हाईकोर्ट के हरियाणा व पंजाब सरकार को निर्देश
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा एवं पंजाब सरकार द्वारा किसानों की गन्ने की बकाया राशी का भुगतान न करने के एक मामलें की सुनवाई करते हुए दोनों राज्यों की सरकारों को 10 सितंबर तक बकाया राशि का भुगतान करने के आदेश जारी किये है। मंगलवार को जस्टिस एसके मित्तल व जस्टिस एचएस सिद्बू के आधारित खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए दोनों सरकारों को फटकार लगाते हुए कहा कि वह किसानों को जैसे तैसे अदायगी करें। इस मामलें पर अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी।
पंजाव व हरियाणा राज्य के किसानों को गन्ने की बकाया राशि का भुगतान न करने को लेकर समाज सेवी संस्था लोक भलाई इंसाफ वेलफेयर सोसायटी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रखी है। याची अनुसार पंजाब में शुगर मिलों ने किसानों का करीब 700 करोड़ तथा हरियाणा में शुगर मिलों ने किसानों का 900 करोड़ रुपये का भुगतान करना है। शुगर मिलों द्वारा किसानों की बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा। जिससे किसानों की आर्थिक हालत खराब हो रही है और किसान परेशान हैं। याचिका में कहा गया कि पंजाब में 1 अक्टूबर 2014 से 15 अप्रैल तक किसानों द्वारा बेची गई गन्ने की फसल का 700 करोड़ रुपये लंबित है। सरकार किसान हितैषी होने का दम भर रही है। दूसरी ओर हरियाणा में हालात और भी बदतर हैं। हरियाणा के किसानों को उनकी फसल के करीब 900 करोड़ रुपये की बकाया राशि नहीं मिल रही। याची ने कहा कि किसानों को अपनी फसल बेचने के बावजूद उन्हें पैमेंट को लेकर तरसना पड़ रहा है।
मंगलवार को सुनवाई दौरान दोनों राज्यों के सरकारी वकीलों ने कोर्ट को जवाब में बताया कि केंद्र सरकार गन्ने के भुगतान को लेकर 6000 करोड़ रुपये ऋण देने की नीति तैयार कर रही है। ऐेसे में सभी राज्यों के किसानों को बकाया राशि का भुगतान किया जाएगा। कोर्ट ने सख्त रूख अख्तियार करते हुए कहा कि केंद्र पाल्सी बनाए या नहीं ,दोनो राज्य की सरकारें जैसे तैसे 10 सितंबर तक गन्ने की बकाया राशि का भुगतान करें।
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा एवं पंजाब सरकार द्वारा किसानों की गन्ने की बकाया राशी का भुगतान न करने के एक मामलें की सुनवाई करते हुए दोनों राज्यों की सरकारों को 10 सितंबर तक बकाया राशि का भुगतान करने के आदेश जारी किये है। मंगलवार को जस्टिस एसके मित्तल व जस्टिस एचएस सिद्बू के आधारित खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए दोनों सरकारों को फटकार लगाते हुए कहा कि वह किसानों को जैसे तैसे अदायगी करें। इस मामलें पर अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी।
पंजाव व हरियाणा राज्य के किसानों को गन्ने की बकाया राशि का भुगतान न करने को लेकर समाज सेवी संस्था लोक भलाई इंसाफ वेलफेयर सोसायटी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रखी है। याची अनुसार पंजाब में शुगर मिलों ने किसानों का करीब 700 करोड़ तथा हरियाणा में शुगर मिलों ने किसानों का 900 करोड़ रुपये का भुगतान करना है। शुगर मिलों द्वारा किसानों की बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा। जिससे किसानों की आर्थिक हालत खराब हो रही है और किसान परेशान हैं। याचिका में कहा गया कि पंजाब में 1 अक्टूबर 2014 से 15 अप्रैल तक किसानों द्वारा बेची गई गन्ने की फसल का 700 करोड़ रुपये लंबित है। सरकार किसान हितैषी होने का दम भर रही है। दूसरी ओर हरियाणा में हालात और भी बदतर हैं। हरियाणा के किसानों को उनकी फसल के करीब 900 करोड़ रुपये की बकाया राशि नहीं मिल रही। याची ने कहा कि किसानों को अपनी फसल बेचने के बावजूद उन्हें पैमेंट को लेकर तरसना पड़ रहा है।
मंगलवार को सुनवाई दौरान दोनों राज्यों के सरकारी वकीलों ने कोर्ट को जवाब में बताया कि केंद्र सरकार गन्ने के भुगतान को लेकर 6000 करोड़ रुपये ऋण देने की नीति तैयार कर रही है। ऐेसे में सभी राज्यों के किसानों को बकाया राशि का भुगतान किया जाएगा। कोर्ट ने सख्त रूख अख्तियार करते हुए कहा कि केंद्र पाल्सी बनाए या नहीं ,दोनो राज्य की सरकारें जैसे तैसे 10 सितंबर तक गन्ने की बकाया राशि का भुगतान करें।
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