Wednesday, 17 June 2015

मानव अधिकार आयोग के पास सबसे अधिक शिकायतें पुलिस के खिलाफ

मानव अधिकार आयोग के पास सबसे अधिक शिकायतें पुलिस के खिलाफ
चंडीगढ़ : जय सिंह छिब्बर
भले ही प्रदेश सरकार सूबे में भ्रष्टाचार खत्म करने और पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार लाने का दम भर रही है परन्तु हकीकत यह है कि हरियाणा में सत्ता परिवर्तन के बाद भी पुलिस की कार्यशैली में कोई अधिक अंतर नहीं आया है। पुलिस का आमजन के प्रति रवैया पहले जैसा ही है। इसका भेद मानव अधिकार आयोग के पास पहुंच रही शिकायतों से खुलता है।
मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश से मानव अधिकार आयोग के पास जितनी शिकायतें पहुंच रही है उसमें से साठ फीसदी शिकायतों का सबंध प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से पुलिस विभाग से होता है।
सूत्रों के अनुसार पुलिस के खिलाफ निरंतर पहुंच रही शिकायतों से मानव अधिकार आयोग काफी नाराज है। हालांकि मानव अधिकारों के प्रति समय समय पुलिस को ट्रेनिंग देने के साथ साथ मानव अधिकारों का सखती से पालन करने के भी दिशानिर्देश  दिये जाते है परन्तु पुलिस की कार्यशैली में कोई सुधार नहीं आ रहा है और मानव अधिकारों का उलंघन लगातार हो रहा है।
१८०० से अधिक शिकायतें पुलिस के खिलाफ-----
जानकारी के अनुसार प्रदेश में मिर्चपुर केस के बाद सितंबर २०१२ में मानव अधिकार आयोग गठित किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने मिर्चपुर मामलें की सुनवाई हरियाणा मानवाधिकार आयोग को देने की बात कही तो यह मामला सामने आया था कि हरियाणा में मानव अधिकार आयोग ही नहीं है। सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद ही प्रदेश में मानवाधिकार आयोग का गठन किया गया था।
आयोग के आंकड़े बताते है कि आयोग गठित होने के बाद अब तक करीब तीन हजार शिकायतें मानव अधिकार आयोग के पास पहुंची है इनमें से १८०० से अधिक केवल पुलिस विभाग से संबंधित है। जहां यह भी बताना जरूरी है कि ३३ के करीब मामलें ऐसे सामने आये थे ,जिन पर मानव अधिकार ने खुद संज्ञान लिया है।
चेयरमैन सहित आयोग के तीन सदस्य ----
भले ही सरकार ने मानव अधिकारों को लेकर आयोग गठित कर रखा है परन्तु जहां स्टाफ का भी काफी टोटा है। आयोग के चेयरमैन के अलावा दो अन्य सदस्य है। रोजाना तीस के करीब मामलों पर आयोग की ओर से सुनवाई की जाती है। परन्तु पुलिस के खिलाफ पहुंच रही शिकायतों व पुलिस द्वारा मानव अधिकारों के हनन करने से आयोग सखत है। आयोग के सदस्य जेएस अहलावत ने बताया कि आयोग के पास तीन हजार के लगभग शिकायतें आई है जिनमें से दो हजार का निपटारा कर दिया गया है। जबकि  अन्य सदस्य जस्टिस एचएस भल्ला कहा कहना है कि पुलिस अधिकारियों को मानव अधिकारों बारे कई बार प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने कहा कि आयोग फिर से सेमिनार लगाकर पुलिस विभाग को मानव अधिकारों के प्रति जागरूक करेगा।


No comments:

Post a Comment