कैसे रहेंगे बिना छत्त से
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
आंखों में आंसू .. गोद में मासूम को उठाए वह घर से बरतन,कपड़े निकालकर सड़क किनारे रख रही थी। जैसे जैसे सामान उठा रही थी वैसे वैसे आंखों से आंसू टपक रहे थे। कुछ ही समय बाद देखते ही देखते आंखों के सामने अपने हाथों से बनाये आशियाना ढ़ह गया। रोते हुए बस दिल से एक ही आवाज निकल रही थी कि हे •ागवान यह क्या हुआ ... अब हम कहां रहेंगे। बिमला,शीला,कांता ने आंसू बहाते हुए अपनी दिल की बात बताते हुए कहा कि वह लंबे समय से परिवार सहित इन कालौनियों में रहते है। ऊपर से गर्मी का कहर है और उन्हें अपने बच्चों की चिंता है कि गर्मी में अपने बच्चों को लेकर जाएं तो कहां जाएं ?
दरअसल चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से सैक्टर 52-53 कजहेड़ी ,पंडित कालौनी,नेहरू कालोनी ,मजदूर कालौनी व कुलदीप कालौनी पर शनिवार सुबह ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन का इन कालौनियों पर बूलडोजर चलने से करीब पच्चीस हजार लोग बेघर हो गये है।
शनिवार को इस्टेट आॅफिस द्वारा •ाारी पुलिस बल के साथ कुलदीप कॉलोनी, पंडित कॉलोनी, मजदूर कॉलोनी और नेहरू कॉलोनी को खाली करवाने का अ•िायान शुरू किया। इस्टेट आफिस द्वारा की गई कारवाई के समय से चंडीगढ़ के कई थानों के पुलिस बल,डिप्टी कमिशनर सहित कई आला अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। जैसे ही शनिवार को संपदा वि•ााग की टीम,•ाारी संख्या में पुलिस बल,बूलडोजर,जेसीबी मशीने कालोनियों में पहुंची तो लोगों के सांस फूल गये।इससे पहले कालौनी वासी प्रशासन द्वारा पांच नंबर कालौनी को उजाड़ने का नज़ारा देख चुके थे। इसलिये प्रशासन का पीला पंजा चलने से पहले ही बहुत से लोगों ने अपने घरों में से सामान निकालना शुरू कर दिया । जैसे जैसे लोगों के घर खाली होते गये प्रशासन का पीला पंजा गरीबों के घरों को ध्वस्त करता गया। कजहेड़ी में परमजीत ,नन्ना राम ,सुमेर चंद ने बताया कि वह बीते करीब बीस सालों से जहां रहते है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने उन्हें कहा कि ढहाने वाली कालौनियों में उनकी कालौनी शामिल नहीं है। जिससे वह बेपरवाह होकर बैठे थे। परन्तु कुछ समय बाद ही प्रशासन ने अपनी कारवाई को अमली रूप दे दिया। जिससे लोगों को बड़ी मुशिकल से अपना सामान निकालना पड़ा। इसी तरह शांती देवी का कहना है कि उनके सात बच्चे है ,जबकि शंकर ने बताया कि उनके चार बच्चे आज सुबह से •ाूखे है। पीड़ितों का कहना है कि वह लंबे समय से इन कालौनियों में रहते है और उनकी वोट,राशन कार्ड,आधार कार्ड बने हुए है जहां तक कि बिजली के मीटर •ाी लगे हुए थे।
पांच नंबर कालौनी की तरज पर मिले मकान
पीड़ितों का कहना है कि जैसे चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा पुन अवास योजना के तहत पांच नंबर कालौनी वासियों को धनास में मकान बनाकर दिये है। उसी तरज पर उन्हें •ाी मकान अलाट किये जाए ताकि वह अपने बच्चों का पालण पोषण कर सके।
कोई नहीं पहुंचा नेता
आम तौर पर गरीबों के हमदर्द होने का दावा करने वाले नेता आज गरीबों पर चल रहे हथौड़े के समय पर उनकी सार लेने नहीं पहुंचे। लोक स•ाा चुनाव से पहले नेता कालौनियों में चक्कर लगाकर उनके साथी होने का दावा कर रहे थे परन्तु आज कोई •ाी उनकी सहायता के लिये हाथ आगे बढ़ाने नहीं पहुंचा।
क्या कहता है प्रशासन
डिप्टी कमिशनर एम सईन का कहना है कि प्रशासन द्वारा चंडीगढ़ को सल्म मुक्त करने और नजायज कब्जों को खत्म करने के लिये नजायज कब्जे छुड़ाए गये है। बकायादा अवैध कब्जाधारकों को नोटिस जारी किये गये थे। उनका कहना है कि 2006 में प्रशासन की ओर से सर्वे करवाया गया था और इनमें से 2500 को सरकारी अवास योजना के तहत योग्य मानते हुए दो हजार को घर मुहैया करवा दिये गये थे। उन्होंने कहा कि इन कालौनियों में यह लोग वर्ष 2006 के बाद बसे है।
याद रहें कि इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों ने शुक्रवार को 'घर अधिकार संघर्ष मोर्चा' के साथ मिलकर प्रदर्शन किया था। लोगों ने सेक्टर-52 की सड़क पर जाम लगा दिया था। आम आदमी पार्टी चंडीगढ़ की तरफ से इन चार कॉलोनियों को हटाने के प्रशासन के फैसले का विरोध जताते हुए कहा गया है कि चंडीगढ़ को स्लम फ्री बनाने का यह अलोकतांत्रिक तरीका है।

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