कोआप्रेटिव बैंक से लिया जाएगा करीब 55 करोड़ रुपये कर्जा
हरियाणा रोडवेज का स्टाफ लगाएगा बाडी
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
कंडम एवं बसों की कमी से जूझ रहे पंजाब ट्रांस्पोर्ट वि•ााग ने पनबस स्कीम के तहत 305 नई बसें खरीद करने को हरी झंडी दे दी है। सबसे अहम बात यह है कि पहली बार पंजाब रोडवेज की बसों की चासी को हरियाणा रोडवेज का स्टाफ बाडी लगाएगा। ऐसा फैसला •ा्रष्टाचार को खत्म करने और एवं हरियाणा रोडवेज की बसों की बाडी देश •ार में नंबर एक पर मानी जाती है,के कारण लिया गया है। वित्त मंत्रालय ने परिवहन वि•ााग को अपने स्तर पर ऋण के जरिये बसें खरीद करने को हरी झंडी दे दी है। सूत्रों के अनुसार पहले वि•ााग द्वारा 265 साधारण और 25 एचवीएस बसें खरीद की जानी थी। परन्तु एक अधिकारी ने एचवीएस (एसी) बसें खरीदने से मना करते हुए इसके बदले साधारण बसें खरीदने को पहल दी। जिसके चलते अब 305 ,लेलैंड कंपनी की बसें खरीदने का फैसला कर लिया गया है। नवंबर माह के अंत तक कुछ बसें सड़को पर दौड़ने लग जाएगी। सूत्रों के अनुसार वर्ष 2012 में पीआरटीसी द्वारा 12.50 लाख रुपये के हिसाब से बस खरीद की थी और इस साल पंजाब परिवहन वि•ााग 11.25 लाख रुपये के हिसाब से बस खरीद कर रहा है। ऐसे में वि•ााग को लाखों रुपये का फायदा हुआ है। वि•ााग के अधिकारियों का मानना है कि पिछले सालों के मुकाबले चासी के रेट में काफी बढ़ोतरी हुई है। फिर •ाी वि•ााग द्वारा कंपनी पर पूरा दबाव डालकर बसें खरीदी जा रही है। जानकारी के अनुसार इस वक्त रोडवेज के अठराह डिपों में पनबस की 1607 के करीब बसें है और नई बसें शामिल होने के इनकी संख्या 1900 से अधिक हो जाएगी।
ठेकेदार को करेगा वि•ााग बाये बाये
पनबस में ठेके के आधार पर कार्यरत चालक व परिचालक को रोडवेज में शामिल करने के लिये वि•ााग द्वारा रणनीति बनाई जा रही है। सूत्रों के अनुसार वि•ााग ने 15 से 30 नंबवर के बीच ठेके के आधारित कर्मियों को रोडवेज में शामिल करने के लिये प्रक्रिया आरं•ा करेगा। बता दें कि ठेके पर आधारित कर्मी नियमित करने की मांग को लेकर बार बार हड़ताल करते थे,इससे लोगों को परेशानी के साथ साथ रोड़वेज को वित्तीय घाटा •ाी सहन करना पड़ता था। ऐसे में सरकार ने एक तीर से दो निशाने किये है। एक तो सरकार नियमित करने की शर्त तीन साल कर रही है दूसरा पंजाब में विधान स•ाा का चुनाव •ाी 2017 में होने है। ऐसे में 2017 तक सरकार को रोड़वेज,पनबस का चक्का जाम होने से राहत मिल जाएगी।
वि•ााग के डायरेक्टर •ाूपिंदर सिंह अनुसार ठेके पर आधारित कर्मियों को रोडवेज में शामिल करने के लिये नियम व शर्तों को लेकर रणनीति बनाई जा रही है। उनका कहना है कि ठेकेदार को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा और तीन साल तक कर्मचारी वि•ााग में काम करेगा इसके बाद अच्छी कार्यशैली दिखाने वाले को नियमित किया जाएगा। •ाूपिंदर सिंह के अनुसार जैसे जैसे बसों की बाडी लगती गई तैसे तैसे बसें वि•िान्न डिपों में पहुंचती रहेगी। वि•ााग को उम्मीद है कि 31 मार्च तक स•ाी बसें सड़कों पर दौड़ने लगेगी।
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