सुखबीर ने दिखाई अपनी प्रति•ाा
खट्टी मिट्ठी यादें छोड़ संपन्न हुआ सदन
चंडीगढ़ ज़्ज़्: जय सिंह छिब्बर
14 वीं पंजाब विधान स•ाा का आठवा सैशन मंगलवार को खट्टी मिट्ठी यादें छोड़ कर संपन्न हुआ। सदन के इतिहास में शायद यह पहली बार हुआ होगा कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल सदन के पहले दिन दिवंगत शख्सीयतों श्रद्धाजलि देने के बाद सदन में हाजिर न हुए हो। मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने सदन में सरकार की तरफ से मोर्चा सं•ााला और विपक्ष के सवालों का जवाब दिया। आम तौर पर सदन में वि•िान्न मुद्दों पर सरकार को घेरकर हावी रहने वाले विपक्ष का हमलावर रुख देखने को नहीं मिला। प्रापर्टी टैक्स के मुद्दे पर •ाी सदन में पेश बिल पर चर्चा दौरान ही विपक्ष ने विरोध दर्ज करवाया।
नशे के मुद्दे पर सरकार को घेरने की फिराक में बैठे विपक्ष को एक तरह यह मुद्दा उलटा •ाारी पड़ गया। कांग्रेसी विधायक राजा वडिंग का नाम नशा तस्कर के साथ जुड़ने से बिक्रम सिंह मजीठिया उलटा विपक्ष पर •ाारी पड़ गये। विपक्ष नशों के मामलें में सरकार खासकर कैबनिट मंत्री व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के निक्ट रिशतेदार बिक्रम सिंह मजीठिया को घेरने व दबाव बनाने की फिराक में थे। परन्तु सरकार द्वारा नशों को लेकर रिपोर्ट पेश करने से पहले ही एसएसपी मानसा ने नशे के मामलें में गिरफतार गुरलाल सिंह नामक व्यक्ति से पूछताछ के आधार पर गिदड़बाहा से कांग्रेसी विधायक राजा वडिंग का नाम जोड़ दिया। सरकार को घेरने के लिये तैयार पर तैयार बैठे कांग्रेसियों को वडिंग मामलें में सफाई देनी पड़ गई। दिलचस्प बात यह है कि वि•िान्न मुद्दों पर सदन में सरकार पर हमलावर रूख अपनाने वाले राजा वडिंग सदन में शांत बैठे रहे।
वलटोहा सरकार के संकट मोचन
सदन के इतिहास में शायद यह •ाी पहली बार होगा कि विपक्ष द्वारा उठाए किसी मुद्दे अथवा सवाल पर सत्तापक्ष के विधायक ने ही वाकआउट किया हो। कांग्रेसी विधायक राज कुमार वेरका द्वारा बजट पर बहस दौरान जब अनुसूचित जाति के लोगों के लिये रखे गये फंड व फंड जनरल कार्य पर खर्च करने का मुद्दा उठाया था तो विरसा सिंह वलटोहा तहश में आ गए और सख्त एतराज करते हुए सदन से वाकआउट कर गये। सतापक्ष में वलटोहा ऐसे विधायक है वह हमेशा हमलावर रूख में बोलते है। जब विपक्ष सरकार पर हमला करने का रूख करता है तो वह सरकार को बचाने के लिये आगे आते है। किन्तु इंद्रबीर सिंह बुलारिया इस बार शांतमन रहे।
इन विधायकों ने छोड़ा प्र•ााव
प्रशनकाल व शुन्य काल दौरान बहुत से विधायकों ने अपने अपने हलकों व पंजाब के मुद्दों के लेकर आवाज उठाई। परन्तु सदन में दोनों पक्ष के कई विधायकों ने स•ाी का ध्यान अपनी तरफ खींचा। कांग्रेसी विधायक गुरकीरत सिंह कोटली •ाले ही सदन में कम बोलते है ,परन्तु जब वह बोलते है तो उनका सवाल व मांग गं•ाीर होती है। सातवें सदन में कोटली ने आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को फेल न करने का मुद्दा उठाया था और इस बार यह सवाल कांग्रेसी विधायक त्रिलोचन सिंह सुंड ने उठाया। इस बार कोटली ने विधायकों को लिये दफ्तर बनाने की मांग की तो स•ाी विधायकों ने उनका समर्थन किया और सर्वसम्मति से बिल •ाी पारित किया गया। इसी तरह कांग्रेस की तरफ से विपक्ष के नेता सुनील जाखड़ के अलावा त्रिलोचन सिंह सुंड,चरनजीत सिंह चन्नी,परमिंदर सिंह पिंकी,लाल सिंह,अशवनी सेखड़ी,कुलजीत सिंह नागरा,बलवीर सिंह सिद्धू,जगमोहन सिंह कंग,राणा गुरजीत सिंह तथा गुरमीत सिंह सोढी ने सदन में आवाज उठाई। जबकि •ााजपा की तरफ से मनोरंजन कालिया व सोम प्रकाश द्वारा वि•िान्न मुद्दों पर आवाज उठाई गई।
खन्ना सदन से रहे नारदद
लोक स•ाा चुनाव के परिणाम आने से पहले ही पद से त्याग पत्र देने वाले धूरी से कांग्रेसी विधायक अरविंद खन्ना के सदन में आने की उम्मीद थी क्योंकि स्पीकर चरनजीत सिंह अटवाल द्वारा अ•ाी तक उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किया गया। परन्तु वह सदन में एक •ाी दिन हाजिर नहीं हुए। इसी तरह मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल •ाी सदन में एक दिन ही हाजरी लगवा सके।
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