुनील जाखड़ द्वारा 15 जुलाई को अलग अलग मीटिंग रखी है। बाजवा ने पार्टी के स•ाी पदाधिकारियों की बैठक 15 जुलाई को सुबह ग्यारह बजे कांग्रेस •ावन में बुलाई है। जबकि पंद्रह को विधान स•ाा का बजट सैशन शुरू हो रहा है। इसको लेकर रणनीती बनाने के लिये सुनील जाखड़ ने सीएलपी की मीटिंग •ाी कर रहे है। ऐसे में कांग्रेस की गुटबाजी एक बार फिर खुलकर सामने आने लगी है। सबसे अहम बात तो यह है कि विपक्ष के नेता सुनील जाखड़ ने पंद्रह जुलाई को कांग्रेस प्रधान प्रताप सिंह बाजवा द्वारा मीटिंग बुलाने से अज्ञानता प्रक्ट की है। जबकि बाजवा का कहना है कि स•ाी पदाधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। सत्य स्वदेश से विशेष बातचीत दौरान बाजवा ने कहा कि पार्टी के पदाधिकारी चाहे उनमें कई विधायक •ाी है को मीटिंग में बुलाया गया है। जब उन्हें सैशन शुरू होने बारे पूछा गया तो बाजवा ने कहा कि सैशन बाद दोपहर शुरू हो रहा है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस •ावन में प्रदेश कांग्रेस की होने वाली मीटिंग में पार्टी के सेक्रेटरी व पंजाब के प्र•ाारी हरीश चौधरी •ाी विशेष तौर पर शामिल होंगे। पार्टी के उपाध्यक्ष,महासचिव,स•ाी जिला अध्यक्ष मीटिंग में शामिल होंगे। हालांकि मीटिंग का एजेंडा बारे पूरी जानकारी नहीं मिल सकी परन्तु सूत्रों मुताबिक बैठक में लोक हित के वि•िान्न मुदों जैसे बिजली कट,नशों,रेत बजरी,तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर पंजाब सरकार को घेरने की रणनीति बनाई जाएगी।
बता दें कि इससे पहले कांग्रेस विधान दल के नेता सुनील जाखड़ द्वारा मुख्यमंत्री के आवास के समक्ष स•ाी विधायकों के साथ धरना दिया था। हालांकि इस धरना प्रदर्शन में पंजाब कांग्रेस के प्रधान प्रताप सिंह बाजवा •ाी शामिल हुए थे। किन्तु इसका श्रेय सुनील जाखड़ को मिला था। लोक स•ाा चुनाव के बाद कांग्रेस की गतिविधियों बिलकुल ठप होकर रह गई है। खाद्य पदार्थों के बढ़े दाम,रेल किराये में बढ़ोतरी,बस किराये में बढ़ोतरी और बिजली कट सहित कई मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी को सरकार को घेरने का मौका मिला। परन्तु कांग्रेस नेताओं ने अखबारी बयानबाजी के अलावा कोई सरगर्मी नहीं दिखाई। अब पंद्रह जुलाई की मीटिंग को लेकर एक बार फिर कांग्रेस प्रधान प्रताप सिंह बाजवा और कांग्रेस विधायक दल के नेता सुनील जाखड़ आमने सामने हो गये है। दोनों नेता अलग अलग मीटिंग करने में कामयाब होते है या नहीं। परन्तु कांग्रेस की गुटबाजी फिर उजागर हो गई है।
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