डा. अंबेदकर के नाम पर -------
साल भर मनाई जाएगी अंबेदकर ज्यंती
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
दलित वोट बैंक को फिर से अपने साथ जोडऩे के लिये कांग्रेस हाईकमान ने संविधान निर्माता डा अंबेदकर की 125 ज्यंती के उपलक्ष्य में देशभर में विशेष कार्यक्रम आयोजन करने का फैसला किया है ताकि कांग्रेस से दूर हुए दलितों को फिर से पार्टी के साथ जोड़ा जा सके। बता दें कि बीते लंबे समय से दलित कांग्रेस पार्टी के हक में वोट डालते रहे है और बहुजन समाज पार्टी ने कांग्रेस के इस वोट बैंक को काफी नुक्सान पहुंचाया था। परन्तु बीते आम चुनाव दौरान देश भर में दलित वोट बैंक भाजपा के हक में भुगता था। जिसको लेकर कांग्रेस काफी चिंतत है क्योंकि भारतीय जनता पार्टी की ओर से भी अंबेडकर ज्यंती पर विशेष प्रोग्राम करने का प्रोग्राम है। बीते माह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पार्टी के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी द्वारा अमृतसर में आयोजित समारोह में विशेष तौर पर शामिल हुए थे।
कांग्रेस द्वारा बीते कल हरियाणा में एक पच्चीस सदस्यीय कमेटी गठित की है,जो कि प्रदेश में डा अंबेदकर ज्यंती के उपलक्ष्य में कार्यक्रम तय करेगी। सूत्रों का कहना है कि पार्टी अंबेडकर ज्यंती के माध्यम से जहां दलित वोट बैंक को अपने साथ जोडऩे का प्रयास करेगी वहीं पार्टी में चल रही गुटबाजी को खत्म करना चाहती है। हाईकमान ने प्रदेश प्रधान डा अशोक तंवर व पूर्व मुख्यमंत्री भुपेंद्र सिंह हुड्डा के बीच बनी दूरियां को खत्म करने के लिये ही हुड्डा तथा उनके बेटे दीपेंद्र हुड्डा को इस कमेटी में स्थान दिया है। सूत्र बताते है कि आलाकमान हुड्डा की लोकप्रिय से पूरी तरह वाकिफ है और उन्हें छोडऩा नहीं चाहती। इसलिये हुड्डा द्वारा शुरू किये गये जन जागरण अभियान में पार्टी के वरिष्ठ नेता व प्रदेश मामलों के प्रभारी डा शकील अहमद सहित अन्य नेता शामिल हुए है। हालांकि डा शकील अहमद प्रधान मंत्री नरिंदर मोदी एवं हरियाणा में खट्टर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज करवाने वाले प्रत्येक कांग्रेसी का समर्थन करने की बात कर रहे है परन्तु हकीकत यह है कि पार्टी आलाकमान प्रदेश में वरिष्ठ नेताओं के बीच बढ़ रही दुरियों से काफी चिंतत है। चर्चा तो यह भी है कि पूर्व मुख्यमंत्री भुपेंद्र सिंह हुड्डा नयी पार्टी भी बना सकते है। हालांकि हुड्डा कांग्रेस में ही रहने और नयी पार्टी न बनाने की बात करते है फिर भी आलाकमान इसे हलके में नहीं ले रही। यही हाल पंजाब में भी है। पंजाब में पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का प्रदेश प्रधान प्रताप सिंह बाजवा के साछ छत्तीस का आंकड़ा चल रहा है। ऐसे में वरिष्ठ नेताओं को साथ लेकर चलने और कार्यकर्ताओं के बीच जोश पैदा करने के लिये कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्तर पर ऐसे प्रोग्राम लांच किये है ताकि जमीनी स्तर पर कांग्रेस का पौधा पल फूल सके।
साल भर मनाई जाएगी अंबेदकर ज्यंती
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
दलित वोट बैंक को फिर से अपने साथ जोडऩे के लिये कांग्रेस हाईकमान ने संविधान निर्माता डा अंबेदकर की 125 ज्यंती के उपलक्ष्य में देशभर में विशेष कार्यक्रम आयोजन करने का फैसला किया है ताकि कांग्रेस से दूर हुए दलितों को फिर से पार्टी के साथ जोड़ा जा सके। बता दें कि बीते लंबे समय से दलित कांग्रेस पार्टी के हक में वोट डालते रहे है और बहुजन समाज पार्टी ने कांग्रेस के इस वोट बैंक को काफी नुक्सान पहुंचाया था। परन्तु बीते आम चुनाव दौरान देश भर में दलित वोट बैंक भाजपा के हक में भुगता था। जिसको लेकर कांग्रेस काफी चिंतत है क्योंकि भारतीय जनता पार्टी की ओर से भी अंबेडकर ज्यंती पर विशेष प्रोग्राम करने का प्रोग्राम है। बीते माह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पार्टी के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी द्वारा अमृतसर में आयोजित समारोह में विशेष तौर पर शामिल हुए थे।
कांग्रेस द्वारा बीते कल हरियाणा में एक पच्चीस सदस्यीय कमेटी गठित की है,जो कि प्रदेश में डा अंबेदकर ज्यंती के उपलक्ष्य में कार्यक्रम तय करेगी। सूत्रों का कहना है कि पार्टी अंबेडकर ज्यंती के माध्यम से जहां दलित वोट बैंक को अपने साथ जोडऩे का प्रयास करेगी वहीं पार्टी में चल रही गुटबाजी को खत्म करना चाहती है। हाईकमान ने प्रदेश प्रधान डा अशोक तंवर व पूर्व मुख्यमंत्री भुपेंद्र सिंह हुड्डा के बीच बनी दूरियां को खत्म करने के लिये ही हुड्डा तथा उनके बेटे दीपेंद्र हुड्डा को इस कमेटी में स्थान दिया है। सूत्र बताते है कि आलाकमान हुड्डा की लोकप्रिय से पूरी तरह वाकिफ है और उन्हें छोडऩा नहीं चाहती। इसलिये हुड्डा द्वारा शुरू किये गये जन जागरण अभियान में पार्टी के वरिष्ठ नेता व प्रदेश मामलों के प्रभारी डा शकील अहमद सहित अन्य नेता शामिल हुए है। हालांकि डा शकील अहमद प्रधान मंत्री नरिंदर मोदी एवं हरियाणा में खट्टर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज करवाने वाले प्रत्येक कांग्रेसी का समर्थन करने की बात कर रहे है परन्तु हकीकत यह है कि पार्टी आलाकमान प्रदेश में वरिष्ठ नेताओं के बीच बढ़ रही दुरियों से काफी चिंतत है। चर्चा तो यह भी है कि पूर्व मुख्यमंत्री भुपेंद्र सिंह हुड्डा नयी पार्टी भी बना सकते है। हालांकि हुड्डा कांग्रेस में ही रहने और नयी पार्टी न बनाने की बात करते है फिर भी आलाकमान इसे हलके में नहीं ले रही। यही हाल पंजाब में भी है। पंजाब में पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का प्रदेश प्रधान प्रताप सिंह बाजवा के साछ छत्तीस का आंकड़ा चल रहा है। ऐसे में वरिष्ठ नेताओं को साथ लेकर चलने और कार्यकर्ताओं के बीच जोश पैदा करने के लिये कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्तर पर ऐसे प्रोग्राम लांच किये है ताकि जमीनी स्तर पर कांग्रेस का पौधा पल फूल सके।
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