लेक्चरार पद पर नियुक्ति को लेकर रिश्वत मांगने का मामला
6 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में लंबित एक मामलें को सुलझाने के लिये डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन के दो मुलाजिमों द्वारा एक महिला लेकचरार से रिश्वत मांगने के मामलें में डीपीआई पंजाब बलवीर सिंह ने हाईकोर्ट में माफी मांगी है। जस्टिस अरूण पल्ली ने मामलें पर सुनवाई 6 अगस्त तक स्थिगत कर दी है। लेकचरार अंग्रेजी के पद पर नियुक्ति को लेकर हाईकोर्ट में लंबित याचिका के मामलें को सुलझाने के दायर याचिका की सुनवाई दौरान मंगलवार को डीपीआई (सेकेंडरी) के डीलिंग हैंड सुखविंदर सिंह तथा कानूनी सहायक सुनील द्वारा रिश्वत की मांग के मामले पर डीपीआई सेकेंडरी एजूकेशन बलबीर सिंह ने माफी मांगी है।
डीपीआई ने अपने जवाब में कहा कि दोनों कर्मचारियों पर भारी जुर्माना लगाने के लिए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके जवाब में कर्मचारियों ने चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर याची के पति से मिलने की बात को तो स्वीकार किया है लेकिन रिश्वत की बात से साफ मना कर दिया है। दोनों कर्मचारियों को चार्जशीट जारी कर भर्ती शाखा बदल दिया गया है। बता दें कि लेकचरार की नियुक्ति की मांग को लेकर याची नवदीप कौर को डीपीआई (सेकेंडरी) कार्यलय में केस डील कर रहे डीलिंग हैंड सुखविंदर सिंह का फोन आया कि उन्हें कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई से पहले ही नियुक्ति पत्र जारी किया जा सकता है यदि वे तीन से चार लाख रुपये खर्च करें। नवदीप के पति अवतार सिंह ने फोन पर इस सारी बातचीत को रिकार्ड कर लिया। डीलिंग हैंड सुखविंदर सिंह ने ला अफसर सुनील से भी उनकी फोन पर बात करवाई थी। तय प्रोग्राम अनुसार 2& मई को सुबह दस बजे के करीब सुखविंदर सिंह ने अपने साथी सुनील के साथ अवतार सिंह से एक घंटे मुलाकात भी की। दोनों कर्मचारिोयं ने कहा था कि फाइल ने को कई जगहों से गुजरना है। जिस कारण उन्हें तीन -चार लाख रुपये रिश्वत देनी होगी और राशि अदा न करने पर कोर्ट में उनकी नियुक्ति का विभाग विरोध करेगा और याची के केस जीत जाने पर भी विभाग आसानी से नियुक्ति न देकर उन्हें परेशान करेगा और सही जगह नियुक्ति नहीं दी जाएगी। यह सारी बात याची के पति ने रिकार्ड की थी।
इस मामलें की अगली सुनवाई 6 अगस्त को होगी।
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