Thursday, 6 November 2014

नहीं थम रही कांग्रेस में बगावत ..


नहीं समझे नेता तो एमसी चुनाव में हो सकता नुक्सान
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी के चंडीगढ़ दौरे के बाद •ाले ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने गुजबाजी को हवा देने वाली बयानबाजी को विराम लगा दिया है। किन्तु निचले स्तर पर कांग्रेस प्रधान प्रताप सिंह बाजवा के खिलाफ बगावत बढ़ती जा रही है। हालांकि प्रताप सिंह बाजवा का मानना है कि जिला स्तर पर कुछ कांग्रेसियों द्वारा की जा रही  बगावत के पीछे कुछ बड़े नेताओं का हाथ है। बाजवा ने गीत ‘तेरे च तेरा यार बोलदा’की उदाहरण देते हुए कहा कि वह किसी का नाम नहीं लेंगे और किनके इशारे पर हो रहा है यह सब जानते है।
अगर कांग्रेस में गुटबाजी की बात करें तो यह निचले स्तर तक पहुंच चुकी है और कांग्रेस के इतिहास में पहली बार हुआ है कि जिला व ब्लाक स्तर के नेताओं द्वारा पार्टी प्रधान का पुतला फूंका हो। कांग्रेस की अनुसाशनी कमेटी के चेयरमैन गोपाल कृष्ण चतरथ द्वारा जिला कांग्रेस कमेटी लुधियाना के प्रधान पवन दीवान सहित चार ब्लाक प्रधानों को पार्टी से निष्कासित करने के बाद पार्टी की डाक्टर सेल के प्रधान डा. बनारसी दास मल्होत्रा सहित आधा दर्जन के करीब अन्य पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने वाले नेताओं डा बनारसी दास,डा शेर सिंह,डा कपिल खन्ना,डा रजनीश कुमार,डा सीता राम व डा सुरिंदर वोहरा ने इसे पवन दीवान को पार्टी से निष्कासित करने का विरोध बताया है। पार्टी के कुछ नेताओं ने कांग्रेस प्रधान सोनिया गांधी को पत्र लिखकर प्रधान मंत्री नरिंदर मोदी द्वारा शुरू की गई स्वच्छ •ाारत अ•िायान की तरज पर पार्टी में स्वच्छ मुहिम चलाने की मांग करते हुए कहा कि प्रताप सिंह बाजवा ने पार्टी को पुरी तरह गंधला कर दिया है,टकसाली कांग्रेसियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है।
प्रधानगी को लेकर चल रहा टकराव
प्रताप सिंह बाजवा व कैप्टन अमरिंदर सिंह गुट के बीच प्रधानगी को लेकर कशमकश चल रही है। कैप्टन ने यहां तक कह दिया था कि बाजवा उसका दोस्त अथवा समर्थक नहीं है। कैप्टन गुट किसी •ाी कीमत पर बाजवा को प्रधान के रूप में नहीं देख रहा। कुछ दिन पूर्व आधा दर्जन से अधिक विधायकों ने सत्य स्वदेश के इस प्रतिनिधि के साथ बातचीत दौरान माना कि वह कैप्टन के साथ खड़े है और बाजवा को नहीं मानते। उन्होंने दलील दी थी कि बाजवा पीठ पीछे हरेक के खिलाफ बोलते है। गुरदासपुर जिले से संबंधित एक विधायक का कहना है कि उन्हें कैप्टन अमरिंदर सिंह को चेताया था कि वह बाजवा को हवा न दे(एमपी की टिकट दिलाने व मंत्री होने वक्त)।
कैप्टन खेमे के विधायक यह मानने को तैयार नहीं है कि पुलिस जानबूझ कर बाजवा का नाम आपराधिक लोगों के साथ जोड़ रही है। उनका कहना है कि बाजवा ऐसे लोगों को आगे ला रहा है जिनका पार्टी के लिये कोई योगदान नहीं है और ऐसे लोगों को इंचार्ज व प्र•ाारी लगाया जा रहा है जिनका अपने गांवों में •ाी असर रसूख नहीं है।
कुल मिलाकर लोग हित के मुद्दे व  वि•िान्न मुद्दे पर सतारूढ़ गठबंधन को घेरने की बजाए कांग्रेसी नेता आपस में दुशमनों की तरह •िाड़ रहे है। वह •ाी उस वक्त जब म्यूनिसिपल चुनाव सिर पर है। अगर कांग्रेस ने अ•ाी •ाी सबक नहीं सीखा तो कांग्रेस म्यूनिसिपल चुनाव में ‘मुट्ठी में किरती रेत’ की तरह बिखर जाएगी।

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