पंजाब सरकार ने किया कंपनी से एग्रीमेंट रद्द
पंजाबियों का हुआ चालीस हजार करोड़ रुपये का नुकसान
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
पंजाब में 13 लाख 19 हजार वाहनों पर लगी हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेटस (एचएसआरपी) सुप्रीम कोर्ट के आदेश एवं ट्रांसपोर्ट वि•ााग के दिशानिर्देश अनुसार उचित नहीं है। जिसके चलते पंजाब सरकार ने पंजाब में वाहनों पर नंबर प्लटेस लगाने वाली कंपनी का एग्रीमेंट रद्द कर दिया है। अब सवाल पैदा होता है कि वाहनों पर लगी हाई सिक्योरटी नंबर प्लटेस गैरकानूनी है ? और क्या ऐसी नंबर प्लटेस का पुलिस चालान काट सकती है? इससे वाहन चालक बड़ी दुबिधा में फंस चुके है। यही नहीं प्रदेश में लाखों लोगों द्वारा नये व पुराने वाहनों पर नंबर प्लटेस लगाने के लिये फीस •ाी जमा करवा रखी है। यानी कंपनी करोड़ों रुपये कमाकर फुरर्र हो गई है। एक अनुमान मुताबिक पंजाबियों का चालीस हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
इसका खुलासा यातायात नियमों के विशेषज्ञ एवं पंजाब स्टेट रोड सेफ्टी काउंसिल के पूर्व सदस्य डा. कमलजीत सोई ने किया है। शुक्रवार को पत्रकारवार्ता दौरान डा. सोई ने कहा कि यह देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला है इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिये। डा.सोई ने बताया कि वर्ष 2010 दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को हाई सिक्योरटी नंबर प्लटेस लगाने के आदेश जारी करते हुए बकायदा नंबर का साइज,होलोग्राम (लोगो) और सात अंकों का कोड नंबर •ाी अंकित करने को कहा था ताकि देश •ार में कहीं •ाी वाहन को ट्रेस किया जा सके। सोई ने कहा कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2011 में एग्रोस इम्पैक्स इंडिया प्राइवेट लिमटिड कंपनी के साथ एग्रीमेंट किया था जिसने महाराष्टÑ में लगाए गये रेट से 33 प्रतिशत रेट कम वसूल कर करीब 54 लाख वाहनों पर ,जो उस वक्त राजिस्टर्ड थे,पर प्लटेस लगानी थी।
उक्त कंपनी का बिहार,उतर प्रदेश,झारखंड सरकार द्वारा पहले ही पांच सालों के लिये लाइसेंस रद्द किया जा चुका है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि असम व गुजरात में कंपनी द्वारा प्लटेस लगाने का काम जारी है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने तीन दिन पहले सनेप लाक,अधिक फीस वसूलने तथा सात डिजिट कोड उचित न होने का आधार बनाकर कंपनी का एग्रीमेंट रद्द कर दिया है। जबकि इतनी देर से सरकार की आंख क्यों नहीं खुली। कंपनी को सरकार या किसी दिग्गज राजनेता का हाथ होने के सवाल पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार सड़क सुरक्षा को लेकर गं•ाीर नहीं है। पंजाब में प्रति वर्ष पांच हजार लोग सड़क हादसों का शिकार हो रहे है और लुधियाना का नंबर एक पर है।
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