सप्ताह के जारी होंगे नियुक्ति पत्र
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
लंबे समय से संघर्षशील आंगनवाड़ी वर्करों एवं हैल्परों का सघर्ष रंग दिखाने लगा है। आंगनवाड़ी वर्करों के आगे झुकते हुए पंजाब सरकार सामाजिक सुरक्षा वि•ााग में आगनवाड़ी वर्करों को बतौर सुपरवाइजर •ार्ती करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे रही है। सूत्र बताते है कि नवंबर के प्रथम सप्ताह दौरान 286 के करीब आंगनवाड़ी वर्करों को बतौर सुपरवाइजर वि•ााग में शामिल कर लिया जाएगा। हालांकि आंगनवाड़ी वर्करों की संख्या के मुताबिक बहुत कम संख्या को सुपरवाइजर के रूप में सिलैक्ट किया जा रहा है,पर आंगनवाड़ी मुलाजिम यूनियन (सीटू)को इस बात पर तस्सली है कि आखिर सरकार ने वर्करों को नियमित करने की शुरूआत तो की है। सरकार के इस फैसले से जहां वर्कर के सुपरवाइजर बनने से वेतन तीस हजार के करीब हो जाएगा इसके साथ ही पंजाब सरकार के मुलाजिम को मिलने वाले स•ाी ला•ा मिलने लगेगे।
बता दें कि पंजाब सरकार के सामाजिक सुरक्षा वि•ााग में 1 जनवरी 2011 को
286 सुपरवाइजर •ार्ती करने का विज्ञापन दिया था। आंगनवाड़ी मुलाजिम यूनियन ने आंगनवाड़ी वर्करों में से वरिष्ठता व मैरिट के आधार पर प्रमोट करने की मांग की थी,परन्तु शुरूआत में सरकार ने आंगनवाड़ी यूनियन को हलके में लिया। इसके बाद यूनियन ने लंबा संघर्ष किया और दो आंगनवाड़ी वर्करों की संघर्ष के दौरान मौत •ाी हो गई थी। परन्तु महिलाएं पीछे नहीं हटी और उनका संघर्ष ओर तेज हो गया जब मार्क्सवादी कम्यूनिटी पार्टी (सीपीएम) से संबंधित सीटू ने आगनवाड़ी वर्करों के संघर्ष का समर्थन किया। आखिर पंजाब सरकार को आगनवाड़ी वर्करों के संघर्ष आगे झुकना पड़ा एवं सुपरवाइजर प्रमोट करने की प्रक्रिया शुरू करनी पड़ी। बताया जाता है कि पहले जिला स्तर पर एडीसी (डी) की प्रधानगी में बनी कमेटी द्वारा मैरिट बनाई गई। इसके बाद स•ाी जिलों की मैरिट सूची को डायरेक्टर स्तर पर एक मैरिट लिस्ट बनाई गई है। इसमें दसवीं से लेकर एमए तक के शिक्षा स्तर के अलावा,अनु•ाव के आधार पर मैरिट लिस्ट बनाई जा रही है।
देर हुई पर यूनियन का संघर्ष रंग लाया : ऊषा रानी
आंगनवाड़ी वर्कर यूनियन की प्रधान ऊषा रानी ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यूनियन के कड़े संघर्ष के बाद सरकार को यह फैसला लेने के लिये मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि यूनियन की दो वर्कर शहीद हुई और संघर्ष दौरान कई वर्करेज जख्मी •ाी हुई और सरकार को नई •ार्ती करने की बजाए आंगनवाड़ी वर्करों को सुपरवाइजर प्रमोट करने के लिये मजबूर किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 26656 आगनवाड़ी सेंटर है और इनमें 53312 वर्कर व हैल्पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि •ाले ही यह संख्या बहुत कम है किन्तु •ाविष्य में वर्करों के नियमत होने का रास्ता साफ हो गया है।
प्रोसेस जारी सप्ताह में दिये जाएंगे नियुक्ति पत्र
उधर सामाजिक सुरक्षा वि•ााग में तैनात डिप्टी डायरेक्टर रजनीश ने आंगनवाड़ी वर्करों को प्रमोट कर सुपरवाइजर बनाने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह के •ाीतर नियुक्त पत्र जारी कर दिये जाएंगे।
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