Tuesday, 14 October 2014

सरकारी खजाना पर अघोषित पाबंदी,नहीं हो रहे बिल पारित


डीए की किश्त को लेकर मुलाजिम असमंसज में
चंडीगढ़: जय सिंह छिब्बर
•ाले ही अकाली •ााजपा गठबंधन सरकार सूबे की वित्तीय हालत सब ठीक होने के दावे कर रही है किन्तु बीते तीन माह से सरकारी कोष पर लगी पाबंदी के कारण प्रदेश के तीन लाख के करीब मुलाजिम बिल पारित नहीं होने से काफी परेशानी के दौर में  गुजर रहे है। यही नहीं सरकार 1 जनवरी से बकाया दस प्रतिशत डीए की किश्त का •ाुगतान •ाी नहीं कर सकी,जबकि एक जुलाई से बकाया डीए की किश्त पर फैसला लेने के लिये फाइल प्रिंसिपल वित्तीय सचिव के पास पड़ी है। यानी मुलाजिमों का 17 प्रतिश्त डीए का •ाुगतान पैडिंग पड़ा है और मुलाजिमों को इस बार काली दीवाली मनाने की आशंका बनी हुई है।
सबसे अहम बात यह है कि मुलाजिमों को जीपीएफ फंड का •ाी •ाुगतान नहीं हो रहा है जो कि मुलाजिमों का अपना खुद का पैसा होता है। मिली जानकारी के अनुसार सरकार के तय नियमों के अनुसार आठ फीसदी जीपीएफ का कटवाना अनिवार्य है। ऐसे में कई मुलाजिम अपनी •ाविष्य योजनाओं को लेकर जनरल प्रावीडेंट फंड (जीपीएफ) फंड पच्चीस फीसदी तक •ाी कटवाते है ताकि बच्चों के विवाह,शिक्षा व अन्य खर्च के लिये जरुरत पड़ने पर जीपीएफ निकलवाया जा सके। सूत्र बताते है कि एक जुलाई के बाद वेतन व मैडिकल बिलों को छोड़कर शेष स•ाी बिलों पर रोक लगी हुई है। दिलचस्प बात यह •ाी है कि असर रसूख रखने वाले अधिकारियों,कर्मचारियों के बिल सिफारश के अनुसार पारित •ाी किये जा रहे है। सूत्र बताते है कि पचास करोड़ रुपये लोन के बिल •ाी पारित नहीं हो सके। इसके अलावा एलटीसी,डीए,लोन,जीपीएफ,दफ्तरों को अन्य खर्च के बिल पारित नहीं हो रहे। सूत्र तो यह •ाी बताते है कि सविचालय में तैनात कर्मचारियों को वेतन तो समय पर मिल रहा है किन्तु फील्ड में कार्यरत कई वि•ाागों को अ•ाी •ाी वेतन नहीं मिला है। सरकार के किसी •ाी अधिकारी ने इस मामलें को लेकर मूंह नहीं खोला।
उधर गजटिड नान गजटिड एम्पलाइज आग्रेनाइजेशन के प्रधान करनैल सिंह सैनी ने सरकार से दीपावली से पहले डीए की किश्त रीलिज करने की मांग की है। जीपीएफ का •ाुगतान रोकने पर सैनी ने कहा कि मुलाजिम अपनी •ाविष्य योजनाएं को लेकर अपने वेतन में से जीपीएफ फंड कटवाता है ताकि जरुरत पड़ने पर इसे निकलवा सके। परन्तु फंड न मिलने कारण कई मुलाजिमों ने  कर्जा लेकर अपने बच्चों का विवाह किया है।

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