चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
•ााजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद नवजोत सिद्धू को अकाली दल खासकर बादल परिवार के खिलाफ हरियाणा विधान स•ाा चुनाव प्रचार दौरान धुंआधार •ााषण करना महंगा पड़ गया है। हरियाणा विधान स•ाा चुनाव का परिणाम आने से पहले पंजाब सरकार ने अपना परिणाम देते हुए सिद्धू की ‘वाई श्रेणी’सुरक्षा में कट लगा दिया है। हालांकि पंजाब पुलिस के अधिकारी इसे रूटीन में सुरक्षा कम करने की बात कह रहे है परन्तु राजनीतिज्ञ इसे राजनीतिक रंजिश मानते है।
बता दें कि हरियाणा विधान स•ाा चुनाव में इनेलो से गठबंधन पर
नवजोत सिद्धू ने अकाली दल की तीखी आलोचना की थी। पुलिस के आला अधिकारी इसे रुटीन रिव्यू बता
रहे हैं लेकिन इसे चुनाव प्रचार के दौरान अकालीदल के
खिलाफ की गई सिद्धू की टिप्पणी से जोड़ कर देखा जा रहा
है। जानकारी अनुसार •ााजपा के फायर ब्रांड नेता नवजोत सिंह को
पंजाब सरकार की ओर से वाई कैटगरी की सुरक्षा
मुहैया कराई गई है। इसमे पंजाब पुलिस के 6-8 पुलिस
कर्मचारी सिद्धू की सुरक्षा में लगे थे। जिनमें दो एनजीओ (थानेदार) रैंक के अधिकारी •ाी शामिल है। राष्टÑीय पार्टी का नेता,पूर्व सांसद व सेलीब्रेटी होने कारण वाई श्रेणी के जरिये पंजाब पुलिस द्वारा पायलट •ाी उपलब्लध करवाई जाती है। परन्तु पुलिस प्रशासन ने अचानक एक निर्णय लेते हुए सिद्धू की सुरक्षा को घटा दिया है। अब उनक ी सुरक्षा में पंजाब पुलिस के दो
जवान रहेंगे। एक आला पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने
की शर्त पर बताया कि पूर्व सांसदों की सुरक्षा में दो या
तीन जवानों को ही लगाया जाता है। जब उनसे पूछा गया
कि पुलिस ने क्या सरकार के निर्देश पर यह फैसला
लिया, अधिकारी ने कहा कि सिद्धू की सुरक्षा की समीक्षा
की जानी थी जो की गई है। इसे सियासत से जोड़ कर न
देखा जाए।
उधर, पंजाब •ााजपा ने राज्य सरकार के इस निर्णय को
बेहद गं•ाीरता से लिया है। यह •ाी सं•ाावना जताई जा
रही है कि प्र्धानमंत्री कार्यालय के आदेश पर केंद्रीय
गृह मंत्रालय जल्द ही सिद्धूू की सुरक्षा की समीक्षा कर
उनकी सुरक्षा को और चाक चौबंद करे। सिद्धू की पत्नी एवं मुख्य
संसदीय सचिव नवजोत कौर तुरंत दिल्ली रवाना हो गई
हैं। समझा जाता है कि वह बुधवार को केंद्रीय गृह
मंत्री राजनाथ सिंह और अरुण जेतली से मुलाकात कर इस
मामले में हस्तक्षेप की मांग करेंगी। मालूम हो कि
हरियाणा में चुनाव प्रचार के दौरान नवजोत सिद्धू ने
इनेलो से गठबंधन करने वाले अकालीदल पर तीखा हमला
बोला था और इसे •ााजपा की पीठ में छुरा •ोंकने वाला
कदम करार दिया। सिद्धू के पंजाब सरकार खासकर
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उप मुख्यमंत्री सुखबीर
बादल से सुखद नहीं रहे। अमृतसर के विकास प्रोजेक्टों
को लेकर उनकी ताबड़तोड़ बयानबाजी से मुख्यमंत्री
बादल •ाी खुद को असहज महसूस कर रहे थे।
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