हाईकोर्ट का फैसला ------
आईपीएएस नौनिहाल सिंह के जमीन खरीद मामलें की विजिलेंस जांच के आदेश
विजिलेंस को छह माह में जांच कर जरूरी कदम उठाने को कहा
लुधियाना के दो सगे भाईयों ने दायर की थी याचिका
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब केडर के आईपीएस अधिकारी (यूटी के पूर्व एसएसपी) नौनिहाल सिंह व अन्य द्वारा दो सौ करोड़ रुपये की जमीन खरीदने के मामलें की विजिलेंस जांच के आदेश दिये है। हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच की मांग को लेकर दायर याचिका पर सोमवार को सुनवाई करते हुए सीबीआई मांग को नकारते हुए छह माह के भीतर विजिलेंस जांच के आदेश दिये है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद आईपीएस अधिकारी नौनिहाल सिंह, उनके भाई गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी रूपवंत सिंह और उनके ससुर हवा सिंह जो कि हरियाणा के पूर्व एडवोकेट जनरल है,की मुशिकलें बढ़ सकती है।
लुधियाना निवासी जसविंदर पाल सिंह तथा उसके भाई हरमीत सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि पंजाब केडर के आईपीएस अधिकारी नौनिहाल सिंह,उसके भाई गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी रूपवंत सिंह, ससुर हरियाणा के पूर्व एडवोकेट जनरल हवा सिंह हुडा और भतीजे लवलीन सिंह ने तमिलनाडु व आंध्र प्रदेश में करोड़ों रुपये की करीबन दो सौ एकड़ कामीन खरीद की है। शिकायतकर्ताओं ने सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि वह 2002 में नौनिहाल के एसएसपी लुधियाना रहते समय उनके संपर्क में आए थे। तमिलनाडु में करोड़ों रुपये की जमीन बेनामी ट्रांजेक्शन के जरिए खरीद की है। याची अनुसार तमिलनाडु लैंड रिफोर्मस (फिक्सेशन ऑफ सिलिंग ऑन लैंड) एक्ट 1961 के मुताबिक पांच लोगों के परिवार का सिलिंग एरिया 30 एकड़ है। इसी तरह वैट लैंड की खरीद पर भी सिलिंग लिमिट 27 एकड़ है। डबल क्राप वैट लैंड पर यह लिमिट 18 एकड़ है। ऐसे में जमीन की खरीद नहीं की जा सकती थी।
जस्टिस एजी मसीह ने याचिका पर सुनवाई करते हुए विजिलेंस को छह माह के भीतर मामलें की जांच करने और जरूरी कदम उठाने के निर्देश देते हुए याचिका का निपटारा कर दिया है।
डीआईजी पीएपी तैनात है नौनिहाल सिंह --
नौनिहाल सिंह इस वक्त पंजाब पुलिस में डीआईजी आम्र्ड पुलिस फोर्स के पद पर तैनात हैं जबकि रूपवंत सिंह गुजरात के इंडस्ट्रियल एक्सटेंशन ब्यूरो के एमडी हैं। जबकि हवा सिंह हुडा हरियाणा में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुडा सरकार में एडवोकेट जनरल थे।
आईपीएएस नौनिहाल सिंह के जमीन खरीद मामलें की विजिलेंस जांच के आदेश
विजिलेंस को छह माह में जांच कर जरूरी कदम उठाने को कहा
लुधियाना के दो सगे भाईयों ने दायर की थी याचिका
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब केडर के आईपीएस अधिकारी (यूटी के पूर्व एसएसपी) नौनिहाल सिंह व अन्य द्वारा दो सौ करोड़ रुपये की जमीन खरीदने के मामलें की विजिलेंस जांच के आदेश दिये है। हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच की मांग को लेकर दायर याचिका पर सोमवार को सुनवाई करते हुए सीबीआई मांग को नकारते हुए छह माह के भीतर विजिलेंस जांच के आदेश दिये है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद आईपीएस अधिकारी नौनिहाल सिंह, उनके भाई गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी रूपवंत सिंह और उनके ससुर हवा सिंह जो कि हरियाणा के पूर्व एडवोकेट जनरल है,की मुशिकलें बढ़ सकती है।
लुधियाना निवासी जसविंदर पाल सिंह तथा उसके भाई हरमीत सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि पंजाब केडर के आईपीएस अधिकारी नौनिहाल सिंह,उसके भाई गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी रूपवंत सिंह, ससुर हरियाणा के पूर्व एडवोकेट जनरल हवा सिंह हुडा और भतीजे लवलीन सिंह ने तमिलनाडु व आंध्र प्रदेश में करोड़ों रुपये की करीबन दो सौ एकड़ कामीन खरीद की है। शिकायतकर्ताओं ने सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि वह 2002 में नौनिहाल के एसएसपी लुधियाना रहते समय उनके संपर्क में आए थे। तमिलनाडु में करोड़ों रुपये की जमीन बेनामी ट्रांजेक्शन के जरिए खरीद की है। याची अनुसार तमिलनाडु लैंड रिफोर्मस (फिक्सेशन ऑफ सिलिंग ऑन लैंड) एक्ट 1961 के मुताबिक पांच लोगों के परिवार का सिलिंग एरिया 30 एकड़ है। इसी तरह वैट लैंड की खरीद पर भी सिलिंग लिमिट 27 एकड़ है। डबल क्राप वैट लैंड पर यह लिमिट 18 एकड़ है। ऐसे में जमीन की खरीद नहीं की जा सकती थी।
जस्टिस एजी मसीह ने याचिका पर सुनवाई करते हुए विजिलेंस को छह माह के भीतर मामलें की जांच करने और जरूरी कदम उठाने के निर्देश देते हुए याचिका का निपटारा कर दिया है।
डीआईजी पीएपी तैनात है नौनिहाल सिंह --
नौनिहाल सिंह इस वक्त पंजाब पुलिस में डीआईजी आम्र्ड पुलिस फोर्स के पद पर तैनात हैं जबकि रूपवंत सिंह गुजरात के इंडस्ट्रियल एक्सटेंशन ब्यूरो के एमडी हैं। जबकि हवा सिंह हुडा हरियाणा में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुडा सरकार में एडवोकेट जनरल थे।
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