पंजाब व हरियाणा की जेलों में 200 के करीब मनोरोगी कैदी भी बंद
चंडीगढ़ 14 अक्तूबर : जय सिंह छिब्बर
एक तरफ पंजाब में कुछ सिख संगठन सजा पूरी काट चुके कैदियों की रिहाई की मांग कर रहे है और सरकार खासकरके पंजाब पुलिस जेलों में सजा पूरी कर चुके किसी भी कैदी के ना होने की बात करती रही है। परन्तु सजा पूरी होने के बावजूद जेल काट रहे कैदियों को लेकर हाईकोर्ट द्वारा लिए गए स्वयं संज्ञान मामले में मंगलवार को पंजाब सरकार ने जवाब दाखिल कर बताया कि अमृतसर जेल में 38 ऐसे कैदी हैं जिनकी सजा पूरी होने के बावजूद उन्हें रिहा नहीं किया जा सका है। हैरानीजनक बात यह है कि इनमें 19 कैदी मानसिक रोगी भी है। पंजाब सरकार ने बताया कि इन कैदियों के विदेशी होने के चलते इन्हें रिहा नहीं किया जा सकता। इनको डिपोर्ट करने के लिए केंद्र सरकार को कई बार लिखा गया परंतु अभी तक इन्हें डिपोर्ट नहीं किया गया है। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार के इस जवाब को रिकार्ड पर लेते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
मामले में हलफनामा दाखिल कर पंजाब सरकार ने बताया कि जेल के ट्रांजिट कैंप में मौजूद ऐसे कैदी भी हैं जिन्हें पंजाब सरकार चाहकर भी रिहा नहीं कर सकती। इन कैदियों को रिहा न कर पाने का सबसे बड़ा कारण इनका विदेशी मूल का होना है। इस कारण इन कैदियों को रिहा कर छोड़ा नहीं जा सकता क्योंकि नियमों के अनुसार इन्हें डिपोर्ट किया जाना है। इन कैदियों को डिपोर्ट करने का अधिकार व जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है। पंजाब सरकार ने बताया कि इन सभी कैदियों ने अपनी सजा पूरी कर ली है और अब ये अमृतसर की जेल में स्थित ट्रांजिट कैंप में मौजूद हैं। इन कैदियों के बारे में जानकारी देते हुए पंजाब सरकार ने बताया कि 38 कैदियों में से 19 ऐसे हैं जो मानसिक रूप से बीमार हैं। इन कैदियों को उपचार तो मुहैया करवाया जा रहा है लेकिन यहां पर केंद्र सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि इन कैदियों की वतन वापिसी का रास्ता साफ किया जाए। पंजाब सरकार ने इसके लिए केंद्र सरकार को कई बार लिखा परंतु अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए जिसके चलते वतन वापसी का इंतजार कर रहे कैदी अपना जीवन ट्रांजिट कैंप में गुजारने को मजबूर हैं। हाईकोर्ट ने इस पर कड़ा रवैया अपनाते हुए केंद्र सरकार को फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने मामले में केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के निर्देश भी दिए। अभी तक केंद्र सरकार इस मामले में प्रतिवादी नहीं थी। मंगलवार को कोर्ट के आदेशों पर केंद्र सरकार को प्रतिवादी सूची में शामिल किया गया।
--हरियाणा और पंजाब की जेलों में करीब 200 मनोरोगी कैदी
जेल में मनोरोगी कैदियों का रिकार्ड देते हुए हरियाणा और पंजाब सरकार ने हलफनामा दाखिल किया। पंजाब सरकार ने बताया कि पंजाब की जेलों में 74 ऐसे कैदी हैं जो मनोरोगी हैं वहीं हरियाणा सरकार ने अपने हलफनामे में मनोरोगियों की सं या 100 से अधिक बताई। हरियाणा व पंजाब सरकार ने बताया कि सरकार जेल में कैद मनोरोगियों को उपचार मुहैया करवा रही है। दोनों के हलफनामे को रिकार्ड पर लेते हुए हाईकोर्ट ने आदेश जारी कर कहा कि हरियाणा व पंजाब सरकार बताए कि इन कैदियों को रखने के लिए अगल से बैरिक व अन्य क्या व्यवस्थाएं की गई है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई गाईड लाईन के अनुसार जिन लोगों को उम्रकैद की सजा काट रहे कैदियों पर सुप्रीम कोर्ट के ओदशों के अनुरूप सरकार की क्या राय है। जिन मामले मे प्री मिच्योर रिलीज का लाभ दिया जा सकता है उन कैदियों को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का लाभ दिया जा सकता है उनकी रिहाई पर राज्य सरकार की क्या राय है। सुप्रीम कोर्ट ने 23 जुलाई के आदेशों में कहा था कि सी.बी.आई. जांच के बाद मिली सजा व सेंट्रल ला के मामलों में सजा प्राप्त करने वालों के अलावा अन्य कैदियों की सजा को राज्य माफ कर सकता है।
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