Monday, 27 October 2014

एक नवंबर से पंचकूला,मोहाली के थ्रीव्हीलर नहीं कर सकेंगे चंडीगढ़ प्रवेश


 यूटी प्रशासन अपने फैसले पर अड़िग
आटो चालकों ने किया प्रदर्शन,सीटीयू की बसें रोकने की धमकी
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
मोहाली व पंचकूला में रजिस्टर्ड डीजल आटो एक नवंबर से राजधानी में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। ऐसे आटो रिकशा चंडीगढ़ में एंट्र करने पर बाउंड कर दिये जाएंगे। यूटी प्रशासन गैर कानूनी,बिना परमिट से चलने वाले पंजाब व हरियाणा राज्य के आटो के प्रवेश पर प्रतिबंद्ध लगाने के फैसले पर अडिग है।
दूसरी तरफ सोमवार को चंडीगढ़,मोहाली,पंचकूला आटो रिक्शा जवाइंट एक्शन कमेटी के बैनर तले सैंकड़ों रिकशा चालकों ने यूटी प्रशासन के खिलाफ सैक्टर 17 में जमकर प्रदर्शन किया। कमेटी के चेयरमैन कमल कांत द्रिवेदी ने कहा कि यदि प्रशासन ने उनकी मांग को  गं•ाीरता से नहीं लिया तो सीटीयू की बसें रोकी जाएगी।
क्या है मामला
बता दें कि ट्रांसपोर्ट वि•ााग की सेक्रेटरी •ाावना गर्ग ने दो माह पूर्व एक नवंबर से शहर में डीजल से चलने वाले आटोज पर प्रतिबंद्व लगाने के आदेश जारी किये थे। •ाावना गर्ग ने अपने आदेश में डीजल चालको को दो माह के •ाीतर अपने आटो में सीएनजी,एलपीजी गैस किट लगाने का समय दिया था ।  एक नवंबर के बाद पुलिस द्वारा पंचकूला व मोहाली से आने वाले डीजल आटो का चालान काट कर बाउंड किया जाएगा। प्रशासन ने यह फैसला शहर में बढ़ रहे प्रदूषण को कम करने के मद्देनजर लिया है। बताया जाता है कि प्रशासन ने 2009 के बाद पंचकूला ,मोहाली व अन्य शहरों से आने वाले आटो को कोई परमिट नहीं दिया था और चंडीगढ़ में रजिस्टर्ड डीजल आटो को उनकी समय अविधि तक ही चलने की अनुमति दे रखी है। प्रशासन के इस फैसले के खिलाफ आटो चालकों ने अदालत का दरवाजा •ाी खटखटाया था परन्तु उन्हें वहां से •ाी कोई राहत नहीं मिली थी।
 आटो चालकों ने किया प्रशासन खिलाफ प्रदर्शन:
सैक्टर 17 सर्कस मैदान में चंडीगढ़,मोहाली,पंचकूला आटो रिक्शा ज्वाइंट एक्शन कमेटी के बैनर तले सैकड़ों आटो चालकों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कमेटी के चेयरमैन कमल कांत द्रिवेदी,मनोहर,शाम लाल सहित अन्य ने कहा कि प्रशासन के तुगलकी फरमान से उनका कारोबार चौपट हो जाएगा। उनका कहना है कि शहर में सीटीयू की सैंकड़े बसे प्रदूषण फैलाती सड़कों पर दौड़ रही है उनकी तरफ प्रशासन का ध्यान नहीं है। जानकारी अनुसार डीजल आटो को लेकर प्रशासन के पास पुख्ता रिपोर्ट नहीं है। किन्तु शहर में दस हजार के करीब आटो सड़कों पर दौड़ रहे है। जबकि तीन हजार के करीब एलपीजी आटो है।
द्रिवेदी ने कहा कि प्रतिनिधि मंडल ने ट्रांस्पोर्ट वि•ााग के अधिकारियों के साथ बातचीत की है जिन्हें चार लोगों को बिठाकर चलने और रजिस्ट्रेशन को लेकर कागजात पूरे रखने की बात कही है। उनका कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि कल को अधिकारियों की होने वाली मीटिंग में समस्या का समाधान निकाला जाएगा।

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गैर कानूनी चलते है आटो : •ाावना गर्ग
ट्रांस्पोर्ट वि•ााग की सेक्रेटरी •ाावना गर्ग ने सत्य स्वदेश को बताया कि 2009 से आटो शहर में गैर कानूनी ढंग से चल रहे है। आटो चालकों ने हाईकोर्ट का दरबाजा खटखटाया था और वहां से •ाी उन्हें कोई राहत नहीं मिली और यदि उन्हें कुछ गलत लग रहा है तो वह कोर्ट जा सकते है। उन्होंने कहा कि पंचकूला मोहाली में रजिस्टर्ड आटो को चंडीगढ़ प्रशासन ने कोई परमिट नहीं दे रखा। उन्होंने कहा कि डीजल से चलने वाले आटो को शहर में चलने नहीं दिया जाएगा।

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