‘फौजा जित्त के अंत नू हारीया जी ’
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
ताज़ा हुए लोक स•ाा चुनाव में जहां देश में मोदी लहर का जादू चला है वहीं पंजाब में मोदी लहर ठुस होकर रही है और आम आदमी पार्टी पंजाब में तीसरी पार्टी के रूप में उ•ारी है। आम आदमी पार्टी ने पंजाब में पहली बार लोक स•ाा चुनाव लड़ा और पार्टी ने चार सीटों पर विजयी परचम लहराया है। यही नहीं शेष सीटों पर •ाी पार्टी के प्रत्याशी दूसरे व तीसरे नंबर पर रहे है। आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के साथ साथ दो राष्टÑीय पार्टी बहुजन समाज पार्टी और कम्यूनिस्ट पार्टियों पर •ाी झाड़ू फेरकर रख दिया है। एक तरह से बसपा व कम्यूनिस्ट पार्टियों के वोट बैंक को आप ने बहुत बड़ा झटका लगाया है। दरअसल हरेक बार लोक स•ाा चुनावों में पंजाब के लोगों ने एक नया इतिहास बनाया है। पिछले मतगणना पर नजर दौड़ाई जाए तो पंजाब के मतदाताओं ने ज्यादातर केंद्र सरकार के खिलाफ उलटफेर किया है। इस बार जहां देश में आम आदमी पार्टी सिकुड़ रह गई है वहीं पंजाब के लोगों ने आप के हक में फतवा दिया है।
इन चुनावों में सबसे बुरी •ााजपा के वरिष्ठ नेता अरूण जेतली के साथ हुई है। क्योंकि देश में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में •ााजपा सरकार बना रही है परन्तु जेतली अमृतसर से कैप्टन के हाथों मात खा गये है। •ााजपा को प्रदेश में पिछले लोक स•ाा चुनाव के मुकाबले सिर्फ एक सीट का फायदा हुआ है। 2009 में •ााजपा का अमृतसर संसदीय सीट पर कब्जा रहा है परन्तु वहां से कैप्टन अमरिंदर सिंह विजयी रहे है और अब •ााजपा का गुरदासपुर और होशियारपुर से खाता खुल गया है। जबकि अकाली दल का कोई सीटों को लेकर फायदा या नुक्सान नहीं हुआ है। अकाली दल के पास पहले •ाी चार सीटें थी और अब •ाी शिअद के पास चार सीटें है। फर्क सिर्फ इतना है कि शिअद से फरीदकोट सीट छिन गई है और आनंदपुर साहिब से प्रो प्रेम सिंह चंदुमाजरा अपनी इज्जत बचाने में कामयाब हुए है। परन्तु ताजा परिणाम ने अकाली •ााजपा गठबंधन को सोचने के लिये मजबूर कर दिया है। जहां लोगों में राष्टÑीय स्तर पर कांग्रेस के खिलाफ रोष की लहर थी वहीं शिअद •ााजपा गठबंधन के खिलाफ एंटी इनकम्बेंसी के रूप में मतदाताओं ने अपना पक्ष आम आदमी के हक में रखा है। इसका साबूत उप मुख्यमंत्री व शिअद के प्रधान सुखबीर सिंह बादल की धर्मपत्नी हरसिमरत कौर बादल सिर्फ 19395 मतों के अंतर से विजयी रही है। जबकि 2009 के चुनाव में हरसिमरत ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के बेटे रणइंद्र सिंह को 1,20,960 मतों के अंतर से हराया था। सिर्फ खडर साहिब से बजुर्ग नेता रणजीत सिंह ब्रहमपुरा एक लाख से अधिक मतों के अंतर से विजयी रहे है। जहां आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी बलदीप सिंह डेढ़ लाख के करीब वोट ले गये है। कुल मिलाकर लोक स•ाा चुनावों के परिणाम ने अकाली •ााजपा सरकार के साथ साथ कांग्रेस की लीडरशिप को •ाी सोचने के लिये मजबूर कर दिया है।
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